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रात में अचानक खुल जाती है नींद? बार-बार ऐसा होना इन समस्याओं का संकेत, जानें वजह और क्या करें

रात में गहरी नींद के बीच अचानक आंख खुल जाना और फिर काफी देर तक नींद न आना कई लोगों के साथ होता है. कभी-कभार ऐसा होना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर रोज या अक्सर आधी रात में नींद टूटती है, तो इसके पीछे किसी आदत से लेकर नींद से जुड़ी समस्या तक कई कारण हो सकते हैं. तनाव, चाय-कॉफी, मोबाइल का इस्तेमाल, कमरे का माहौल और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं नींद को प्रभावित कर सकती हैं.

अनिद्रा (Insomnia) का मतलब सिर्फ यह नहीं है कि रात में बिल्कुल नींद नहीं आती. इसमें सोने में परेशानी होना, रात में बार-बार जागना, बहुत जल्दी आंख खुल जाना या नींद खुलने के बाद दोबारा सोने में परेशानी होना भी शामिल है. इसकी वजह से सुबह उठने पर थकान महसूस हो सकती है और दिन में ध्यान लगाने या रोज के काम करने में परेशानी हो सकती है. तनाव और चिंता अनिद्रा के आम कारणों में शामिल हैं. इसके अलावा सोने का समय बार-बार बदलना, देर शाम चाय या कॉफी पीना, रात में मोबाइल चलाना, शराब का सेवन और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी नींद में बाधा डाल सकती हैं.

नींद में सांस रुकना क्या है?

नींद में सांस रुकना एक ऐसी समस्या है जिसमें सोते समय व्यक्ति की सांस थोड़ी-थोड़ी देर के लिए बार-बार रुक सकती है और फिर दोबारा शुरू होती है. इसका एक आम कारण यह है कि सोते समय गले की मांसपेशियां ज्यादा ढीली हो जाती हैं और सांस की नली संकरी या बंद होने लगती है. इस समस्या में तेज खर्राटे आना, सोते समय सांस रुकना, अचानक हांफते हुए जागना, सुबह मुंह सूखना और दिनभर बहुत ज्यादा नींद या थकान महसूस होना जैसे संकेत दिखाई दे सकते हैं. कई बार व्यक्ति को खुद पता भी नहीं चलता कि रात में उसकी सांस कई बार रुकी थी.

हर बार बीमारी वजह नहीं होती

अगर महीने में कभी-कभार रात में नींद खुल जाती है, तो इसे तुरंत किसी बीमारी का संकेत नहीं माना जाना चाहिए. कमरे में ज्यादा गर्मी या ठंड, तेज आवाज, रोशनी, असहज बिस्तर, तनाव या देर रात तक फोन चलाना भी नींद तोड़ सकता है. उम्र बढ़ने के साथ नींद कुछ हल्की हो सकती है. ऐसे में आसपास की छोटी आवाज या शरीर में होने वाली किसी परेशानी से भी आंख खुल सकती है.

रात में नींद खुले तो क्या करें?

नींद खुलने के तुरंत बाद मोबाइल देखने या बार-बार घड़ी देखने से बचें. इससे दिमाग ज्यादा सक्रिय हो सकता है और दोबारा सोने की चिंता बढ़ सकती है. कमरे को शांत और अंधेरा रखें और शरीर को आराम देने की कोशिश करें. अगर काफी देर तक नींद वापस नहीं आती, तो बिस्तर से उठकर धीमी रोशनी में कोई शांत काम करें. जैसे ही नींद आने लगे, वापस बिस्तर पर चले जाएं. रोज लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की आदत बनाना भी नींद के लिए फायदेमंद हो सकता है. शाम और रात में चाय-कॉफी का ज्यादा सेवन करने से बचें. सोने से पहले लंबे समय तक मोबाइल या टीवी देखने की आदत भी कम करें.

कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?

अगर रात में नींद टूटने की समस्या लगातार बनी हुई है और इसका असर दिनभर की ऊर्जा, काम या ध्यान पर पड़ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है. खासकर अगर तेज खर्राटों के साथ सांस रुकती हो, नींद में घुटन महसूस होती हो या दिन में बहुत ज्यादा नींद आती हो, तो नींद में सांस रुकने की समस्या की जांच जरूरी हो सकती है.

(Disclaimer- यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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