राजस्थान में मौसम ने बदली चाल,16 सितंबर तक बरसेंगे बादल, उदयपुट-कोटा सहित 34 जिलों में अलर्ट

जयपुर. राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने लगा है. बंगाल की खाड़ी में दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से लगे क्षेत्र में बना कम दबाव का क्षेत्र अब मध्य भारत की ओर बढ़ने की दिशा में है. इसके असर से प्रदेश में 12 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में फिर बढ़ोतरी होने की संभावना है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 12 से 16 सितंबर के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश का नया दौर सक्रिय हो सकता है.
13 और 14 सितंबर को कोटा, उदयपुर संभाग और आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. वहीं बीकानेर और जोधपुर संभाग में 13 से 16 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है. खास बात यह है कि अब पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं.
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे मध्य भारत से होते हुए पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है.
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदलेगा मौसम
आईएमडी के अनुसार कम दबाव का क्षेत्र दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से लगे बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है. इसके आगामी दिनों में धीरे-धीरे मध्य भारत से होकर पश्चिम की ओर आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है. मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, जबलपुर और कम दबाव के क्षेत्र से होकर गुजर रही है. व्यापक स्थिति में मानसून ट्रफ उत्तर राजस्थान से होते हुए मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के रास्ते दक्षिणी ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में बने सिस्टम तक फैली हुई है. वहीं उत्तर पंजाब और आसपास के इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है.
पूर्वी राजस्थान में बारिश बढ़ने के आसार
12 सितंबर से जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. पूर्वी राजस्थान के अजमेर अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा बूंदी, चित्तौड़गढ़्, दौसा, डीग, घौलपुर डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़,कराली, खैरथल तिजारा, काटा, काटपुतली बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही , टोंक, उदयपुर में मेघगर्जन के साथ वज्रपात, बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोकेदार तेज हवाएं चल सकती है. वहीं 13 और 14 सितंबर को कोटा और उदयपुर संभाग में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है. कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है.
12 से 16 सितंबर के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है.
पश्चिमी राजस्थान में भी बदलेगा मौसम
पश्चिमी राजस्थान में अब तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान था, लेकिन नए सिस्टम के असर से 12-13 सितंबर से कुछ हिस्सों में बारिश शुरू होने के संकेत हैं. 13 से 16 सितंबर के दौरान बीकानेर और जोधपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पश्चिमी राजस्थान के बालोतरा, चूरू, डीडवाना-कुचामन, जालौर, जोधपुर, नागौर, पाली में मेघगर्जन के साथ वज्रपात, बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोकेदार तेज हवाएं चल सकती है. इन जिलों में दोपहर, शाम या रात के समय स्थानीय स्तर पर बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. हालांकि पूरे पश्चिमी राजस्थान में एक साथ बारिश होने का अनुमान नहीं है.
राजस्थान के कई जिलों में बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं.
16 सितंबर के तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
• बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे मध्य भारत से होते हुए पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है.
• 12 से 16 सितंबर के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है.
• 13 और 14 सितंबर को कोटा, उदयपुर संभाग और आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है.
• बीकानेर और जोधपुर संभाग के जिलों में 13 से 16 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
• पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, जालोर, पाली और सिरोही में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
• पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं.
13 और 14 सितंबर को कोटा, उदयपुर संभाग और आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है.
• मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, जबलपुर और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से होकर गुजर रही है, जिससे मौसम प्रभावित होगा.
• 12 सितंबर के बाद पूर्वी हवाओं और नमी के प्रभाव से राजस्थान के ज्यादा हिस्सों में बादल बनने और बारिश की संभावना बढ़ सकती है.
• कृषि विभाग ने किसानों को खुले आसमान में रखे अनाज, जिंस और पककर तैयार फसलों को बारिश से बचाने की सलाह दी है.
• बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को कीटनाशक और अन्य कृषि रसायनों का छिड़काव मौसम देखकर ही करने की सलाह दी गई है.
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, जालोर, पाली और सिरोही में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
किसानों के लिए जरूरी सलाह
मौसमीय परिस्थितियों को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को कृषि उपज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखे अनाज और जिंसों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी है. खेतों में पककर तैयार फसलों को भी भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखने को कहा गया है. साथ ही कीटनाशक और अन्य कृषि रसायनों का छिड़काव आगामी बारिश की संभावना को ध्यान में रखकर ही करने की सलाह दी गई है. फिलहाल राजस्थान में बारिश का दायरा धीरे-धीरे बढ़ने के संकेत हैं. 12 से 16 सितंबर के दौरान कई संभागों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जबकि 13-14 सितंबर को दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश अपेक्षाकृत ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है.
कृषि विभाग ने किसानों को खुले आसमान में रखे अनाज, जिंस और पककर तैयार फसलों को बारिश से बचाने की सलाह दी है.
राजस्थान में 12 सितंबर से मौसम में क्या बदलाव देखने को मिलेगा?12 सितंबर से राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसके साथ मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है. पश्चिमी राजस्थान में भी 12-13 सितंबर से कुछ हिस्सों में बारिश का नया दौर शुरू होने के संकेत हैं.
13 और 14 सितंबर को राजस्थान में कहां भारी बारिश हो सकती है?
आईएमडी के अनुसार 13 और 14 सितंबर को कोटा, उदयपुर संभाग और आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ के कुछ हिस्से प्रभावित हो सकते हैं. इन इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है.
पश्चिमी राजस्थान में बारिश कब बढ़ सकती है?
पश्चिमी राजस्थान में अभी तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का रुझान था, लेकिन बंगाल की खाड़ी के नए सिस्टम के असर से परिस्थितियां बदल रही हैं. 12-13 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश शुरू हो सकती है. बीकानेर और जोधपुर संभाग के जिलों में 13 से 16 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है.
राजस्थान में बारिश के लिए कौन सा मौसमी सिस्टम जिम्मेदार है?राजस्थान में बारिश की बढ़ती गतिविधियों के पीछे बंगाल की खाड़ी में दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के पास बना कम दबाव का क्षेत्र प्रमुख कारण है. यह सिस्टम आगामी दिनों में मध्य भारत से होते हुए पश्चिम की ओर बढ़ सकता है. इसके अलावा मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, जबलपुर और कम दबाव के क्षेत्र से होकर गुजर रही है, जिससे नमी और बारिश की परिस्थितियां बन रही हैं.
बारिश को लेकर किसानों के लिए क्या सलाह जारी की गई है?कृषि विभाग ने बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. कृषि उपज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखे अनाज और जिंसों को सुरक्षित स्थान पर रखने को कहा गया है. खेतों में पककर तैयार फसलों को भी भीगने से बचाने के उपाय करने चाहिए. कीटनाशक और अन्य रसायनों का छिड़काव आगामी बारिश की संभावना को ध्यान में रखकर ही करने की सलाह दी गई है.



