शहादत को अपने खून से किया सलाम! जवानों की रगों से निकला 885 यूनिट ब्लड, दिल्ली एम्स को दिया महादान

होमताजा खबरदेश
शहादत को अपने खून से किया सलाम! जवानों की रगों से निकला 885 यूनिट ब्लड
Last Updated:October 29, 2026, 15:23 IST
एयरपोर्ट सहित देश के सभी संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा संभाल रहे सीआईएसएफ के जवानों ने एक दिन में 885 यूनिट ब्लड डोनेट किया है. यह महादान दिल्ली के एम्स अस्पताल को सौंपा गया है, जिसका उपयोग गंभीर मरीजों के इलाज और इमरजेंसी सर्जरी में किया जाएगा.राजस्थान के बहरोड़ में सीआईएसएफ के जवानों ने 885 यूनिट दिल्ली एम्स को डोनेट किया है.
CISF News. संसद, एयरपोर्ट, सीपोर्ट, मेट्रो सहित देश के सभी संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा संभाल रहे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने किसी की जिंदगी बचाने के लिए इंसानियत की एक शानदार तस्वीर पेश की है. राजस्थान के बहरोड़ में सीआईएसएफ के जवानों, अधिकारियों और ट्रेनिंग ले रहे रंगरूटों ने अपने शहीद हुए साथियों की शहादत को याद करते हुए खून का महादान किया है.
सीआईएसएफ के इस कैंप में महज एक दिन में 885 यूनिट ब्लड डोनेट किया गया है. डोनेट किया गया खून दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल को दिया जाएगा. इस खून का इस्तेमाल गंभीर मरीजों के इलाज और इमरजेंसी सर्जरी में लिए इस्तेमाल जा सकेगा. आपको बता दें कि 28 अक्टूबर को बहरोड़ स्थित मल्टी-डिसिप्लिनरी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेंटर (MPRTC) में मेगा ब्लड डोनेशन कैंप लगाया गया था.
सीआईएसएफ के जवानों ने 885 यूनिट ब्लड डोनेट किया है.
वर्दी के साथ इंसानियत का जज्बा भीसीआईएसएफ के जवानों की पहचान देश के अहम संस्थानों और संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा से जुड़ी है. लेकिन बहरोड़ में उनकी एक दूसरी तस्वीर भी देखने को मिली. यहां मकसद किसी खतरे को नाकाम करना नहीं, बल्कि उन अनजान लोगों की जिंदगी बचाने में मदद करना था, जिन्हें शायद कभी इन जवानों से मिलने का मौका भी न मिले. ब्लड डोनेशन कैंप में 885 यूनिट ब्लड का कलेक्शन किया गया है. हर यूनिट ब्लड किसी जरूरतमंद मरीज के इलाज में मददगार हो सकता है. हालांकि, ब्लड कंपोनेंट्स और मरीज की जरूरत के हिसाब से इसका इस्तेमाल अलग-अलग तरीके से किया जा सकता है.
आईजी के मार्गदर्शन में चला अभियानयह मेगा कैंप सीआईएसएफ के इंस्पेक्टर जनरल (ट्रेनिंग) विनय काजला के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया. इस मौके पर सीआईएसएफ की डीआईजी और डायरेक्टर (मेडिकल) शालिनी तिवारी भी मौजूद रहीं. शालिनी तिवारी ने ब्लड डोनर्स के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान नागरिक कर्तव्य और सामाजिक जिम्मेदारी के सबसे ऊंचे रूपों में से एक है. कैंप को सफल बनाने में एम्स दिल्ली की स्पेशलाइज्ड मेडिकल और पैरामेडिकल टीम की भी अहम भूमिका रही. ब्लड डोनर्स की स्क्रीनिंग से लेकर मेडिकल प्रोटोकॉल और पूरी प्रक्रिया को बेहद पेशेवर तरीके से संभाली गई.
About the AuthorFirst Published :
October 29, 2026, 15:23 IST



