माउंट आबू के नए नाम पर संत ने दिखाई अनोखी आस्था, 200 KM दंडवत यात्रा कर पहुंचे आबूराज

Last Updated:September 27, 2026, 08:25 IST
Mount Abu News: माउंट आबू का नाम बदलकर ‘आबूराज’ किए जाने के समर्थन में पाली के संत बजरंगदास महाराज ने 200 किलोमीटर लंबी दंडवत यात्रा पूरी की है. 3 अगस्त को सोजत की गंगाबेरी गौशाला से शुरू हुई यह कठिन यात्रा करीब डेढ़ महीने बाद आबूराज के अग्नेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई. रास्ते में पाली और सिरोही के विभिन्न गांवों में संतों और लोगों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया. संतों की लंबे समय से मांग थी कि अंग्रेजों के दिए नाम ‘माउंट आबू’ को बदलकर इसका पौराणिक नाम ‘आबूराज’ या ‘अर्बुदांचल’ किया जाए.
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Mount Abu: राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू का नाम बदलकर ‘आबूराज’ किए जाने के राज्य सरकार के ऐतिहासिक फैसले का संत समाज और स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया है. इस बड़े फैसले के समर्थन में पाली जिले के एक प्रतिष्ठित संत ने एक अनोखी और कठिन मिसाल पेश की है. सोजत शहर की गंगाबेरी गौशाला के महंत बजरंगदास महाराज ने 200 किलोमीटर से अधिक की लंबी दंडवत यात्रा पूरी कर अपनी खुशी और सरकार के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया है. उनकी यह आस्था, विश्वास और कड़े संकल्प से भरी यात्रा अब विधिवत रूप से संपन्न हो गई है, जिसकी पूरे मारवाड़ और सिरोही क्षेत्र में खासी चर्चा हो रही है.
माउंट आबू का नाम बदलने की मांग काफी लंबे समय से उठ रही थी. जब राजस्थान सरकार ने जनभावनाओं और संतों की मांग को स्वीकार करते हुए इसका नाम ‘आबूराज’ कर दिया, तो महंत बजरंगदास महाराज ने इसके सम्मान में दंडवत यात्रा करने का बेहद कठिन संकल्प लिया. उन्होंने 3 अगस्त को पाली जिले के सोजत शहर में स्थित गंगाबेरी गौशाला से अपनी इस कठोर दंडवत यात्रा की शुरुआत की थी. बारिश और मुश्किल पहाड़ी रास्तों की परवाह किए बिना संत ने अपना सफर अनवरत जारी रखा. करीब डेढ़ महीने तक चली इस तपस्यापूर्ण यात्रा के दौरान संत के साथ उनके कई निष्ठावान सेवक और श्रद्धालु भी पूरे भक्तिभाव के साथ हर कदम पर मौजूद रहे.
पाली से सिरोही तक के सफर में जगह-जगह हुआ स्वागतमहंत बजरंगदास महाराज की यह 200 किलोमीटर लंबी आस्था की यात्रा पाली और सिरोही जिले के कई छोटे-बड़े गांवों और कस्बों से होकर गुजरी. पाली, सांडेराव और सुमेरपुर के रास्तों से होते हुए जब इस यात्रा ने सिरोही जिले की सीमा में प्रवेश किया, तो सिरोड़ी गांव में स्थानीय ग्रामीणों ने इसका भव्य और अभूतपूर्व स्वागत किया. इसके बाद यह दंडवत यात्रा बामनवाड़जी महादेव मंदिर, सोनाधारी महादेव मंदिर सिरोड़ी, अनादरा और मामाजी बावसी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थानों के दर्शन करते हुए आगे बढ़ी. जिस भी मार्ग से यह संत मंडली गुजरी, वहां के स्थानीय लोगों, महिलाओं और अन्य संतों ने पुष्प वर्षा कर उनका जोरदार उत्साहवर्धन किया.
अग्नेश्वर महादेव मंदिर पर यात्रा का भव्य समापनलगातार डेढ़ महीने की बेहद कठिन तपस्या और हर कदम पर दंडवत प्रणाम करते हुए महंत बजरंगदास महाराज अंततः आबूराज (माउंट आबू) के देलवाड़ा क्षेत्र में स्थित प्राचीन अग्नेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे. यहां इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यात्रा का पूरे विधि-विधान से समापन हुआ. यात्रा के आबूराज पहुंचने पर महंत निरंजन गिरी महाराज के पावन सानिध्य में तमाम साधु-संतों और हजारों की संख्या में मौजूद भक्तों ने उनका स्वागत किया. यात्रा के सफल समापन के शुभ अवसर पर एक विशाल भजन संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें देर रात तक भक्ति रस की सरिता बहती रही.
लंबे समय से चल रही थी प्राचीन नाम वापस लाने की मांगआपको बता दें कि राजस्थान के इस इकलौते हिल स्टेशन माउंट आबू का नाम ‘आबूराज’ करने की मांग दशकों पुरानी थी. संत समाज और स्थानीय शहरवासियों का स्पष्ट तर्क था कि ‘माउंट आबू’ नाम ब्रिटिश काल में अंग्रेजों द्वारा अपनी सुविधानुसार दिया गया था. जबकि प्राचीन और पौराणिक काल से इस पवित्र पर्वतीय स्थल का नाम ‘अर्बुदांचल’ और ‘आबूराज’ ही हुआ करता था. इसी अपनी पुरानी सांस्कृतिक पहचान को वापस लाने के लिए जून 2025 में 53 विभिन्न संगठनों और संतों ने मिलकर शहर में कलश यात्रा भी निकाली थी. अंततः सरकार द्वारा इस बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा किए जाने के बाद पूरे संत समाज में भारी उत्साह है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Mount Abu,Sirohi,Rajasthan
First Published :
September 27, 2026, 08:25 IST



