राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब मिलेगा फ्लेवर्ड मिल्क, 60 लाख बच्चों को होगा फायदा

Last Updated:October 08, 2026, 10:03 IST
Pannadhay Bal Gopal Yojana 2026: राजस्थान के सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी है. शिक्षा विभाग अब ‘पन्नाधाय बाल गोपाल योजना 2026’ के तहत बच्चों को सादे पाउडर वाले दूध की जगह स्वादिष्ट ‘फ्लेवर्ड मिल्क’ पिलाने की तैयारी कर रहा है. इससे राज्य के करीब 60 लाख छात्र-छात्राओं को फायदा होगा. फिलहाल आरसीडीएफ से सैंपल मांगे गए हैं. पहले इसे कुछ स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा. प्रयोग सफल होने पर पूरे प्रदेश में लागू होगा. वर्तमान में कक्षा 1 से 5 तक 150ml और 6 से 8 तक 200ml दूध मिलता है.
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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब मिलेगा फ्लेवर्ड मिल्क, 60 लाख बच्चों को होगा फायदा
जयपुर. राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों के लिए एक बेहद शानदार और खुशी की खबर है. प्रदेश के शिक्षा विभाग ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है. राज्य के सरकारी विद्यालयों में संचालित हो रही पन्नाधाय बाल गोपाल योजना में अब एक अहम बदलाव करने की तैयारी चल रही है. इस नई पहल के तहत आठवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं को सादे पाउडर वाले दूध की जगह अब स्वादिष्ट फ्लेवर्ड मिल्क दिया जाएगा. सरकार के इस शानदार फैसले से प्रदेश भर के करीब 60 लाख विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा.
राजस्थान सरकार की ओर से स्कूलों में ‘पन्नाधाय बाल गोपाल योजना’ (Pannadhay Bal Gopal Yojana) चलाई जा रही है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को कुपोषण से बचाना और स्कूलों में उनका नामांकन बढ़ाना है. अब तक इस योजना के तहत बच्चों को सादा पाउडर वाला दूध दिया जाता था. कई बार ऐसा देखा गया है कि छोटे बच्चे सादे दूध का स्वाद पसंद नहीं करते हैं और उसे पीने से कतराते हैं. इसी समस्या को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने अब स्वादिष्ट और अलग-अलग फ्लेवर वाला दूध बांटने का ऐतिहासिक फैसला लिया है. विभाग का मानना है कि अलग-अलग फ्लेवर वाला दूध बच्चों को ज्यादा आकर्षित करेगा. बच्चे इसे पूरे चाव के साथ पिएंगे, जिससे उनके शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी पूरी होगी और उनका स्वास्थ्य बेहतर बनेगा.
पायलट प्रोजेक्ट के तहत होगी शुरुआतशिक्षा विभाग इस योजना को सीधे पूरे राज्य में लागू करने के बजाय पहले एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करेगा. इसके लिए राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) से फ्लेवर्ड मिल्क के सैंपल मांगे गए हैं. आरसीडीएफ द्वारा दिए गए सैंपल्स का पहले अच्छी तरह से परीक्षण किया जाएगा. इसके बाद राज्य के कुछ चुनिंदा स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर बच्चों को यह फ्लेवर्ड मिल्क पिलाया जाएगा. अगर यह प्रयोग पूरी तरह से सफल रहता है और बच्चों द्वारा इसका स्वाद पसंद किया जाता है, तो शिक्षा विभाग इसे पूरे राजस्थान के सभी सरकारी स्कूलों में अनिवार्य रूप से लागू कर देगा.
जानिए अभी कितनी मात्रा में मिलता है दूधपन्नाधाय बाल गोपाल योजना के वर्तमान नियमों के अनुसार, सरकारी स्कूलों में प्राइमरी कक्षा यानी पहली से पांचवीं तक के प्रत्येक बच्चे को 15 ग्राम पाउडर मिल्क और 8.4 ग्राम चीनी से तैयार 150 एमएल दूध दिया जाता है. वहीं, उच्च प्राथमिक स्तर यानी छठी से आठवीं कक्षा तक के प्रत्येक विद्यार्थी को 20 ग्राम पाउडर मिल्क और 10.2 ग्राम चीनी से तैयार 200 एमएल दूध पिलाया जाता है. फ्लेवर्ड मिल्क आने के बाद बच्चों को प्रोटीन और कैल्शियम के साथ बेहतरीन स्वाद भी मिलेगा.
बच्चों का स्कूल की तरफ बढ़ेगा रुझानशिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में जब बच्चों को उनकी पसंद का स्वादिष्ट दूध मिलेगा, तो उनका स्कूल के प्रति आकर्षण और भी ज्यादा बढ़ेगा. इससे ना केवल स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति में भारी सुधार होगा, बल्कि ड्रॉपआउट रेट को भी कम करने में बड़ी मदद मिलेगी. राजस्थान सरकार और शिक्षा विभाग का यह कदम बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने के साथ-साथ उनके बेहतर भविष्य की मजबूत नींव भी रखेगा.
क्या है पन्नाधाय बाल गोपाल योजना और इसका बजटराजस्थान में इस योजना की शुरुआत 29 नवंबर 2022 को मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के रूप में हुई थी. इसके बाद 4 सितंबर 2024 को इसका नाम बदलकर पन्नाधाय बाल गोपाल योजना कर दिया गया. इस योजना पर राज्य सरकार द्वारा लगभग 722 करोड़ रुपये की राशि वहन की जा रही है. इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को कुपोषण से बचाना, उनके पोषण स्तर में सुधार करना और सरकारी स्कूलों में नामांकन व उपस्थिति को बढ़ाना है. दूध की आपूर्ति या गुणवत्ता से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने 181 टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर रखा है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
October 08, 2026, 10:03 IST



