भक्तों के लिए जरूरी खबर, 19 घंटे बंद रहेगा बाबा का दरबार, जानिए क्या है वापस खुलने का समय

Last Updated:September 12, 2026, 11:39 IST
Khatu Shyam Mandir Timings Update: राजस्थान के सीकर स्थित खाटूश्याम जी मंदिर के दर्शनार्थियों के लिए जरूरी सूचना है. मंदिर कमेटी के अनुसार, 16 सितंबर की रात 10 बजे शयन आरती के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे. अगले दिन 17 सितंबर को बाबा श्याम का विशेष तिलक श्रृंगार और पूजा की जाएगी, जिसके चलते 19 घंटे तक दर्शन बंद रहेंगे. यह पूजा वैदिक मंत्रोच्चार और चंदन लेप के साथ संपन्न होती है. 17 सितंबर को शाम 4.30 बजे संध्या आरती के साथ मंदिर के पट भक्तों के लिए दोबारा खोल दिए जाएंगे. प्रशासन ने समय का ध्यान रखने की अपील की है.
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Khatu Shyamji: विश्व प्रसिद्ध खाटूश्याम जी मंदिर से जुड़े लाखों भक्तों के लिए एक बेहद जरूरी खबर सामने आई है. यदि आप भी अपने परिवार या दोस्तों के साथ इन दिनों राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटूश्याम जी मंदिर में आकर बाबा श्याम के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले इस खबर को पूरा जरूर पढ़ लें. ऐसा न हो कि आपको बिना बाबा श्याम के दर्शन किए ही मायूस होकर वापस लौटना पड़े. दरअसल, आने वाले दिनों में भक्तों के लिए खाटूश्याम जी का पवित्र मंदिर करीब 19 घंटों के लिए पूरी तरह से बंद रहने वाला है. इस महत्वपूर्ण जानकारी को लेकर श्री श्याम मंदिर कमेटी ने अपनी ओर से एक आधिकारिक सूचना भी जारी कर दी है.
श्री श्याम मंदिर कमेटी की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बाबा श्याम की विशेष पूजा-अर्चना और पवित्र तिलक श्रृंगार के चलते मंदिर को करीब 19 घंटे के लिए आम भक्तों के लिए पूरी तरह से बंद रखा जाएगा. श्री श्याम मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष रवि सिंह चौहान ने इस प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया कि प्राचीन मंदिर परंपरा के अनुसार बाबा श्याम का समय-समय पर विशेष रूप से तिलक श्रृंगार किया जाता है. इस खास और पवित्र धार्मिक प्रक्रिया में काफी लंबा समय लगता है और इसे पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ ही संपन्न किया जाता है. इस दौरान खाटूश्याम जी मंदिर के गर्भगृह में विराजमान बाबा श्याम के मस्तक पर विशेष रूप से तैयार किए गए चंदन का लेप किया जाता है. साथ ही, लगातार मंत्रोच्चार के साथ उनकी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. इस पूरी गुप्त और पवित्र पूजा में केवल मंदिर के मुख्य सेवादार और चुनिंदा पुजारी ही शामिल होते हैं, इसलिए इस समय बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित रहता है.
दर्शनार्थियों के लिए क्या है मंदिर का नया समयमंदिर के बंद रहने के समय के बारे में सटीक जानकारी देते हुए कोषाध्यक्ष रवि सिंह चौहान ने बताया कि आगामी 16 सितंबर (बुधवार) की रात 10 बजे होने वाली शयन आरती के बाद मंदिर के पट पूरी तरह से बंद कर दिए जाएंगे. इसके बाद अगले दिन, 17 सितम्बर (गुरुवार) को दिन भर मंदिर बंद रहेगा. इस पूरे समय के दौरान बाबा श्याम का अलौकिक तिलक श्रृंगार और विशेष पूजा संपन्न की जाएगी. तिलक श्रृंगार की यह लंबी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, 17 सितम्बर को ही शाम 4.30 बजे होने वाली संध्या आरती के समय मंदिर के पट वापस आम भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे. मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं से विशेष रूप से यह अपील की है कि वे निर्धारित समय का पूरा ध्यान रखें. मंदिर बंद रहने के दौरान वे दर्शन के लिए कतारों में न लगें, ताकि उन्हें और उनके परिवार को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.
कौन हैं हारे के सहारे बाबा श्यामबाबा श्याम को देशभर में ‘हारे का सहारा’ कहा जाता है और लाखों लोग उन्हें भगवान श्रीकृष्ण का ही कलियुगी अवतार मानते हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत के भीषण युद्ध के दौरान महाबली भीम के पौत्र बर्बरीक कौरवों की ओर से युद्ध में उतरने जा रहे थे. तभी भगवान श्रीकृष्ण ने एक साधारण ब्राह्मण का वेश धारण कर उनसे उनका शीश दान में मांग लिया. महान दानी बर्बरीक ने बिना किसी झिझक के तुरंत भगवान कृष्ण को अपना शीश काटकर दान कर दिया. बर्बरीक के इस अद्भुत बलिदान और भक्ति से अत्यधिक प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें यह वरदान दिया कि कलियुग में उन्हें स्वयं भगवान कृष्ण के ‘श्याम’ नाम से पूजा जाएगा और वे संसार के सभी हारे हुए और निराश लोगों के सबसे बड़े सहारा बनेंगे. उसी समय से बाबा श्याम अपने लाखों भक्तों के बीच ‘हारे के सहारे’ के पावन नाम से पूजे जाते हैं और उनके दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Sikar,Sikar,Rajasthan
First Published :
September 12, 2026, 11:39 IST



