खाटू में अगले 2-3 दिन भक्तों की भारी भीड़, एकादशी पर 24 घंटे खुलेगा मंदिर

Last Updated:September 21, 2026, 11:49 IST
KhatuShyam Ji: वीकेंड पर खाटूश्याम जी के दरबार में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. 14 कतारों से दर्शन व्यवस्था संचालित की जा रही है और भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर के कपाट दिनभर खुले रखे गए. अब 22 सितंबर की जलझूलनी एकादशी पर बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार, 9 रत्न जड़ित सोने के मुकुट और बाल गोपाल की पूजा होगी. भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा.
सीकर. वीकेंड के मौके पर विश्व प्रसिद्ध बाबा के दरबार में लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ी. शनिवार मंगला आरती के समय से ही बड़ी संख्या में भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था. वहीं, रविवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा श्याम के दरबार में पहुंचे. भारी भीड़ के कारण दोनों दिन दिन के समय मंदिर के कपाट बंद नहीं किए गए. श्रद्धालुओं को 14 कतारों से दर्शन करवाए जा रहे हैं. गर्मी को देखते हुए श्री श्याम मंदिर कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई.
वीकेंड पर बाबा श्याम का भी विशेष मनमोहक श्रृंगार किया गया. बाबा श्याम के श्रृंगार के लिए विशेष रूप से दिल्ली से खास किस्म के सफेद, हरे और गुलाबी रंग के फूल मंगाए गए. श्रृंगार और संध्या दोनों आरती में बाबा श्याम को सजाया गया. आज सोमवार को दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को तोरणद्वार, अस्पताल चौराहा, शनि मंदिर व लामियां तिराहा होते हुए मंदिर प्रवेश द्वार तक पहुंचाया जा रहा है. मंदिर परिसर में 75 फीट चौड़े मार्ग की 14 कतारों से होकर श्रद्धालु बाबा श्याम के दरबार तक पहुंच रहे है. दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कतार प्रबंधन, बैरिकेडिंग और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए. वहीं, VIP दर्शन भी पूरी तरह बंद है. केवल प्रोटोकॉल के तहत ही VIP दर्शन के लिए एंट्री दी जा रही है.
जलझूलनी एकादशी कल
22 सितम्बर को जलझूलनी एकादशी है, ऐसे में आगामी दो-तीन दिन तक खाटूश्याम जी मंदिर में भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी होने का अनुमान है. जलझूलनी एकादशी के विशेष अवसर पर बाबा श्याम के विशेष श्रृंगार के बीच भगवान श्री कृष्ण के बाल गोपाल रूप को स्थापित किया जाएगा. इसके अलावा बाबा श्याम की पांचों आरती में बाल गोपाल की पूजा अर्चना की जाएगी. भोग आरती के दौरान माखन मिश्री मावे का बाबा श्याम और बाल गोपाल को भोग लगाया जाएगा. वहीं, देश विदेश से लाए गए खुशबूदार फूलों से मनमोहक श्रृंगार भी किया जाएगा और 9 रत्न जड़ित सोने का नया मुकुट भी पहनाया जाएगा.
24 घंटे खुला रहेगा मंदिर
जलझूलनी एकादशी के अवसर पर भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए बाबा श्याम का मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा. दिन में भी भक्तों के लिए मंदिर बंद नहीं किया जाएगा. आपको बता दें कि शनिवार, रविवार व शुक्ल पक्ष की एकादशी एवं द्वादशी को छोड़कर दोपहर 2:00 बजे से लेकर 4:00 बजे तक रोजाना बाबा श्याम के मंदिर के पट्ट बंद होते हैं. वहीं, रात को भी आम दिनों में 10.30 शयन आरती के बाद मंदिर बंद हो जाता है.
जानिए कौन है बाबा श्याम
बाबा श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है और उन्हें भगवान श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है. महाभारत युद्ध के दौरान भीम के पौत्र बर्बरीक कौरवों की ओर से युद्ध में उतरने जा रहे थे, तभी भगवान श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण वेश में उनसे शीश दान मांगा. बर्बरीक ने बिना झिझक भगवान कृष्ण को अपना शीश दान कर दिया. इससे प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने वरदान दिया कि कलियुग में उन्हें श्याम नाम से पूजा जाएगा और वे हारे हुए लोगों के सहारा बनेंगे. तभीसे बाबा श्याम भक्तों के बीच हारे के सहारे के नाम से पूजे जाते हैं.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
और पढ़ेंLocation :
Sikar,Rajasthan
First Published :
September 21, 2026, 11:49 IST



