राजस्थान में सूखे पर सियासी पारा हुआ हाई, अशोक गहलोत ने उठाए सवाल तो किरोड़ीलाल मीणा ने दिया जवाब

Last Updated:October 23, 2026, 11:50 IST
Jaipur News : राजस्थान में इस बार मानसून ने धोखा दे दिया. इस बार बीते 17 बरसों में सबसे कम बारिश हुई है. जबकि बीते साल राजस्थान में रिकॉर्डतोड़ बारिश हुई थी और 108 साल का रिकॉर्ड टूटा था. राजस्थान में साल 2009 के बाद 2026 में सबसे कम बारिश हुई. इससे पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा समेत कई इलाकों में अकाल के हालात हो गए हैं.पूर्व सीएम अशोक गहलोत के जवाब में भजनलाल सरकार के कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा का कहना है कि सर्वे कराया जा रहा है.
जयपुर. राजस्थान में बारिश की कमी के कारण पैदा हो रहे अकाल जैसे हालात को लेकर सियासत गरमाने लग गई है. अकाल के कारण यूं तो सभी प्रभावित होते हैं लेकिन इसका ज्यादा असर किसानों और पशुपालकों पर पड़ता है. राजस्थान में अभी पंचायत चुनाव चल रहे हैं. इस चुनावों से सीधे तौर पर ग्रामीण लोग जुड़े होते हैं. लिहाजा कांग्रेस ने मौका देखकर चौका लगाना शुरू कर दिया है. कांग्रेस जहां किसानों और पशुपालकों की परेशानी का हवाला देकर भजनलाल सरकार पर तत्काल राहत देने का दबाव बना रही है. वहीं सरकार का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है.
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने स्पष्ट किया कि सर्वे पूरा होने और अकाल घोषित किए जाने के बाद राहत कार्य शुरू कर दिए जाएंगे. मीणा ने कहा कि प्रदेश के आठ से दस जिले ऐसे हैं, जहां बारिश कम हुई है. सरकार के अधिकारी और जिला कलेक्टर लगातार स्थिति की जानकारी जुटा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सर्वे में समय लगता है और राजस्व विभाग इसकी प्रक्रिया पूरी कर रहा है. रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
गहलोत ने पश्चिमी राजस्थान के आंकड़े शेयर किए थे
असल में पश्चिमी राजस्थान के जिलों में कम बारिश और चारे-पानी की कमी को लेकर चिंता जताई जा रही है. पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने अक्टूबर की शुरुआत में दावा किया था कि जोधपुर के करीब 2000, बाड़मेर के 2460, बालोतरा के 1216 और जैसलमेर जिले के करीब 961 गांवों में सूखे जैसे हालात हैं. गहलोत ने इस पर चिंता जताते हुए सूबे की भजनलाल सरकार से मांग की थी कि किसानों को जल्द से जल्द राहत पहुंचानी जानी चाहिए.
सर्वे पूरा होने के बाद अकाल घोषित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगीबारिश की कमी के कारण पैदा हुए हालात को देखते हुए कृषि और राजस्व विभाग के सर्वे से प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति आंकलन कर रहा है. कम बारिश का असर केवल फसलों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पशुओं के लिए चारा, ग्रामीण पेयजल और किसानों की आजीविका पर भी पड़ता है. कृषि मंत्री किरोड़ी मीणा ने कहा कि सरकार के पास अधिकारियों से सूचनाएं आ रही हैं और सर्वे पूरा होने के बाद अकाल घोषित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. उसके बाद नियमानुसार राहत कार्य शुरू किए जाएंगे. सर्वे का काम जल्दी पूरा होते ही प्रभावित किसानों और पशुपालकों राहत पहुंचना शुरू हो जाएगा.
About the Authorसंदीप राठौड़
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
October 23, 2026, 11:50 IST



