रोनाल्डो को देखकर सीखा फुटबॉल, राज्य-स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता में छतरपुर की बेटी ने पाई तीसरी रैंक

Last Updated:October 05, 2026, 07:39 IST
Chhatarpur News: अंत्रा जैन ने लोकल 18 से कहा कि वह टीवी पर रोनाल्डो और मेसी को फुटबॉल खेलते देखती थीं, तो उनका भी फुटबॉल खेलने में इंट्रेस्ट बढ़ने लगा. उन्होंने ठान लिया कि खेल की दुनिया में कुछ करके दिखाना है. अभी तो राज्यस्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया है, वह आगे राष्ट्रीय स्तर पर खेलना चाहती हैं.
छतरपुर. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुश नगर की 14 वर्षीय अंत्रा जैन ने हाल ही में अंडर-14 राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया है, जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल है. इससे पहले वह जिला स्तर और संभाग स्तर पर भी प्रतियोगिता जीत चुकी हैं. हालांकि पापा बेटी को ‘क्रांति गौड़’ की तरह क्रिकेट में आगे ले जाना चाहते हैं. इसके लिए वह बेटी को सालों से प्रैक्टिस भी करा रहे हैं. अंत्रा जैन लोकल 18 को बताती हैं कि उनकी बचपन से ही खेल में रुचि रही है. स्कूल में भी स्पोर्ट्स एक्टिविटीज में पार्टिसिपेट करती थीं. वह क्रिकेट से लेकर फुटबॉल सभी तरह के गेम्स खेलती हैं. हालांकि उनकी रुचि क्रिकेट में ज्यादा है लेकिन फुटबॉल भी खूब खेलती हैं. अंत्रा बताती हैं कि बचपन में टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट और फीफा वर्ल्डकप देखती थीं. यहीं से खेल में रुचि बढ़ी.
अंत्रा ने कहा कि रोनाल्डो और मेसी को फुटबॉल खेलते देखती थीं, तो फुटबॉल खेलने में भी इंट्रेस्ट बढ़ा. उन्होंने भी सोचा कि जीवन में स्पोर्ट्स में कुछ करके दिखाना है. अभी तो राज्यस्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया है, वह आगे नेशनल लेवल पर खेलना चाहती हैं.
क्रांति गौड़ से हुए प्रभावितवहीं अंत्रा के पिता सुशील कुमार जैन ने कहा कि वह बेटी को चौथी कक्षा से खेल का अभ्यास करा रहे हैं. वह खुद अपनी दोनों बेटियों के साथ जाते हैं और सरकारी कॉलेज के खेल मैदान में प्रैक्टिस कराते हैं. अंत्रा को वह फुटबॉल और क्रिकेट दोनों की प्रैक्टिस कराते हैं. हालांकि अंत्रा क्रिकेट खेल में आगे बढ़े, यही उनकी ख्वाहिश है क्योंकि हमारे छतरपुर जिले की घुवारा गांव की बेटी क्रांति गौड़ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल सकती है, तो उनकी बेटी भी क्रिकेट में आगे जा सकती है.
अच्छी बॉलर हैं अंत्रा जैनउन्होंने कहा कि उनकी बेटी अच्छी बॉलर है. वह क्रिकेट में बहुत आगे जा सकती है. साथ ही वह फुटबॉल भी अच्छा खेलती है. अभी उसे फुटबॉल राज्यस्तरीय खेलने को मिला, तो इसी में नाम कमा लिया. इससे पहले वह तहसील स्तर, जिला स्तर, संभाग स्तर पर फुटबॉल खेल चुकी है. हालांकि वह बेटी को क्रिकेटर बनाना चाहते हैं. महेंद्र सिंह धोनी भी अच्छा फुटबॉल खेलते थे लेकिन बाद में वह क्रिकेट खेल में आगे बढ़े और दुनियाभर में माही नाम से छा गए.
डॉक्टर-इंजीनियर नहीं क्रिकेटर बनाना चाहते हैंसुशील ने आगे कहा कि वह बेटी को डॉक्टर, इंजीनियर या सरकारी अधिकारी नहीं बनाना चाहते हैं, वह बेटी को स्पोर्ट्स प्लेयर बनाना चाहते हैं. अभी फुटबॉल प्रतियोगिता में जीती है. आगे क्रिकेट प्रतियोगिता में नाम रोशन करेगी. इसके लिए क्राइस्ट ज्योति स्कूल भी बेटी का फुल सपोर्ट कर रहा है और पिता का साथ तो हमेशा रहेगा.
पूरी फैमिली ने किया सपोर्टअंत्रा की मां रेखा जैन ने कहा कि बेटी जब पहली बार खेलने गई थी, तो निराश हो गई थी. उन्होंने बेटी से कहा कि अगली बार जरूर सलेक्शन हो जाएगा. उन्होंने हमेशा बेटियों को सपोर्ट किया है. उनकी तीनों बेटियां स्पोर्ट्स में आगे हैं. बड़ी बेटी बाहर रहती है. उसे बॉस्केटबॉल खेलना पसंद है. बता दें कि अंत्रा जैन की मां गृहिणी हैं और पापा व्यवसायी हैं.
About the AuthorRahul Singh
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
Location :
Chhatarpur,Madhya Pradesh
First Published :
October 05, 2026, 07:39 IST



