फाइनल ट्रायल जीतकर भी Asian Games से बाहर हुई दिव्यांशी, वीडियो में छलका दर्द

Last Updated:September 12, 2026, 12:58 IST
Kota Wushu player Divyanshi Choudhary dropped from Asian Games: एशियन गेम्स में देश के लिए मेडल जीतने का सपना देखने वाली कोटा की वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी का अंतिम समय में टीम से नाम काट दिया गया है. दिव्यांशी ने जून में फाइनल ट्रायल जीता था और उन्हें जर्सी भी मिल गई थी. लेकिन फेडरेशन ने मेडिकल रिपोर्ट और चोट का हवाला देकर उनकी जगह नाओरेम रोशीबीना देवी को टीम में शामिल कर लिया. दिव्यांशी ने फेडरेशन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और एक भावुक वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में उन्होंने हताश होकर आत्महत्या तक की बात कही है, जिससे मामला बेहद गंभीर हो गया है.
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Kota Wushu Player Divyanshi: एशियन गेम्स से पत्ता कटने पर रोई कोटा की दिव्यांशी, वीडियो में कही खौफनाक बात
Kota: एशियन गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करने और मेडल जीतने का सपना देखने वाली राजस्थान के कोटा की एक होनहार बेटी का सपना अचानक टूट गया है. सालों की कड़ी मेहनत के बाद भारतीय वुशु टीम में चयनित होने, टीम की जर्सी और किट मिलने के बावजूद अंतिम समय में दिव्यांशी चौधरी को टीम से बाहर कर दिया गया. जापान रवाना होने से ठीक पहले हुए इस पूरे घटनाक्रम ने खेल जगत में हलचल मचा दी है. दिव्यांशी का नाम हटाकर उनकी जगह नाओरेम रोशीबीना देवी को टीम में शामिल किया गया है. इस फैसले के बाद दिव्यांशी पूरी तरह से टूट गई हैं और उन्होंने फेडरेशन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी का दावा है कि उन्होंने एशियन गेम्स के लिए कड़ी मेहनत की थी. जून के महीने में हुए फाइनल सिलेक्शन ट्रायल में उन्होंने 60 किलो भार वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए नाओरेम रोशीबीना देवी को हराया था. उनके इसी शानदार प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन भारतीय टीम में हुआ था. इसके बाद दिव्यांशी ने करीब तीन महीने तक भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के विशेष कैंप में एशियन गेम्स की तैयारी भी की थी. उन्हें भारतीय टीम की किट और आधिकारिक जर्सी भी सौंप दी गई थी, जिससे उनका परिवार बेहद खुश था. लेकिन ऐन वक्त पर उनका नाम सूची से हटा दिया गया.
श्रीनगर कैंप में चोट और फेडरेशन का दावाइस पूरे विवाद की जड़ वह चोट है, जो दिव्यांशी को ट्रेनिंग के दौरान लगी. दिव्यांशी के अनुसार, श्रीनगर में चल रहे ट्रेनिंग कैंप के दौरान उनके कंधे में चोट लग गई थी. उन्होंने डॉक्टर से अपना इलाज कराया और डॉक्टर की सलाह पर टेपिंग के साथ खेलना जारी रखा. दिव्यांशी का कहना है कि चोट के बावजूद उन्होंने चीन में हुए एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और देश के लिए सिल्वर मेडल भी जीता. दूसरी ओर, इस मामले में वुशु एसोसिएशन का पक्ष बिल्कुल अलग है. फेडरेशन का कहना है कि दिव्यांशी पूरी तरह से फिट नहीं थीं. उन्हें एशियन गेम्स में न भेजने का फैसला पूरी तरह से मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है. एसोसिएशन के मुताबिक, निजी डॉक्टर की रिपोर्ट और SAI (भारतीय खेल प्राधिकरण) की मेडिकल रिपोर्ट अलग-अलग थीं. SAI की आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट में दिव्यांशी को बड़े टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह से फिट नहीं बताया गया था, जिसके चलते यह कड़ा फैसला लेना पड़ा.
साजिश के आरोप और खिलाड़ी का शानदार रिकॉर्डविवाद केवल चोट तक सीमित नहीं है. दिव्यांशी और उनके पिता ने आरोप लगाया है कि श्रीनगर कैंप में लगी चोट कोई सामान्य घटना नहीं थी. उनका दावा है कि रोशीबीना देवी के साथ हुए एक प्रैक्टिस मुकाबले में दिव्यांशी के कंधे पर जानबूझकर वार किया गया. हालांकि, वुशु एसोसिएशन ने जानबूझकर चोट पहुंचाने के इन गंभीर आरोपों से साफ इनकार किया है. एसोसिएशन का तर्क है कि वुशु एक मार्शल आर्ट का खेल है, जिसमें कड़े मुकाबले के दौरान चोट लगना बेहद आम बात है. दिव्यांशी का पुराना अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड भी इस विवाद को और गंभीर बनाता है. उन्होंने 2024 जूनियर वर्ल्ड वुशु चैंपियनशिप के 60 किलो वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. इसके अलावा जून 2026 में चीन में सिल्वर मेडल और राजस्थान के लिए अलग-अलग राज्य स्तर पर 12 गोल्ड मेडल भी उनके नाम दर्ज हैं. इतने शानदार रिकॉर्ड वाली खिलाड़ी का बाहर होना कई सवाल खड़े कर रहा है.
भावुक वीडियो ने बढ़ा दी चिंताटीम से बाहर होने के बाद दिव्यांशी गहरे सदमे में हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना एक बेहद भावुक कर देने वाला वीडियो जारी किया है. वीडियो के आखिरी हिस्से में दिव्यांशी फूट-फूट कर रोती हुई नजर आ रही हैं. उन्होंने अपने माता-पिता से माफी मांगी और मानसिक दबाव में आकर आत्महत्या तक करने की बात कह दी. इसके बाद उन्होंने कैमरा घर की छत की ओर घुमा दिया और इसे अपना आखिरी वीडियो बताया. इस खौफनाक वीडियो के सामने आने के बाद खेल प्रशासन और स्थानीय प्रशासन सकते में है, और खिलाड़ी की काउंसलिंग के प्रयास किए जा रहे हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Kota,Kota,Rajasthan
First Published :
September 12, 2026, 12:58 IST



