पैरों में सोना पहनने से क्यों किया जाता है मना? जानिए क्या कहती है हिंदू परंपरा

Last Updated:September 11, 2026, 21:44 IST
भारतीय समाज में आपने महिलाओं को पैरों में चांदी के कड़े और पायल पहनते हुए तो देखा होगा. 16 श्रृंगार में भी चांदी के पैरों वाले आभूषणों का खास महत्व हैं. लेकिन क्या आपने सोचा है कि पैरों मे चांदी के ही कड़े और कंगन क्यों पहने जाते हैं. महिलाएं पैरों में सोने के कड़े और पायल क्यों नहीं पहनती हैं. आइए जानते है इसका कारण.
भारतीय संस्कृति में सोने को केवल एक कीमती धातु नहीं, बल्कि शुभता, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. भगवान और देवी-देवताओं की प्रतिमाओं से लेकर महिलाओं के आभूषणों तक सोने का खास महत्व रहा है. ग्रामीण अंचलों में भी सोने के आभूषण सामाजिक सम्मान और पारिवारिक समृद्धि से जुड़े माने जाते हैं.
भारतीय परंपरा में सोने को शरीर के ऊपरी हिस्से में धारण करने की मान्यता है, जबकि पैरों में सोने के आभूषण पहनने से बचने की परंपरा रही है. आखिर इसके पीछे क्या कारण है? इसे लेकर धार्मिक मान्यताओं के साथ कई ज्योतिषी कई पारंपरिक तर्क भी बताते हैं.
करौली के ज्योतिषी पंडित मनीष उपाध्याय ने बताया है कि हिंदू परंपरा में सोने को देवी लक्ष्मी और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इसी वजह से सोने को शरीर के ऐसे अंगों पर धारण करने की परंपरा रही है. इन्हें सम्मानजनक माना जाता है. पैरों को शरीर का निचला हिस्सा माना जाता है और उनका संपर्क जमीन से रहता है. ऐसे में पैरों में सोना पहनना धार्मिक रूप से उचित नहीं माना गया.
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वह बताते है कि मान्यता है कि सोने को पैरों में धारण करने से देवी लक्ष्मी का अपमान माना जाता है. यही वजह है कि भारतीय परंपरा में महिलाओं के लिए सोने की पायल या कड़े के बजाय चांदी के आभूषण पहनने का चलन अधिक रहा है. हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों में इस परंपरा को लेकर मान्यताएं अलग भी हो सकती हैं.
व्यावहारिक दृष्टि से देखें तो पैरों में पहने जाने वाले आभूषणों को जमीन, धूल, पानी और लगातार घर्षण का सामना करना पड़ता है. सोना काफी नरम धातु होने के कारण ऐसे आभूषणों में खरोंच या घिसाव जल्दी हो सकता है. यही कारण भी हो सकता है कि पारंपरिक रूप से पैरों में चांदी के आभूषण पहनने का चलन अधिक विकसित हुआ.
पैरों में सोने के आभूषण न पहनने की परंपरा भारतीय समाज में लंबे समय से चली आ रही है. समय के साथ धार्मिक विश्वास, सामाजिक परंपराएं और व्यावहारिक कारण आपस में जुड़ते गए. इसके साथ यह मान्यता मजबूत होती गई. आज भी भारतीय समाज में महिलाओं के पैरों में सोना पहनना शुभ नहीं माना जाता. इसके अलावा चांदी की पायल, बिछिया और कड़े सामान्य रूप से पहने जाते हैं.
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September 11, 2026, 21:44 IST



