बनने आए थे बॉलर, बन गए दुनिया के खूंखार बल्लेबाज, ये हैं क्रिकेट के 5 बड़े उलटफेर

नई दिल्ली: कभी-कभी ऐसा होता है कि हम किसी और राह पर चल रहे होते हैं, लेकिन हमारी मंजिल कुछ और होती है. क्रिकेट के मैदान पर भी कुछ खिलाड़ियों के साथ ऐसा ही हुआ है. दुनिया के कुछ नामचीन क्रिकेटर, जिन्होंने आज बल्लेबाजी में बुलंदियाँ हासिल की हैं, उन्होंने असल में शुरुआत कुछ और बनने के लिए की थी. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ दिग्गज क्रिकेटरों के बारे में.
स्टीव स्मिथ
इस लिस्ट में पहला नाम ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ खिलाड़ी स्टीव स्मिथ का है. स्मिथ ने अपने करियर का आगाज मुख्य रूप से एक लेग-स्पिनर के रूप में किया था, जो निचले क्रम में थोड़ी-बहुत बल्लेबाजी कर लेते थे. साल 2010 में जब उनका इंटरनेशनल डेब्यू हुआ, तब उन्हें ऑस्ट्रेलिया के अगले शेन वॉर्न के तौर पर देखा जा रहा था और वह आठवें या नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करते थे. बाद में उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी तकनीक पर कड़ी मेहनत की और आज वह दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में गिने जाते हैं.
रोहित शर्मा
भारत के दिग्गज ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा की भी ऐसी ही कुछ कहानी है. रोहित अपने स्कूल के दिनों में एक ऑफ-स्पिनर के तौर पर खेलते थे. उनके कोच दिनेश लाड ने उनके अंदर बल्लेबाजी की ऐसी प्रतिभा देखी कि उन्होंने रोहित को गेंदबाजी छोड़कर पूरी तरह बल्लेबाजी पर ध्यान लगाने की सलाह दी. हालांकि, उनके इंटरनेशनल करियर की शुरुआत एक मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में हुई थी, लेकिन उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 2013 की आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी रहा, जब तत्कालीन कप्तान एमएस धोनी ने उनसे ओपनिंग कराई. उसके बाद तो रोहित ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
सनथ जयसूर्या
श्रीलंका के दिग्गज सनथ जयसूर्या भी उन्हीं क्रिकेटरों में से एक हैं. जयसूर्या ने अपने करियर की शुरुआत एक स्पिन गेंदबाज के रूप में की थी और निचले क्रम में वह केवल तेजी से रन बनाने वाले बल्लेबाज थे. 1989 में डेब्यू के बाद कई सालों तक वह सातवें या आठवें नंबर पर आते थे और टीम में उनका मुख्य काम कसी हुई गेंदबाजी कर रन रोकना और विकेट निकालना था. 1995-96 के दौरान श्रीलंकाई टीम मैनेजमेंट और कप्तान अर्जुन रणतुंगा ने उन्हें वनडे में ओपनिंग करने भेजा. यहीं से जयसूर्या पर से स्पिनर का ठप्पा हटा और वह एक विस्फोटक सलामी बल्लेबाज के रूप में स्थापित हो गए.
केविन पीटरसन
इंग्लैंड के सबसे सफल बल्लेबाजों में गिने जाने वाले केविन पीटरसन की भी कुछ ऐसी ही कहानी है. दक्षिण अफ्रीका के घरेलू क्रिकेट में पीटरसन ने अपने सफर की शुरुआत एक ऑफ-स्पिनर के तौर पर की थी, जो पुछल्ले बल्लेबाज के रूप में क्रीज पर उतरते थे. बाद में काउंटी क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के बाद 2004-05 में उन्हें इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम में मध्यक्रम के प्रमुख बल्लेबाज के रूप में चुना गया. उसके बाद पीटरसन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जो किया, वह इतिहास है.
नासिर जमशेद
इस लिस्ट में पाकिस्तान के नासिर जमशेद का नाम भी शामिल है. नासिर जमशेद शुरुआत में एक तेज गेंदबाज बनना चाहते थे, क्योंकि वह वसीम अकरम और शोएब अख्तर को खेलते हुए देखकर बड़े हुए थे. वह उन्हीं की तरह तूफानी रफ्तार से गेंद फेंकना चाहते थे. हालांकि, जूनियर स्तर पर ट्रायल्स और क्लब मैचों के दौरान स्थानीय कोचों ने भांप लिया कि उनकी तेज गेंदबाजी की तुलना में उनकी स्वाभाविक बल्लेबाजी टाइमिंग और बैकफुट पंच ज्यादा असरदार हैं. इसके बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान बाएं हाथ की बल्लेबाजी पर केंद्रित किया और आगे चलकर एक सफल ओपनर बने.



