Rajasthan

पानी में अठखेलियां करते दिखे बाघिन ST-2302 के दोनों शावक, वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर ने कैमरे में कैद किया नजारा

Last Updated:October 13, 2026, 16:07 IST

Alwar Sariska Tiger Reserve: अलवर के सरिस्का बफर जोन में सफारी के दौरान बाघिन ST-2302 के करीब 18 महीने के दोनों शावक पानी में अठखेलियां करते नजर आए. अंधेरी ट्रैक के पास वाटर पॉइंट पर उनकी मस्ती को वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर राम यादव ने कैमरे में कैद किया. सरिस्का के बफर क्षेत्र में इन दिनों पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है. अंधेरी, बारा और लिवारी ट्रैक पर बाघ-बाघिन और शावकों की साइटिंग हो रही है.

ख़बरें फटाफट

Amazon Prime DayTop Deals Insideसरिस्का के अंधेरी ट्रैक पर दिखी बाघिन के शावकों की मस्ती, पानी में खेलते दिखे Zoomपानी में अठखेलियां करते दिखे बाघिन ST-2302 के दोनों शावक

अलवर: अलवर में सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर जोन से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों का ध्यान खींच रहा यह वीडियो है. सरिस्का बफर जोन में सफारी के दौरान प्रसिद्ध बाघिन एसटी-2302 के दोनों शावक अंधेरी ट्रैक और चोड की होदी स्थित वाटर प्वाइंट में पानी के अंदर अठखेलियां और मस्ती करते नजर आए. कड़ाके की धूप और गर्मी के बीच पानी में उतरकर एक-दूसरे से उछल-कूद करते इन नन्हे शावकों का यह मनमोहक नजारा पर्यटकों के लिए बेहद खास बन गया है.

लगभग 18 महीने के हो चुके इन दोनों बाघ शावकों की पानी में अटखेलियों और मखमली हरकतों के इस नजारे को प्रसिद्ध वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर राम यादव ने अपने कैमरे में कैद कर लिया है. वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि बाघिन एसटी-2302 और उसके दोनों शावकों की अंधेरी ट्रैक तथा आसपास के जंगलों में लगातार साइटिंग हो रही है. इस बाघिन को बाला किला, अंधेरी और करणी सागर के पास कई बार देखे जाने के कारण स्थानीय स्तर पर इसे ‘करणी’ के नाम से भी पुकारा जाता है.

सफारी की बुकिंग में काफी इजाफा हुआइन दिनों सरिस्का टाइगर रिजर्व के साथ-साथ सरिस्का बफर क्षेत्र में भी पर्यटकों का आने जाने में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है. देश-विदेश के इलाकों से आने वाले पर्यटकों को सफारी के दौरान अंधेरी, बारा और लिवारी ट्रैक पर अक्सर बाघ, बाघिनों और उनके छोटे शावकों के दीदार हो रहे हैं. बफर जोन में आसानी से हो रही साइटिंग ने पर्यटकों के उत्साह को दोगुना कर दिया है, जिससे सफारी की बुकिंग में बढ़ोतरी हुई है.

इको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में उभरावन विभाग के अनुसार, वर्तमान में सरिस्का के बफर जोन में कुल ग्यारह बाघ, बाघिन और शावक अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं. सरिस्का के इस विशेष क्षेत्र में बाघों की बढ़ती संख्या और उनका सुरक्षित प्राकृतिक आवास वन्यजीव संरक्षण के दृष्टिकोण से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. बाघों के कुनबे में हो रही इस वृद्धि से बफर जोन का क्षेत्र एक प्रमुख इको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में उभर रहा है.

ट्रैक पर लगातार पैनी निगरानी बनाए हुएवाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर्स के लिए सरिस्का का यह बफर क्षेत्र इन दिनों किसी स्वर्ग से कम साबित नहीं हो रहा है. खुले प्राकृतिक परिवेश में बाघिन और उसके शावकों की ऐसी रोमांचक तस्वीरें और गतिविधियां न केवल पर्यटकों को लुभा रही हैं, बल्कि वन विभाग के संरक्षण प्रयासों की सफलता को भी उजागर कर रही हैं. वन प्रशासन भी पर्यटकों की सुरक्षा और बाघों के सुचारू विचरण के लिए ट्रैक पर लगातार पैनी निगरानी बनाए हुए है.

About the AuthorJagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

और पढ़ेंLocation :

Alwar,Rajasthan

First Published :

October 13, 2026, 16:07 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj