रफ्तार के सौदागर सिराज की ‘धीमी चाल’, किसके इशारे पर बदला पेसर ने अपना अंदाज, क्या बुझ गई मियां भाई की आग?

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रफ्तार के सौदागर सिराज की ‘धीमी चाल’, किसके इशारे पर बदला पेसर ने अपना अंदाज
Last Updated:August 26, 2026, 19:23 IST
speed of siraj concern: श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में ‘मियां भाई’ की रफ्तार गायब थी. स्पीड गन पर लगातार 129 किमी/घंटा की रफ्तार देखकर फैंस सोशल मीडिया पर पूछने लगे कि क्या सिराज की वो पुरानी आग बुझ गई है? लेकिन रुकिए, इस सुस्ती के पीछे कोई कमजोरी नहीं, बल्कि टीम इंडिया की एक सोची-समझी ‘सीक्रेट मास्टरप्लान’ है.किसके कहने पर मोहम्मद सिराज श्रीलंका में कर रहे हैं धीमी गेंदबाजी
नई दिल्ली. मैदान पर जब मोहम्मद सिराज दौड़ते हैं, तो बल्लेबाज के पसीने छूट जाते हैं. उनकी आंखों का गुस्सा, वो आक्रामक सेलिब्रेशन और 140+ किमी/घंटा की रफ्तार से आती गेंदें यही सिराज की असली पहचान है लेकिन श्रीलंका के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में जो दिखा, उसने हर क्रिकेट प्रेमी को हैरान कर दिया.
श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में ‘मियां भाई’ की रफ्तार गायब थी. स्पीड गन पर लगातार 129 किमी/घंटा की रफ्तार देखकर फैंस सोशल मीडिया पर पूछने लगे कि क्या सिराज की वो पुरानी आग बुझ गई है? लेकिन रुकिए, इस सुस्ती के पीछे कोई कमजोरी नहीं, बल्कि टीम इंडिया की एक सोची-समझी ‘सीक्रेट मास्टरप्लान’ है.
हर्षा भोगले के सामने खुद खोला राज
क्रिकेट के दिग्गज कमेंटेटर हर्षा भोगले के साथ हुए एक खास इंटरव्यू में मोहम्मद सिराज ने खुद इस पहेली से पर्दा उठाया. जब हर्षा ने उनसे गिरती हुई स्पीड पर तीखा सवाल किया, तो सिराज ने मुस्कुराते हुए कबूल किया कि वे यह धीमी गेंदबाजी किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि टीम मैनेजमेंट, कप्तान और सीनियर खिलाड़ियों के कहने पर कर रहे हैं. सिराज ने बताया कि श्रीलंका की स्पिन-फ्रेंडली और धीमी पिचों पर अंधाधुंध गति से गेंदबाजी करना बल्लेबाजों को मदद पहुंचा रहा था. टीम की रणनीति यह थी कि गेंद की गति को कम करके लाइन-लेंथ पर फोकस किया जाए और गेंद को हवा में मूव कराया जाए. यानी रफ्तार से समझौता सिर्फ और सिर्फ टीम को जीत दिलाने के लिए किया गया.
कोलंबो में जब पंत ने विकेट से सटकर की कीपिंग
इस बात का सबसे बड़ा सबूत कोलंबो टेस्ट के चौथे दिन देखने को मिला. जब एक तेज गेंदबाज ) गेंदबाजी कर रहा हो, तो विकेटकीपर आमतौर पर काफी पीछे खड़ा होता है लेकिन भारत के स्टार विकेटकीपर ऋषभ पंत ने कुछ ऐसा किया जिसने सबको चौंका दिया. ऋषभ पंत स्टंप्स के बिल्कुल करीब (चिपक कर) आकर खड़े हो गए, मानो क्रीज पर कोई स्पिनर गेंदबाजी कर रहा हो. सिराज की स्पीड 125 से 129 किमी/घंटा के बीच घूम रही थी और वे लगातार स्विंग और सीम मूवमेंट कराने की कोशिश कर रहे थे. पंत का विकेट के करीब आना श्रीलंका के बल्लेबाजों के लिए एक मनोवैज्ञानिक दबाव बन गया, क्योंकि वे अब क्रीज से बाहर निकलकर खेलने से डरने लगे.
इमेज के विपरीत आंकड़े
दोनों टेस्ट मैचों में सिराज की एवरेज स्पीड महज 129 किमी/घंटा रही, जो उनकी आक्रामक छवि और अतीत के रिकॉर्ड्स के बिल्कुल उलट है. एक ऐसा गेंदबाज जो अमूमन 140 से ऊपर की रफ्तार के लिए जाना जाता है, उसका इस तरह खुद पर काबू रखना उसकी मैच्योरिटी को दिखाता है. क्रिकेट पंडितों का मानना है कि श्रीलंका की सूखी पिचों पर गति से ज्यादा चतुराई और वेरिएशन की जरूरत थी. तेज गेंदबाजों को विकेट लेने के लिए अपनी गति को कटर और धीमी गेंदों में बदलना पड़ रहा है. भले ही फैंस को सिराज का यह ‘स्लो-मोशन’ अवतार थोड़ा फीका लग रहा हो, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालना ही एक महान गेंदबाज की निशानी है सिराज ने साबित कर दिया है कि वे सिर्फ रफ्तार के सौदागर नहीं, बल्कि टीम के वफादार सिपाही भी हैं!
About the AuthorRajeev MishraAssociate editor
राजीव मिश्रा, खेल पत्रकारिता में एक जाना पहचाना चेहरा है जो अपनी बेबाक विशलेषण के लिए जाने जाते है. वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स …
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New Delhi,Delhi
First Published :
August 26, 2026, 19:23 IST



