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महापौर पर धारीवाल के बयान से बवाल, बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा, संदीप शर्मा बोले- भाषा की मर्यादा रखें

Last Updated:October 03, 2026, 10:35 IST

Kota Mayor Dispute: कोटा में नवनिर्वाचित महापौर अनुसुइया गोस्वामी को लेकर कांग्रेस नेता अमित धारीवाल की टिप्पणी पर बीजेपी ने आपत्ति जताई है. कांग्रेस कार्यालय में पार्षदों की बैठक के दौरान धारीवाल ने पार्षदों से महापौर पर निर्भर रहने के बजाय अधिकारियों से सीधे काम करवाने और जरूरत पड़ने पर उनका घेराव करने की बात कही थी. इसी दौरान उन्होंने महापौर को लेकर टिप्पणी की. इसके बाद कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने धारीवाल पर पलटवार करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन भाषा और सम्मान की मर्यादा बनी रहनी चाहिए. बीजेपी पार्षद नवीन माथुर ने भी टिप्पणी पर आपत्ति जताई है.कोटा महापौर पर धारीवाल के शब्दों से बढ़ा विवाद, बीजेपी बोली- पद की गरिमा रखेंZoomकोटा में नवनिर्वाचित महापौर अनुसुइया गोस्वामी को लेकर कांग्रेस नेता अमित धारीवाल की टिप्पणी पर सियासी घमासान तेज

कोटा. राजस्थान के कोटा में नवनिर्वाचित महापौर अनुसुइया गोस्वामी को लेकर कांग्रेस नेता अमित धारीवाल की टिप्पणी पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच विवाद शुरू हो गया है. कांग्रेस कार्यालय में पार्षदों की बैठक के दौरान धारीवाल ने पार्षदों से महापौर पर निर्भर रहने के बजाय अधिकारियों से सीधे अपने काम करवाने और जरूरत पड़ने पर अधिकारियों का घेराव करने की बात कही थी. इसी दौरान उन्होंने महापौर अनुसुइया गोस्वामी को लेकर कहा कि वह नई-नई महापौर हैं और उन्हें क्या लखण है. धारीवाल के इस बयान पर अब बीजेपी ने आपत्ति जताई है.

कांग्रेस नेता अमित धारीवाल ने पार्षदों की बैठक में कहा कि पार्षदों को अपने काम के लिए महापौर पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. उन्हें अधिकारियों से सीधे अपने काम करवाने चाहिए. जरूरत पड़ने पर अधिकारियों का घेराव भी किया जाना चाहिए. इसी दौरान महापौर अनुसुइया गोस्वामी को लेकर उन्होंने कहा कि वह नई-नई महापौर हैं, उन्हें क्या लखण है. धारीवाल की इस टिप्पणी के बाद मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया. कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने अमित धारीवाल के बयान पर पलटवार किया. शर्मा ने कहा कि चुनाव में हार के कारण कांग्रेस बौखला गई है और कांग्रेस नेताओं को बोलने का ढंग नहीं है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन भाषा और सम्मान की मर्यादा बनी रहनी चाहिए.

कांग्रेस नेताओं की महिलाओं को लेकर मानसिकता ठीक नहीं

संदीप शर्मा ने कहा कि महापौर शहर की प्रथम नागरिक होती हैं और अनुसुइया गोस्वामी महिला हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की महिलाओं को लेकर मानसिकता ठीक नहीं है. शर्मा ने कहा कि अगर धारीवाल को महापौर के अनुभव को लेकर बात करनी थी तो वह यह कह सकते थे कि महापौर नई हैं और उन्हें व्यवस्था समझने में समय लगेगा. लेकिन इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि किसी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और पद का सम्मान बनाए रखना जरूरी है. उन्होंने धारीवाल की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध के बावजूद इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.

बीजेपी पार्षद नवीन माथुर ने भी कांग्रेस नेता की टिप्पणी पर जताई आपत्ति 

मामले में बीजेपी पार्षद नवीन माथुर ने भी कांग्रेस नेता की टिप्पणी पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि महापौर शहर की प्रथम नागरिक होती हैं और उनके पद की अपनी गरिमा है. ऐसे में किसी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के लिए भाषा का इस्तेमाल करते समय पद की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि नगर निगम में विकास कार्यों और जनता से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बहस हो सकती है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी से विवाद बढ़ता है. दरअसल, कांग्रेस कार्यालय में हुई पार्षदों की बैठक में कांग्रेस ने अपने पार्षदों को निगम के कामकाज में सक्रिय भूमिका निभाने की रणनीति बताई थी. पार्षदों से कहा गया कि वे अपने वार्ड के विकास कार्यों के लिए अधिकारियों से सीधे संवाद करें और जरूरत पड़ने पर अधिकारियों पर दबाव बनाएं. इसी बैठक के दौरान महापौर को लेकर अमित धारीवाल की टिप्पणी सामने आई.

बीजेपी ने महापौर के अपमान से जोड़ते हुए कांग्रेस को घेरना शुरू किया

धारीवाल के बयान के बाद बीजेपी ने इसे महापौर के अपमान से जोड़ते हुए कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया. वहीं, कांग्रेस की बैठक में पार्षदों को अधिकारियों से सीधे काम करवाने और निगम में अपनी भूमिका मजबूत करने की बात कही गई थी. अब इस बयान को लेकर दोनों दलों के बीच जुबानी विवाद शुरू हो गया है. कोटा की स्थानीय राजनीति में यह विवाद अब नगर निगम के कामकाज से आगे बढ़कर राजनीतिक भाषा और जनप्रतिनिधियों के सम्मान तक पहुंच गया है. एक तरफ कांग्रेस अपने पार्षदों को निगम में सक्रिय भूमिका निभाने और अधिकारियों से काम करवाने की रणनीति पर जोर दे रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी महापौर को लेकर की गई टिप्पणी को मुद्दा बनाकर कांग्रेस नेताओं के बयान और भाषा पर सवाल उठा रही है.

About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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October 03, 2026, 10:35 IST

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