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‘लोकतंत्र नष्ट करने वालों को सजा दिलाएंगे’: राहुल गांधी का EC पर तीखा हमला, ममता ने मांगा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा

नई दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 30 सितंबर को कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दल भारतीय संविधान के ‘सामूहिक रक्षक’ हैं तथा वे मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि लोकतंत्र को नष्ट करने वालों को सजा जरूर मिले. उन्होंने ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक के बाद यह उम्मीद भी जताई कि विपक्षी दल आने वाले कुछ महीनों में देश में महत्वपूर्ण बदलाव लाएंगे. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने संवाददाताओं से कहा, “विपक्ष इस बात को देश की जनता तक पहुंचाने में काफी हद तक सफल रहा है कि चुनाव चोरी किए जा रहे हैं… प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सीईसी ज्ञानेश कुमार ने भारतीय लोकतंत्र को नष्ट किया है.”

उनका कहना था, “हम इसे चुपचाप स्वीकार नहीं करने वाले हैं. हम यह सुनिश्चित करेंगे और यह इंडिया गठबंधन के सभी नेताओं की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता भी है कि जिन लोगों ने भारतीय लोकतंत्र को नष्ट किया है, उन्हें सजा मिले. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे कितने वरिष्ठ हैं या वे कौन हैं. भारतीय लोकतंत्र इस देश के प्रत्येक व्यक्ति से बड़ा है.” राहुल गांधी ने कहा, “देश के लोगों खासकर युवाओं में एक नया प्रतिरोध देखने को मिल रहा है. उनका मानना है कि भारत में जो हो रहा है वह गलत है और इसे रोका जाना चाहिए.” उन्होंने विपक्षी नेताओं से कहा कि वे “भारतीय संविधान के सामूहिक रक्षक” हैं. राहुल गांधी ने कहा, “हमें विश्वास है कि आने वाले कुछ महीनों में हम देश में महत्वपूर्ण बदलाव लाएंगे.”

दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बिहार, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में ‘बड़ा घोटाला’ हुआ है तथा भाजपा ने इन राज्यों में चुनावों को ‘लूटा’ है. उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की. ममता ने कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार को पद से नहीं हटाया गया तो बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा. ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने बैठक में तय कार्यक्रमों के जरिए चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े अपने मुद्दों को जनता के बीच ले जाने तथा सरकार और निर्वाचन आयोग के समक्ष अपनी मांगें रखने की रणनीति बनाई है.

‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, ममता अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार), शिवसेना (उबाठा), राष्ट्रीय जनता दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शामिल हुए. इनके अलावा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस (एम), मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके), विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, केरल कांग्रेस (जे) और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

विपक्षी गठबंधन की बैठक में 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकालने, 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के निर्वाचन आयोग तक मार्च और अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगने समेत कई कार्यक्रम तय किए गए.

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