विश्व के 6 कप्तान, जो टेस्ट में सबसे ज्यादा बार 0 पर हुए आउट, 20 साल से नहीं टूटा विश्व कीर्तिमान

Last Updated:August 30, 2026, 13:01 IST
6 Batsman Most Ducks in Test as Captain: टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी का दबाव बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर गहरा असर डालता है. इतिहास में कई ऐसे महान और सफल कप्तान रहे हैं, जिन्होंने अपनी रणनीतियों से कई मैच जिताए, लेकिन बतौर कप्तान वे सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने के अनचाहे रिकॉर्ड से बच नहीं सके. स्टीफन फ्लेमिंग इस लिस्ट में सबसे आगे हैं. वहीं, विराट कोहली, ग्रीम स्मिथ, एमएस धोनी, माइकल एथरटन और हैंसी क्रोनिए जैसे दिग्गजों का नाम भी इसमें दर्ज है.टेस्ट के 6 कप्तान जो सबसे ज्यादा बार शून्य पर हुए आउट.
नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज के लिए बिना खाता खोले पवेलियन लौटना एक कड़वा अनुभव होता है. लेकिन जब कंधों पर पूरी टीम की कप्तानी का भार हो, तो पहली ही गेंद या शून्य पर आउट होना टीम के मनोबल पर भी असर डालता है. इतिहास में कई ऐसे महान और प्रभावशाली कप्तान रहे हैं, जिन्होंने अपनी रणनीतियों और शानदार बल्लेबाजी से मैच जिताए, लेकिन कप्तानी के दबाव में कई बार उन्हें भी शून्य पर आउट होने के दर्द से गुजरना पड़ा. विश्व क्रिकेट के उन छह दिग्गज कप्तानों के बारे में आइए जानते हैं, जो टेस्ट में कप्तान के रूप में सबसे ज्यादा बार ‘डक’ यानी शून्य पर आउट हुए हैं.
न्यूजीलैंड क्रिकेट के इतिहास में स्टीफन फ्लेमिंग (Stephen Fleming) को सबसे चतुर और शांत दिमाग वाले कप्तानों में गिना जाता है. उन्होंने 1997 से 2006 तक कीवी टीम की बागडोर संभाली. इस दौरान उन्होंने 80 टेस्ट मैचों की 135 पारियों में कप्तानी करते हुए 40.59 की औसत से 5156 रन बनाए, जिसमें 8 शतक और 31 अर्धशतक शामिल थे. उनका उच्चतम स्कोर 274 रन का रहा. शानदार रिकॉर्ड के बावजूद कप्तानी के दौरान फ्लेमिंग सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले कप्तानों की लिस्ट में टॉप पर हैं. फ्लेमिंग बतौर कप्तान 13 बार बिना खाता खोले पवेलियन लौटे.
टेस्ट के 6 कप्तान जो सबसे ज्यादा बार शून्य पर हुए आउट.
विराट कोहली इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैंआक्रामक शैली और बेहतरीन फिटनेस के दम पर भारतीय टेस्ट टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले विराट कोहली (Virat Kohli) इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं. 2014 से 2022 के बीच कोहली ने 68 टेस्ट मैचों की 113 पारियों में भारतीय टीम का नेतृत्व किया. बतौर कप्तान उनका प्रदर्शन असाधारण रहा, जहां उन्होंने 54.80 की बेहतरीन औसत से 5864 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 20 शतक और 18 अर्धशतक निकले, जिसमें नाबाद 254 रन उनका सर्वोच्च स्कोर रहा. हालांकि, अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के कारण विराट कोहली कप्तान के रूप में कुल 10 बार शून्य पर आउट हुए.
दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में दर्ज है ग्रीम स्मिथ का नाममहज 22 साल की उम्र में दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी संभालने वाले ग्रीम स्मिथ (Graeme Smith) का नाम दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में दर्ज है. 2003 से 2014 के लंबे करियर में उन्होंने रिकॉर्ड 109 टेस्ट मैचों की 193 पारियों में दक्षिण अफ्रीका और आईसीसी टीम की कप्तानी की. उन्होंने बतौर कप्तान 47.83 की औसत से 8659 रन बनाए, जिसमें 25 शतक और 36 अर्धशतक शामिल थे. उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 277 रन रहा. इतने विशाल आंकड़े और लंबी कप्तानी के बीच ग्रीम स्मिथ भी 10 बार टेस्ट मैच में बिना खाता खोले आउट होकर पवेलियन लौटे.
माइकल एथरटन बतौर टेस्ट कप्तान 8 बार शून्य पर आउट हुए1990 के दशक में इंग्लैंड क्रिकेट टीम की रीढ़ माने जाने वाले ओपनर माइकल एथरटन ने 1993 से 2001 तक 54 टेस्ट मैचों की 98 पारियों में इंग्लैंड की कप्तानी की. विपक्षी गेंदबाजों की धारदार गेंदों का सामना करते हुए उन्होंने कप्तान के तौर पर 40.58 की औसत से 3815 रन बनाए. उनके नाम 8 शतक और 22 अर्धशतक रहे, जिसमें नाबाद 185 रन उनकी यादगार पारी थी. नई गेंद से पारी की शुरुआत करने के जोखिम के कारण आथरटन को बतौर कप्तान 8 बार शून्य के स्कोर पर पवेलियन लौटना पड़ा.
क्रोनिए पांचवें नंबर पर हैं1990 के दशक में दक्षिण अफ्रीकी टीम को एक मजबूत और जुझारू टीम के रूप में स्थापित करने वाले हंसी क्रोनिए का कप्तानी रिकॉर्ड काफी शानदार रहा. 1994 से 2000 के बीच उन्होंने 53 टेस्ट मैचों की 84 पारियों में टीम का नेतृत्व किया. मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हुए क्रोनिए ने 36.32 की औसत से 2833 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 21 अर्धशतक दर्ज थे. उनका उच्चतम स्कोर 126 रन रहा. कप्तानी के इस सुनहरे दौर के बीच क्रोनिए भी अपने करियर में बतौर कप्तान 8 बार बिना कोई रन बनाए आउट हुए.
महेंद्र सिंह धोनी लिस्ट में छठे स्थान पर हैंभारत को टेस्ट रैंकिंग में पहली बार नंबर वन बनाने वाले महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) अपनी शांत दिमाग की कप्तानी के लिए जाने जाते हैं. 2008 से 2014 के दौरान धोनी ने 60 टेस्ट मैचों की 96 पारियों में भारत की कप्तानी की. निचले-मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 40.63 की मजबूत औसत से 3454 रन बनाए, जिसमें 5 शतक और 24 अर्धशतक शामिल रहे. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 224 रन की पारी उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर था. विकेटकीपिंग और कप्तानी के दोहरे दबाव के बीच धोनी भी कप्तान के रूप में कुल 8 बार शून्य पर आउट हुए.
About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर
कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
August 30, 2026, 13:01 IST



