मानसून की विदाई पर भी तप रहा राजस्थान, बाड़मेर-जैसलमेर में बरस रही आसमान से आग

Last Updated:September 25, 2026, 13:02 IST
Rajasthan Weather News : राजस्थान में इस बार मानसून की विदाई के समय भी प्रदेश तप रहा है. मानसून की विदाई के बाद अमूमन तापमान इतना उछाल नहीं खाता है जितना इस बार खा रहा है. इस बार पश्चिमी राजस्थान में बाड़मेर और जैसलमेर में सितंबर के अंत में तापमान 43 डिग्री के पार जा पहुंचा है. वहीं इनसे सटे अन्य जिलों जोधपुर और फलौदी में भी तापमापी पारा 40 डिग्री के पार चला गया है. राजस्थान में इस बार औसत से करीब 21 फीसदी बारिश कम हुई है.
जयपुर. राजस्थान में मौसम इस साल बार-बार चौंका रहा है. इस बार मानसून की विदाई के समय भी गर्मी दस्तक दे रही है. पिछले साल प्रदेश में जोरदार बारिश ने नया रिकॉर्ड बनाया था. उसी राजस्थान में इस साल बारिश का टोटा हो गया. मानसून के दौरान यहां बारिश सामान्य से करीब 21 फीसदी कम रह गई. अब मानसून विदाई की ओर है तो गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. ऐसा अक्सर होता नहीं है. सितंबर खत्म होने को है. अक्टूबर में सर्दी की दस्तक की उम्मीद की जाती है. लेकिन राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच रहा है. गुरुवार को पश्चिमी राजस्थान में सर्वाधिक तापतान बाड़मेर में 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं पूर्वी राजस्थान में सीकर जिले के फतेहपुर में 39.5 डिग्री सेल्सियस रहा.
आमतौर पर अप्रैल से जून तक राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर माना जाता है. मानसून के बाद लोगों को तापमान में गिरावट और मौसम में ठंडक की उम्मीद रहती है. लेकिन इस बार सितंबर के आखिरी सप्ताह में भी गर्मी ने चौंका दिया है. एक तरफ मानसून की विदाई हो रही है. दूसरी तरफ बारिश की कमी और बढ़े हुए तापमान का असर दिखाई दे रहा है. पश्चिमी राजस्थान में तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री ज्यादा दर्ज हो रहा है. पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री रहा. जोधपुर में 41.7 और फलौदी में 41.4 रहा. इनके अलावा बीकानेर में 41.6 और चूरू में 40.5 डिग्री दर्ज किया गया.
कुछ संभागों में हल्की फुल्की बारिश के आसार हैं
मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी राजस्थान में अगले 2 से 3 दिन मौसम शुष्क रहने की संभावना है. जबकि पश्चिमी राजस्थान में भी अगले 3 से 4 दिन मौसम शुष्क रहने के आसार हैं. हालांकि 27 से 29 सितंबर के दौरान भरतपुर, जयपुर संभाग और शेखावाटी में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. 28 और 29 सितंबर को नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीकानेर संभाग में भी हल्की बारिश की संभावना है. यानी इस साल राजस्थान के मौसम की कहानी सिर्फ ‘कम बारिश’ की नहीं है बल्कि उसके बदलते मिजाज की भी है.
बारिश की राह तकते-तकते किसानों के आंसू आ गए
एक साल रिकॉर्ड बारिश तो अगले साल बारिश का टोटा. मानसून के बाद सितंबर में भी गर्मी. राजस्थान के कई जिलों में इस बार बारिश का भयंकर टोटा रहा. कई जिलों में बारिश तो हुई लेकिन वह औसत आंकड़े को छू नहीं पाई. केवल भरतपुर और झुंझुनूं बारिश के मामले में अव्वल रहे. बारिश की कमी के कारण पूरे प्रदेश में फसलों पर काफी विपरीत असर पड़ा है. पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में बारिश की राह तकते-तकते किसानों के आंसू आ गए लेकिन बारिश नहीं आई. शुरुआती दौर में बारिश ठीक होने बीजों में फूटान तो हो गया लेकिन बारिश के अभाव में वे फसलें दम तोड़ गई. इसके कारण किसानों के साथ आर्थिक संकट आना तय माना जा रहा है.
About the Authorसंदीप राठौड़
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 25, 2026, 13:00 IST



