दिशा सालियान केस में नया मोड़, वकील के बड़े दावे से गरमाई सियासत- ‘हमारे कयास सच साबित हो रहे हैं’

Last Updated:October 03, 2026, 23:38 IST
दिशा सालियान की मौत को पुलिस ने शुरुआती जांच में आत्महत्या बताया था. अब इस मामले में नया मोड़ आया है, जहां दिशा के पिता के वकील नीलेश ओझा ने दावा किया है कि गृह मंत्रालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट से नए सबूत सामने आए हैं. वकील का आरोप है कि सचिन वाजे को नियमों के खिलाफ जाकर सेवा में बहाल किया गया था. इन तमाम जानकारियों और सबूतों को 3 अक्टूबर को सीबीआई को सौंप दिया गया है.
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दिशा सालियान, सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: दिशा सालियान, एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं. दोनों की मौत कुछ दिनों के अंतराल में हुई. दिशा सालियान की मौत 9 जून 2020 को तड़के करीब 2:25 बजे इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने से हुई थी. पुलिस ने निष्कर्ष निकाला था कि यह आत्महत्या थी और इसमें किसी गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला. राज्य सरकार की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को भी दिशा की मौत में किसी गड़बड़ी का कोई संकेत नहीं मिला. मगर इस केस में नया मोड़ आया है.
वकील नीलेश ओझा ने शनिवार 3 अक्टूबर को दिशा सालियन की मौत के मामले में कहा कि उनके पहले उठाए गए बिंदुओं की पुष्टि हो रही है क्योंकि और सबूत सामने आ रहे हैं. एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, वकील ने दावा किया कि पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की बहाली के संबंध में गृह मंत्रालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट ने मामले में नए सवाल खड़े कर दिए हैं. वकील नीलेश ने दिशा के पिता सतीश सालियन की ओर से कहा, ‘इस मामले में हमारे उठाए गए सभी बिंदुओं की पुष्टि हो रही है, क्योंकि और सबूत सामने आ रहे हैं. हमने जो कुछ भी दावा किया था, वह सच साबित हो रहा है.’
केस में मिला बड़ा सबूतवकील नीलेश ओझा ने एएनआई को बताया कि उन्हें गृह मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट में सबूत का एक नया हिस्सा मिला है. उन्होंने कहा, ‘हमें अब सबूत का एक नया हिस्सा मिला है- गृह मंत्रालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट. इसमें साफ कहा गया है कि 5 जून 2020 को सचिन वाजे को तत्काल सेवा में बहाल किया गया और क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) में नियुक्त किया गया.’
सचिन वाजे की नियुक्ति में नियमों का उल्लंघन वकील ने आगे आरोप लगाया कि सचिन वाजे की नियुक्ति लागू नियमों का उल्लंघन थी. नीलेश ओझा ने आगे कहा, ‘नियमों के अनुसार क्राइम इंटेलीजेंस यूनिट के लिए पुलिस इंस्पेक्टर (PI) रैंक के अधिकारी की जरूरत थी, लेकिन सचिन वाजे इस पैमाने को पूरा नहीं करते थे. वे निचले रैंक के थे, फिर भी नियमों का उल्लंघन करते हुए उन्हें वहां नियुक्त किया गया था. इस सबूत से पता चलता है कि सचिन वाजे को एक साजिश को अंजाम देने के लिए तुरंत बहाल किया गया था. इस साजिश में दिशा की हत्या और उसके बाद उसे छिपाने की कोशिश, साथ ही जबरन वसूली, ड्रग्स का धंधा और दूसरी गैर-कानूनी एक्टिविटी शामिल थीं.’ नीलेश ओझा ने बताया कि शनिवार 3 अक्टूबर को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन को सारी जानकारी सौंप दी गई थी.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…
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First Published :
October 03, 2026, 23:36 IST



