पाली के इस शख्स की जिद ने बदल दी गांव की किस्मत, छोटे स्टेशन पर रुकने लगीं एक्सप्रेस ट्रेनें

पाली. राजस्थान के पाली जिले में स्थित सोमेसर गांव आज पूरे राज्य में एक मिसाल बन चुका है. शायद ही कोई ऐसा दूसरा छोटा गांव होगा, जिसके रेलवे स्टेशन पर इतनी लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें रुकती हो. इस असंभव लगने वाले काम को संभव कर दिखाया है एक अकेले शख्स हुमसिंह सेपटावास और उनकी टीम के प्रयासों ने. हुकम सिंह पिछले लंबे समय से इसी मिट्टी में रहकर सोमेसर की तस्वीर बदलने में जुटे हैं. उनके लगातार किए जा रहे प्रयासों का ही कमाल है कि आज इस छोटे से गांव के स्टेशन पर वो ट्रेनें रुकती हैं, जिनके लिए लोग बड़े शहरों के चक्कर काटा करते थे.
हुकम सिंह और उनकी मारवाड़ युवा समिति का सफर यहीं नहीं रुका है.अब उन्होंने सोमेसर में बेंगलुरु एक्सप्रेस के ठहराव का बीड़ा उठाया है और उम्मीद है कि इसको भी जल्द देश के रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव इन लोगो की परेशानी को देखते हुए इसकी भी अनुमति जल्द दे ही देंगे. सोमेसर की तस्वीर और तकदीर बदलने वाले मारवाड़ युवा समिति के अध्यक्ष हुकम सिंह सेपटावास का सफर यहीं थमता नहीं दिख रहा है. अब उन्होंने सोमेसर रेलवे स्टेशन पर बेंगलुरु एक्सप्रेस के ठहराव का बीड़ा उठाया है, जिससे क्षेत्रवासियों में एक बार फिर से उम्मीद की नई किरण जाग उठी है.
असंभव को ऐसे बनाया संभव
एक समय था जब सोमेसर रेलवे स्टेशन की तरफ कोई विशेष ध्यान नहीं देता था. लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता हुकम सिंह सेपटावास के संघर्ष ने इस छोटे से गांव को देश के कई बड़े राज्यों और शहरों से जोड़ने का काम किया. उनके और मारवाड़ युवा समिति के प्रयासों से आज सोमेसर में कई महत्वपूर्ण ट्रेनें रुकती हैं. उदाहरण के तौर पर, योद्धा एक्सप्रेस (जो अहमदाबाद से हरिद्वार-ऋषिकेश तक जाती है) और जोधपुर-हडपसर (पुणे) एक्सप्रेस का ठहराव अब यहीं पर होता है. हुकम सिंह ने बताया कि इन ट्रेनों के स्टोपेज के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए, जिसमें पाली के सांसद पी.पी. चौधरी ने अहम दखल दिया और रेल मंत्रालय के माध्यम से क्षेत्रवासियों की इस बड़ी मांग को पूरा कराया. चूंकि इस क्षेत्र के अधिकांश लोग रोजगार और व्यापार के सिलसिले में बाहर बड़े शहरों में निवास करते हैं, इसलिए यह ट्रेनें उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं.
बेंगलुरु एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर उठी जोरदार मांग
हाल ही में सोमेसर रेलवे स्टेशन पर ‘रेल जनसंवाद कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया. मारवाड़ युवा समिति के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इस दौरान रेलवे अधिकारी एडिशनल डिवीज़न मेंबर नरेंद्र गौतम और स्टेशन अधीक्षक रणविजय कुमार से संवाद कर बेंगलुरु एक्सप्रेस ट्रेन के सोमेसर में ठहराव की मांग प्रमुखता से रखी गई.
जनता को मिलेंगे बड़े लाभ
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हुकम सिंह सेपटावास ने कहा कि सोमेसर रेलवे स्टेशन आसपास के दर्जनों गांवों के यात्रियों के लिए आवागमन का एक महत्वपूर्ण केंद्र है. बेंगलुरु एक्सप्रेस का ठहराव होने से दक्षिण भारत जाने वाले विद्यार्थियों, व्यापारियों, नौकरीपेशा युवाओं और आम यात्रियों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी. उन्होंने दो टूक कहा कि क्षेत्र का विकास और आमजन की समस्याओं का समाधान ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. पूर्व के प्रयासों की सफलता को दोहराते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि बेंगलुरु ट्रेन के ठहराव के लिए भी समिति पूरी प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी के साथ प्रयास जारी रखेगी.
मारवाड़ युवा समिति की यह टीम कर रही प्रयास
मारवाड़ युवा समिति के अध्यक्ष हुकम सिंह सेपटावास के अलावा उपाध्यक्ष आनंद प्रसाद,समाजसेवी सुन्नीलाल ,प्रवीण आर्य, लक्ष्मण सिंह राजपुरोहित, अर्जुन कोली, अशोक कड़ेला,हर्षित सिंह शेखावत, मुकेश भाटी, मोहम्मद अद्रिस, महिपाल टेलर,बाबूलाल भाटी, गंगा राम हीरागर सहित क्षेत्र के तमाम प्रबुद्ध नागरिक प्रयास में जुटे हुए है. समिति के सभी सदस्यों ने रेलवे प्रशासन से पुरजोर आग्रह किया है कि वे इस क्षेत्र की जनभावनाओं और यात्रियों की व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बेंगलुरु एक्सप्रेस के ठहराव पर जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लें.



