‘रामायण’ का हीरो कभी दाने-दाने को तरसा, घर में ‘लक्ष्मी’ के कदम पड़ते ही पलटी किस्मत, आज 150 करोड़ की नेटवर्थ

Last Updated:November 04, 2026, 16:44 IST
एक्टर कभी दिन में तीन बार का खाना जुटाने के लिए स्ट्रगल कर रहा था, वह अब टीवी के सबसे सफल एक्टरों में से एक बन गया है. वे ‘नच बलिए’, ‘खतरों के खिलाड़ी’ और ‘एंटरटेनमेंट की रात’ जैसे कई रियलिटी शो में नजर आ चुके हैं. उन्होंने कई रियलिटी शो को होस्ट किया. हम रवि दुबे की बात कर रहे हैं, जो ‘रामायण’ में लक्ष्मण का किरदार निभा रहे हैं. आज पत्नी सरगुन मेहता के साथ उनकी कुल नेटवर्थ करीब 150 करोड़ रुपये बताई जाती है.
नई दिल्ली: टीवी स्टार बनने से पहले रवि दुबे की जिंदगी बड़ी मुश्किल थी. ऐसा भी वक्त था जब वह दो वक्त के भोजन के लिए अपने दोस्तों पर निर्भर करते थे. वे अब अपने करियर की सबसे बड़ी फिल्म ‘रामायण’ में नजर आएंगे, जो 4000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में बनी है. यह उस एक्टर के लिए बहुत बड़ा मौका है, जो कभी मुंबई में अपने शुरुआती दिनों में दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए भी स्ट्रगल करता था. रवि दुबे को साल 2010 में ‘सास बिना ससुराल’ शो से अपनी पहली बड़ी सफलता मिली, लेकिन 2014 के शो ‘जमाई राजा’ ने उन्हें टीवी का स्टार बना दिया. उन्होंने अपनी इस कामयाबी का पूरा श्रेय अपनी पत्नी सरगुन मेहता को दिया. (फोटो साभार: Instagram@ravidubey2312)
रवि दुबे ने अपने पुराने इंटरव्यू में बताया है कि कैसे अपनी टीनएज के आखिरी सालों और 20 की उम्र की शुरुआत में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. वे उस वक्त इतनी गंभीर मानसिक समस्याओं से गुजर रहे थे कि उनके मन में आत्महत्या करने का विचार तक आ गया था. रवि दुबे साल 2001 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए मुंबई आए थे. उस समय, उन्होंने भले ही कभी एक्टर बनने की अपनी इच्छा के बारे में किसी को नहीं बताया था, लेकिन उनके पिता समझ गए थे कि रवि के सपने बहुत बड़े हैं. एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रवि दुबे ने बताया कि उनके पिता ने ही मुंबई में उनके लिए कॉलेज चुना था, ताकि रवि अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर सकें. (फोटो साभार: Instagram@ravidubey2312)
स्कूल के दिनों में रवि एक बहुत होनहार छात्र थे, लेकिन उनका कॉलेज बिल्कुल वैसा नहीं था, जैसा उन्होंने सोचा था. ‘टेडएक्स’ (TedX) टॉक में रवि ने बताया कि अपने पहले सेमेस्टर में वे पांच में से चार पेपर्स में फेल हो गए थे. दूसरे सेमेस्टर में भी उनका यही हाल रहा. इस तरह की असफलता के बाद वे वापस गुरुग्राम स्थित अपने घर लौट आए. इस दौरान, परिवार से भरपूर सपोर्ट मिलने के बावजूद रवि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे थे. रवि दुबे ने बताया, ‘लोग कहते थे- तुम फेल हो गए इसलिए वापस आ गए? क्या तुम वहां पढ़ाई नहीं करते? मैं उस समय बहुत युवा और कमजोर था. दूसरों की बातों का मुझ पर बहुत जल्दी असर हो जाता था. ऐसी छोटी-छोटी बातों ने मुझे इस कदर परेशान कर दिया कि मैंने आत्महत्या करने के बारे में सोच लिया था. उन्होंने आगे कहा, ‘शुक्र है कि मैं उस काम में भी फेल हो गया.’ (फोटो साभार: Instagram@ravidubey2312)
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रवि दुबे ने पिंकविला के साथ एक इंटरव्यू में बताया कि उनके मन में ऐसे विचार आने का कारण यह नहीं था कि वे कॉलेज में फेल हो रहे थे, बल्कि उन्हें ऐसा लग रहा था कि आगे बढ़ने का कोई रास्ता ही नहीं है. रवि ने अपने जीवन के उस दौर के बारे में बात करते हुए बताया, ‘मेरा दिमाग हमेशा उलझन में रहता था, मैं बस एक जॉम्बी की तरह घूमता रहता था.’ उस केस में समय ने मरहम का काम किया और आध्यात्मिकता उनकी सुपरपावर बन गई. (फोटो साभार: Instagram@ravidubey2312)
रवि दुबे ने कहा, ‘समय ने मुझे ताकतवर बना दिया है. आप खुद को किसी और के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत बना सकते हैं. कॉलेज का सफर उनके लिए बहुत मुश्किल रहा, लेकिन किसी तरह वे अपनी डिग्री पूरी करने में कामयाब रहे. चूंकि रवि को बहुत पहले ही समझ आ गया था कि इंजीनियरिंग उनके बस की बात नहीं है, इसलिए उन्होंने पत्रकारिता में एक डिप्लोमा कोर्स किया, लेकिन उससे भी उन्हें कोई खास फायदा नहीं हुआ. उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज के तीसरे साल में ऐड फिल्मों के लिए ऑडिशन देना शुरू कर दिया. उन्हें अपना पहला ऑडिशन पास करने में कुछ साल लग गए, लेकिन जब उन्हें मौका मिला, तो वह शूजित सरकार के साथ एक विज्ञापन था, जो उनका पहला प्रोजेक्ट बना. साल 2005 में रवि को एक बाइक के विज्ञापन में काम करने का मौका मिला, जिसके लिए उन्हें 10,000 रुपये मिले. उसी साल शूजित सरकार की पहली फिल्म ‘यहां’ भी रिलीज हुई थी. (फोटो साभार: Instagram@ravidubey2312)
रवि को अच्छी तरह पता था कि उनके माता-पिता ने उनकी पढ़ाई पर बहुत पैसा खर्च किया है. इसलिए, जब उन्हें अपनी पहली कमाई मिली, तो उन्होंने तय कर लिया कि वे अब कभी अपने माता-पिता से पैसे नहीं लेंगे. पहले विज्ञापन से कुछ पैसे तो आए, लेकिन उनके पास अभी भी कोई रेगुलर आय का जरिया नहीं था. उन्होंने बताया, ‘मैंने तय किया कि मैं अपने माता-पिता से पैसे नहीं लूंगा. मैंने उन्हें कभी नहीं बताया कि मैं कितने मुश्किल दौर से गुजर रहा हूं, यहां तक कि दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो रहा था. उस समय मैंने किसी से कोई मदद नहीं मांगी, लेकिन मेरे आस-पास के लोग आगे आए और मेरा साथ दिया. दोस्त मेरे लिए खाना ले आते थे. शायद उन्होंने सोचा होगा कि वह अकेला रहता है और उस मदद से मुझे बहुत सहारा मिला.’ (फोटो साभार: Instagram@ravidubey2312)
कुछ समय बाद रवि के हालात बदल गए. साल 2006 में रवि को दूरदर्शन के एक टीवी शो में लीड रोल मिला. दिलीप कुमार और सायरा बानो के शो ‘स्त्री: यह तेरी कहानी’ रवि के लिए एक सपने के सच होने जैसा था, क्योंकि उन्हें इस दिग्गज कलाकार के साथ करीब से काम करने का मौका मिला. असल में शो की शूटिंग दिलीप कुमार के घर पर ही हुई थी और रवि अपना काफी समय भारतीय सिनेमा के इस महान कलाकार के साथ बिताते थे. इसके बाद, युवा एक्टर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा, जबकि एक समय ऐसा भी था जब उन्हें खुद पर भरोसा बनाए रखने के लिए काफी स्ट्रगल करना पड़ा था. वे बोले, ‘आपको हर हालात में पॉजिटिव रहना चाहिए. आपको खुद पर भरोसा रखना होगा.’ (फोटो साभार: Instagram@ravidubey2312)
रवि दुबे की जिंदगी में साल 2009 खास रहा. वे टीवी शो ’12/24 करोल बाग’ की शूटिंग में सरगुन मेहता से मिले और उनकी जिंदगी बदल गई. रवि ने अक्सर अपनी जिंदगी बदलने का श्रेय सरगुन के पॉजिटिव नजरिये को दिया है. उन्होंने एक पुराने इंटरव्यू में ‘स्क्रीन’ से कहा था, ‘हम एक पजल के दो टुकड़ों की तरह बिल्कुल एक-दूसरे में फिट बैठते हैं. जब आप एक-दूसरे के सपनों को साझा करते हैं, तो एक-दूसरे की सोच से जुड़े होते हैं और एक-दूसरे के बेहतरीन पार्टनर बनते हैं, तभी आप सच में प्यार में होते हैं. इसलिए, उनके सपने मेरे सपने हैं और हम किसी भी चीज को अकेले नहीं, बल्कि एक साथ मिलकर हासिल करते हैं.’ उन्होंने ‘टेडएक्स’ (TedX) में कहा, ‘मेरी जिंदगी की लक्ष्मी मेरी सरगुन ही है.’ रवि और सरगुन 2013 में शादी के बंधन में बंधे थे. (फोटो साभार: Instagram@ravidubey2312)
रवि और सरगुन ने साल 2016 में ‘ड्रीमियाटा एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ की शुरुआत की. उन्होंने टीवी शो और पंजाबी फिल्मों की मेकिंग से शुरुआत की, लेकिन जैसे-जैसे एंटरटेनमेंट का दौर बदला, वे डिजिटल की ओर बढ़ गए. उन्होंने ऐसे शो बनाए जो सिर्फ यूट्यूब पर स्ट्रीम होते थे और उनका यह दांव बहुत कामयाब रहा. उन्होंने ‘उड़ारियां’ और ‘तू जूलियट जट्ट दी’ बनाए. साथ ही, उन्होंने ‘सौंकन सौंकने’ और इसके सीक्वल जैसी पंजाबी फिल्में भी बनाई हैं. ‘कोइमोई’ की रिपोर्ट के अनुसार, अब रवि और सरगुन की कुल नेटवर्थ करीब 150 करोड़ रुपये है. ‘रामायण’ के साथ रवि एक नई फील्ड में कदम रख रहे हैं. मनोरंजन उद्योग में दो दशकों से अधिक समय बिताने वाले इस एक्टर के लिए, यह अब तक का सबसे बड़ा मौका (ब्रेक) माना जा सकता है. (फोटो साभार: Instagram@ravidubey2312)
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November 04, 2026, 16:44 IST



