फर्जी हाईकोर्ट आदेश मामले में बैंक मैनेजर का दावा, विधायक के बेटे ने भेजा था मैसेज

Last Updated:November 06, 2026, 12:14 IST
Jhunjhunu Fake High Court Order Case: झुंझुनूं के कथित फर्जी हाईकोर्ट आदेश मामले में नया मोड़ आया है. जिस मोबाइल नंबर से सूरजगढ़ एसडीएम को कथित आदेश व्हाट्सएप किया गया था, उससे जुड़े पंजाब नेशनल बैंक के सीनियर मैनेजर रमेश भूकर खुद सूरजगढ़ थाने पहुंच गए. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस विधायक श्रवण कुमार के बेटे जयप्रकाश ने उन्हें यह मैसेज भेजा था और विधायक के कहने पर उन्होंने इसे एसडीएम को फॉरवर्ड किया था. भूकर के अनुसार, उन्होंने दस्तावेज पढ़े बिना ही एक मिनट के भीतर आगे भेज दिया था. उन्होंने यह भी कहा कि विधायक और एसडीएम के बीच फोन पर बातचीत हो रही थी, जिसकी पुष्टि कॉल रिकॉर्ड से हो सकती है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.झुंझुनूं के कथित फर्जी हाईकोर्ट आदेश मामले में नया मोड़ आया है.
झुंझुनूं. पंचायती राज चुनाव के दौरान मतदाता सूची में नाम बहाल कराने और चुनाव लड़ने की अनुमति से जुड़े कथित फर्जी हाईकोर्ट आदेश के मामले में नया मोड़ आ गया है. जिस मोबाइल नंबर से सूरजगढ़ एसडीएम को कथित आदेश व्हाट्सएप पर भेजा गया था, उस नंबर से जुड़े पंजाब नेशनल बैंक के सीनियर मैनेजर रमेश भूकर शुक्रवार को खुद सूरजगढ़ थाने पहुंच गए. उन्होंने पुलिस से मुलाकात कर मामले में जांच में सहयोग करने की बात कही. मीडिया से बातचीत में रमेश भूकर ने दावा किया कि कथित आदेश उन्हें सूरजगढ़ से कांग्रेस विधायक श्रवण कुमार के बेटे जयप्रकाश ने व्हाट्सएप पर भेजा था. विधायक के कहने पर उन्होंने यह मैसेज एसडीएम को फॉरवर्ड किया था. भूकर ने यह भी कहा कि उन्होंने कथित आदेश को बिना पढ़े ही आगे भेज दिया था.
रमेश भूकर ने बताया कि वह पंजाब नेशनल बैंक में सीनियर मैनेजर हैं और चिड़ावा व झुंझुनूं में भी सेवाएं दे चुके हैं. उनके अनुसार, जिस दिन कथित आदेश भेजा गया, उस समय विधायक श्रवण कुमार भी उनके साथ मौजूद थे. विधायक अपने बेटे जयप्रकाश के चुनाव से जुड़े मामले को लेकर चिंतित थे और एसडीएम से फोन पर संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे. भूकर का दावा है कि विधायक ने उन्हें एसडीएम संदीप चौधरी का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया और जयप्रकाश से प्राप्त मैसेज को उस नंबर पर फॉरवर्ड करने के लिए कहा.
एक मिनट में फॉरवर्ड किया था मैसेज
भूकर ने मैसेज भेजने का समय बताते हुए कहा कि उन्हें जयप्रकाश की ओर से दोपहर 3:14 बजे कथित आदेश प्राप्त हुआ था. उन्होंने इसे 3:15 बजे एसडीएम को फॉरवर्ड कर दिया और 3:16 बजे ‘प्लीज चेक’ लिखकर एक और मैसेज भेजा. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने दस्तावेज को पढ़े बिना ही आगे भेज दिया था. उनके अनुसार, एसडीएम से उनकी पहले कोई जान-पहचान नहीं थी और न ही उनके पास एसडीएम का मोबाइल नंबर था. विधायक ने ही उन्हें यह नंबर दिया था. रमेश भूकर ने यह भी कहा कि विधायक श्रवण कुमार और एसडीएम के बीच फोन पर बातचीत हो रही थी. इसकी पुष्टि कॉल रिकॉर्ड से की जा सकती है. उन्होंने एसडीएम को अपने नंबर से मैसेज भेजे जाने की जानकारी विधायक या जयप्रकाश की ओर से दिए जाने की संभावना भी जताई.
क्या है फर्जी हाईकोर्ट आदेश का मामला?
यह पूरा मामला सूरजगढ़ से कांग्रेस विधायक श्रवण कुमार के बेटे जयप्रकाश से जुड़ा है. जयप्रकाश ने ग्राम पंचायत जीणी, पंचायत समिति सूरजगढ़ के वार्ड संख्या 5 की मतदाता सूची से अपना नाम हटाए जाने को चुनौती दी थी. इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश के नाम पर एक कथित दस्तावेज रिटर्निंग अधिकारी को व्हाट्सएप के जरिए भेजा गया था. दस्तावेज में जयप्रकाश का नाम तत्काल मतदाता सूची में बहाल करने और पंचायती राज चुनाव में नामांकन दाखिल करने के साथ चुनाव लड़ने की अनुमति दिए जाने का उल्लेख था.
हालांकि, मामले की जांच में सामने आया कि 16 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने केवल याचिका को 27 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए थे. अदालत की ओर से उस दिन नाम बहाल करने या चुनाव लड़ने की अनुमति देने संबंधी कोई अंतरिम राहत नहीं दी गई थी. ऐसे में कथित आदेश की प्रामाणिकता और इसे तैयार करने तथा प्रसारित करने में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है. रमेश भूकर ने कहा कि वह अपनी ओर से पुलिस जांच में सहयोग करने के लिए खुद थाने पहुंचे हैं. उन्होंने जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Jhunjhunu,Rajasthan
First Published :
November 06, 2026, 12:14 IST



