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राजस्थान में रक्षाबंधन पर भी बरसेंगे बादल, भरतपुर-कोटा में बारिश, जानें कब बदलेगा मौसम का मिजाज

जयपुर. राजस्थान में मानसून की सक्रियता अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने के संकेत मिल रहे हैं. आईएमडी के ताजा अपडेट के अनुसार, 28 अगस्त से आगामी एक सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने और कमजोर मानसून परिस्थितियां रहने की प्रबल संभावना है. हालांकि 28 अगस्त यानी रक्षाबंधन के पर्व के दौरान भी पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के असर से हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. भरतपुर, कोटा और जयपुर संभागों के कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं 29 अगस्त को भी पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, जबकि 30 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में छिटपुट बारिश और पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है.

आईएमडी के मुताबिक सितंबर के पहले सप्ताह में एक बार फिर पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. 4 से 7 सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान में बारिश बढ़ने की संभावना है. ताजा मौसम बुलेटिन के अनुसार, बीते 24 घंटे में पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मध्यम से कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की गई. झालावाड़ के बकानी में सबसे ज्यादा 114 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई. दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में अधिकतम तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. प्रदेश में सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक है. राज्य में मौसम शुष्क रहने के कारण गर्मी और उमस का असर भी कई इलाकों में महसूस किया गया. दर्ज आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में औसत आर्द्रता 41 से 91 प्रतिशत के बीच रही.

राजस्थान में 28 अगस्त से अगले एक सप्ताह तक अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम होने होने की संभावना है

28 अगस्त को कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

मानसून कमजोर पड़ने से पहले 28 अगस्त को राजस्थान के कई जिलों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है. भरतपुर, जयपुर, झुंझुनूं, सीकर, सवाई माधोपुर, चूरू, अजमेर, टोंक, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, धौलपुर और जैसलमेर में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान कुछ इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इसके अलावा बीकानेर, कोटा, जयपुर, चूरू, अजमेर, उदयपुर, झालावाड़, भरतपुर, जैसलमेर, जालौर, श्रीगंगानगर, चित्तौड़गढ़, हनुमानगढ़, पाली और राजसमंद में भी बारिश और आंधी की संभावना है, जहां हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.

28 अगस्त को भरतपुर, जयपुर, झुंझुनूं, सीकर, सवाई माधोपुर, चूरू, अजमेर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है.

मानसून ट्रफ और निम्न दबाव क्षेत्र का असर बरकरार

आईएमडी के मुताबिक मानसून ट्रफ इस समय अमृतसर, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, पटना और दीघा से होकर गुजर रही है और इसके बाद दक्षिण-पूर्व दिशा में उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली है. उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्र में समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है. दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र के कारण पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं.

सितंबर में फिर सक्रिय हो सकता है मानसून

आईएमडी के अनुसार 4 से 7 सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं. हालांकि 28 अगस्त से अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कमजोर मानसून रहने की संभावना है. जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने का अनुमान है. आगामी दो सप्ताह में राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई गई है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक रह सकता है.

भारी बारिश और आंधी के दौरान राजस्थान के कुछ हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

झालावाड़ में दर्ज की गई सबसे अधिक बारिश

• राजस्थान में 28 अगस्त से अगले एक सप्ताह तक अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम होने और मानसून कमजोर रहने की संभावना है.

• 28 अगस्त को भरतपुर, जयपुर, झुंझुनूं, सीकर, सवाई माधोपुर, चूरू, अजमेर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है.

• भारी बारिश और आंधी के दौरान राजस्थान के कुछ हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

• श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से करीब 3.5 डिग्री अधिक रहा.

• झालावाड़ के बकानी में बीते 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक 114 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे यहां भारी बारिश का असर दिखा.

• सितंबर के पहले सप्ताह में 4 से 7 सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ने की संभावना है.

झालावाड़ के बकानी में बीते 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक 114 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई

• आगामी दो सप्ताह के दौरान राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक रहने का अनुमान है.

• 1 जून से 26 अगस्त तक राजस्थान में 291.81 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश 344.74 मिलीमीटर होनी चाहिए थी.

• बारिश के कमजोर होने से राजस्थान में अब तक सामान्य से करीब 15 फीसदी कम बारिश वाले इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ सकती है.

• आईएमडी ने किसानों को बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार फसल और कृषि कार्य करने की सलाह दी है.

राजस्थान में औसत से कम हुई है बारिश

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 26 अगस्त तक राजस्थान में 291.81 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 344.74 मिमी होनी चाहिए थी. यानी प्रदेश में अब तक बारिश सामान्य से करीब 15 फीसदी कम है. पूर्वी राजस्थान में अच्छी बारिश के बावजूद पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश की कमी बनी हुई है. मानसून कमजोर होने से इन इलाकों में चिंता बढ़ सकती है. किसानों को सलाह दी गई है कि बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में फसल और कृषि कार्य मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर करें.

सितंबर के पहले सप्ताह में 4 से 7 सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ने की संभावना है.

राजस्थान में मानसून कब कमजोर होने की संभावना है?

आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राजस्थान में 28 अगस्त से आगामी एक सप्ताह तक मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने की प्रबल संभावना है. इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी. पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी मानसून कमजोर रहने का अनुमान है. हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. 28 अगस्त को जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग में कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं.

28 अगस्त को राजस्थान के किन इलाकों में बारिश और आंधी का अलर्ट है?

28 अगस्त को राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. इनमें भरतपुर, जयपुर, झुंझुनूं, सीकर, सवाई माधोपुर, चूरू, अजमेर, टोंक, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, धौलपुर और जैसलमेर शामिल हैं. इन इलाकों में मौसम खराब होने के दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. इसके अलावा पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश भी हो सकती है.

सितंबर में राजस्थान में बारिश को लेकर क्या नया अपडेट है?

आईएमडी के अनुसार सितंबर के पहले सप्ताह में राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में फिर बढ़ोतरी हो सकती है. खासतौर पर 4 से 7 सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है. हालांकि इससे पहले 28 अगस्त से लगभग एक सप्ताह तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून कमजोर रहेगा. सितंबर के पहले सप्ताह में बारिश बढ़ने के बावजूद आगामी दो सप्ताह के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है.

राजस्थान में अब तक कितनी बारिश हुई और सामान्य से कितनी कम है?

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में 1 जून से 26 अगस्त तक कुल 291.81 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. इस अवधि में सामान्य तौर पर 344.74 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी. इस लिहाज से प्रदेश में अब तक बारिश सामान्य से करीब 15 फीसदी कम रही है. पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में हाल में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में बारिश की कमी बनी हुई है. मानसून कमजोर पड़ने से इन क्षेत्रों में बारिश की कमी और बढ़ सकती है.

राजस्थान में तापमान और मौसम का आगे कैसा असर रहेगा?

मानसून की गतिविधियां कमजोर होने के साथ राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में तापमान बढ़ने की संभावना है. आईएमडी के अनुसार 28 अगस्त से 10 सितंबर तक आगामी दो सप्ताह में अधिकतम तापमान प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक रह सकता है. हालिया अपडेट में श्रीगंगानगर में 41.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ, जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक है. बारिश कम होने पर पश्चिमी राजस्थान में गर्मी और उमस का असर भी बढ़ सकता है.

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