Nepal flood 22000 Chicken Death Story। Nepal Flood Poultry Loss। छलांग लगाकर बचाई जान, पर 22,000 मुर्गियां ले गया सैलाब… नेपाल में बिलखा किसान

Last Updated:September 01, 2026, 17:42 IST
Nepal flood 22000 Chicken Death Story: नेपाल के रसुवा और नुवाकोट में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 939 लोगों की जान जा चुकी है और 3,925 लोग (592 विदेशियों सहित) लापता हैं. बाढ़ के सैलाब में त्रिशूली का पूरा बाजार तबाह हो गया, जहां एक पोल्ट्री फार्म की 22,000 मुर्गियां बह गईं. नेपाली सेना द्वारा जारी रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत 11,379 लोगों को बचाया जा चुका है, जिनमें 158 भारतीय भी शामिल हैं.किसान ने अपना दर्द बयान किया.
सोचिए, आपने सालों तक दिन-रात एक करके, बैंक से मोटा लोन लेकर एक ड्रीम बिजनेस खड़ा किया हो और अचानक कुदरत का एक ऐसा दैत्य रूपी सैलाब आए जो मिनटों में आपकी 22,000 मुर्गियां, 420 बोरियां दाना और पूरा पोल्ट्री फार्म ही उखाड़कर ले जाए. किसी के लिए भी यह एब्सोल्यूट नाइटमेयर (खौफनाक सपना) जैसा है ना? नेपाल के नुवाकोट में रहने वाले रामकृष्ण के लिए यह कोई डरावनी कहानी नहीं बल्कि 26 अगस्त को रसुवा में आई उस प्रलयकारी बाढ़ की कड़वी हकीकत है जिसने उनकी जिंदगी को पूरी तरह रीसेट मोड पर लाकर खड़ा कर दिया है. नेपाल में आई इस भयानक तबाही ने अब तक 939 बेकसूर लोगों की जान ले ली है और 3,900 से ज्यादा लोग लापता हैं.
गाड़ी तो बन जाएगी, पर 22,000 मुर्गियों का क्या?बाढ़ का सबसे विकराल तांडव भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों में देखने को मिला जिसने त्रिशूली के पूरे मार्केट को मिनटों में जलमग्न कर दिया. त्रिशूली इलाके में पोल्ट्री फार्म चलाने वाले रामकृष्ण ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि कुदरत के इस कहर ने पल भर में सब खत्म कर दिया. उन्होंने कहा, “हम यहीं रहते थे और हमारा पोल्ट्री फार्म था. बाढ़ में हमारी 420 बोरियों की खेप बह गई. हमने तो बस किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाई. नुकसान इतना बड़ा है कि बयां नहीं कर सकते. कार तो जैसे-तैसे रिपेयर हो जाएगी लेकिन 22,000 मुर्गियों वाला पूरा पोल्ट्री फार्म बाढ़ अपने साथ बहा ले गई. अब बैंक का लोन चुकाने के लिए बिजनेस एकदम स्क्रैच (शुरुआत) से दोबारा शुरू करना पड़ेगा.”
लाशों के ढेर और लापता लोगों का आंकड़ा डराने वालानेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के मुताबिक नुवाकोट सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में से एक है जहां अकेले 95 लोगों की मौत हो चुकी है. देश भर से जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे दिल दहला देने वाले हैं:• चितवन: 279 शव बरामद• नवलपरासी ईस्ट: 216 शव बरामद• नवलपरासी वेस्ट: 168 शव बरामद• गोरखा: 65 शव• धाडिंग: 55 शव• तनहुं: 38 शव• रसुवा: 23 शव
इसके अलावा 279 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. लेकिन सबसे डरावना आंकड़ा लापता लोगों का है. पूरे नेपाल में 3,925 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें 592 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.
158 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गयाइस खौफनाक मंजर के बीच उम्मीद की किरण बनकर उभरी है रेस्क्यू टीमें. अब तक 11,379 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है. भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने जानकारी दी है कि नेपाल में फंसे 158 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित इवेक्यूएट कर लिया गया है. फिलहाल नेपाली सेना बिदुर और आसपास के इलाकों में दिन-रात एक करके रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है ताकि मलबे और सैलाब में फंसे आखिरी शख्स तक मदद पहुंचाई जा सके.
सवाल-जवाबनेपाल बाढ़ 2026 में पोल्ट्री फार्म मालिक का कितना नुकसान हुआ? त्रिशूली के पोल्ट्री फार्म मालिक रामकृष्ण की 22,000 मुर्गियां और 420 बोरियों का स्टॉक बाढ़ के सैलाब में पूरी तरह बह गया.नेपाल की इस बाढ़ में अब तक कुल कितने लोगों की मौत और कितने लापता हैं? नेपाल के रसुवा और नुवाकोट समेत प्रभावित इलाकों में आई विनाशकारी बाढ़ से अब तक 939 लोगों की मौत हो चुकी है और 3,925 लोग (जिनमें 592 विदेशी नागरिक शामिल हैं) लापता हैं.बाढ़ प्रभावित इलाकों से कितने भारतीय नागरिकों को रेस्क्यू किया गया है? भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 158 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
September 01, 2026, 17:41 IST



