Rajasthan

बाबा के दरबार में अनोखी भेंट, 40 किमी पैदल चलकर चढ़ाया 1.2 किलो चांदी से बना सीमेंट प्लांट

चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में आस्था और भक्ति की अनोखी तस्वीर सामने आई है. निम्बाहेड़ा के एक व्यापारी ने अपने कारोबार में सफलता मिलने पर भगवान को करीब 1 किलो 200 ग्राम चांदी से बना सीमेंट प्लांट का मॉडल चढ़ाया है. करीब 2 लाख 40 हजार रुपये कीमत की यह अनोखी भेंट मंदिर में श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बन गई.

निम्बाहेड़ा के रहने वाले धर्मराज बंजारा वेदांश इंटरप्राइजेज नाम से कारोबार चलाते हैं. साल 2017 से वे सीमेंट प्लांट में ठेकेदारी का काम कर रहे हैं. धर्मराज का परिवार सीमेंट के कारोबार से दशकों से जुड़ा हुआ है. उनके पिता भी इसी कंपनी में नौकरी करते थे.

धर्मराज का मानना है कि कारोबार में मिली सफलता सिर्फ उनकी मेहनत का नतीजा नहीं, बल्कि सांवलिया सेठ की कृपा भी है. बचपन से ही वे अपने माता-पिता के साथ मंदिर आते रहे हैं और सांवलिया सेठ को अपना आराध्य देव मानते हैं.

भगवान को चढ़ाया कारोबार से जुड़ा अनोखा मॉडल

आमतौर पर श्रद्धालु मंदिरों में सोना, चांदी, नकदी या आभूषण चढ़ाते हैं. लेकिन धर्मराज ने अपनी आस्था को एक अलग तरीके से व्यक्त करने का फैसला किया. उन्होंने मनोकामना पूरी होने पर अपने कारोबार से जुड़ी भेंट भगवान को अर्पित करने का फैसला लिया था.

इसी के तहत उन्होंने सीमेंट प्लांट की चांदी से बना मॉडल तैयार करवाया. इस मॉडल को बनाने में करीब 1 किलो 200 ग्राम शुद्ध चांदी का इस्तेमाल हुआ है. इसकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 40 हजार रुपये बताई जा रही है.

40 किलोमीटर पैदल चलकर मंदिर पहुंचे

धर्मराज बंजारा ने अपने परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ निम्बाहेड़ा से श्री सांवलिया सेठ मंदिर तक करीब 40 किलोमीटर की पदयात्रा की. यात्रा के दौरान डीजे पर भक्ति गीत बजते रहे और श्रद्धालु सांवलिया सेठ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे.

मंदिर पहुंचने के बाद सुबह दर्शन किए गए. इसके बाद परिवार की मौजूदगी में चांदी से बना सीमेंट प्लांट का मॉडल भगवान सांवलिया सेठ के चरणों में अर्पित किया गया.

कारोबार में भगवान को साझेदार मानने की परंपरा

चित्तौड़गढ़ का श्री सांवलिया सेठ मंदिर व्यापारियों और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है. कई व्यापारी अपने कारोबार की शुरुआत भगवान का आशीर्वाद लेकर करते हैं. सफलता मिलने पर उन्हें भेंट अर्पित करते हैं.

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