‘वैभव सूर्यवंशी अलग मिट्टी के बने हैं, थोड़ा इंतजार कीजिए,’ 1996 विश्व कप के हीरो का बड़ा बयान

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‘वैभव अलग मिट्टी के बने हैं, थोड़ा इंतजार करें,’ 1996 WC हीरो का बयान
Last Updated:September 20, 2026, 21:34 IST
श्रीलंका के पूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या ने भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को ‘अलग तरह की प्रतिभा’ और भारत का भविष्य करार दिया है. 1996 विश्व कप के हीरो जयसूर्या ने सलाह दी कि इस किशोर खिलाड़ी को भारतीय अंतिम एकादश में शामिल करने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ियों के कारण टीम में कड़ी प्रतिस्पर्धा है. जब भी वैभव को मौका मिलेगा, वह उसे जरूर भुनाएगा.जयसूर्या का गुरुमंत्र, वैभव सूर्यवंशी भारत का भविष्य, पर मौका देने में न करें हड़बड़ी.
गुरुग्राम. श्रीलंका के पूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या ने वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है. जयसूर्या ने सूर्यवंशी को ‘अलग तरह की प्रतिभा’ करार देते हुए कहा कि इस किशोर खिलाड़ी को भारतीय अंतिम एकादश में शामिल करने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. सूर्यवंशी हाल में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा थे, लेकिन टीम प्रबंधन ने पारी की शुरुआत के लिए नियमित जोड़ी संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा पर ही भरोसा कायम रखा.
जयसूर्या ने रविवार को कहा, ‘वह अलग तरह की प्रतिभा है. मुझे लगता है कि वह भारत का भविष्य है. उसके पास काफी समय है। इसलिए उसे अच्छा प्रदर्शन करने का मौका दीजिए और वह जरूर अच्छा करेगा.’ 1996 विश्व कप में श्रीलंका के स्टार प्रदर्शनकर्ताओं में शामिल रहे जयसूर्या ने कहा कि सूर्यवंशी में मिले मौकों को भुनाने की पूरी क्षमता है. उन्होंने कहा, ‘मौके मिलेंगे। वह किस स्थान पर खेलेगा, यह मैं नहीं कह सकता, यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है. लेकिन जब उसे मौका मिलेगा, वह उसे जरूर भुनाएगा. इसलिए इंतजार करते हैं और देखते हैं.’
जयसूर्या ने चयन और बल्लेबाजी क्रम पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा, ‘मैं चयन और बल्लेबाजी क्रम पर टिप्पणी नहीं कर सकता. मेरा मानना है कि वह बेहद प्रतिभाशाली है.’ जयसूर्या ने इसी संदर्भ में कहा कि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहना होगा. उन्होंने कहा, ‘हर खिलाड़ी में अलग-अलग प्रतिभा होती है और वे अभ्यास तथा ट्रेनिंग में कड़ी मेहनत करते हैं. भारत में हमेशा ऐसे खिलाड़ी तैयार रहते हैं जो उनकी जगह लेकर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं. यहां प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा है.’
इस 57 साल के पूर्व दिग्गज ने तीनों प्रारूपों में भारतीय क्रिकेट के ऊंचे स्तर की भी सराहना की. उन्होंने कहा, ‘भारत में क्रिकेट का स्तर बहुत ऊंचा है. वे सभी प्रारूपों (वनडे, टी20 और टेस्ट) में खेलते हैं. जब आप तीनों प्रारूपों में खेलते हैं तो यह आसान नहीं होता.’ उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों में देश के लिए खेलने का जुनून काफी ऊंचा है और यही वजह है कि बड़ी संख्या में खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं.
जयसूर्या के मुताबिक, कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े उन खिलाड़ियों को भी इस तरह के आयोजनों से आगे बढ़ने का मंच मिलता है, जिन्हें क्लब, अन्य स्तरों या राज्य स्तर पर खेलने का अवसर नहीं मिल पाया. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन भारतीय क्रिकेट के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं.
About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर
कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
September 20, 2026, 21:34 IST



