Rajasthan

श्राद्ध पक्ष में जहां हो रहा पूर्वजों का तर्पण, वहीं श्मशान घाट में सालों से बंद हैं कई अस्थियां, देखें तस्वीरें

Last Updated:October 04, 2026, 16:30 IST

Pitru Paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में लोग अपने पूर्वजों को याद कर तर्पण और कर्मकांड कर रहे हैं, लेकिन बाड़मेर के श्मशान घाट में एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है. यहां लॉकरों में 125 से ज्यादा अस्थियां वर्षों से रखी हैं और अपनों का इंतजार कर रही हैं. इनमें कोरोना काल के दौरान हुई मौतों से जुड़ी अस्थियां भी शामिल हैं. कुछ अस्थियां करीब 10 साल से लॉकरों में बंद बताई जा रही हैं.

ख़बरें फटाफट

बाड़मेर. जब तक जिंदा थे, अपने थे लेकिन अब मौत के बाद उनकी अस्थियां भी अपनों के इंतजार में हैं. बाड़मेर शहर के सार्वजनिक श्मशान घाट के लॉकरों में सालों से बंद ये अस्थियां उस आखिरी विदाई की राह देख रही हैं, जो शायद कभी पूरी नहीं होगी. किसी को इंतजार है कि कोई अपना आएगा अस्थियां ले जाएगा और हरिद्वार में विसर्जित कर मोक्ष की राह पूरी करेगा.

श्राद्ध पक्ष चल रहा है जब लोग अपने पूर्वजों को याद कर उनके लिए तर्पण और कर्मकांड कर रहे हैं वहीं बाड़मेर शहर के श्मशान घाट के लॉकरों में रखी 125 से ज्यादा अस्थियां आज भी अपनों का इंतजार कर रही हैं. इनमें कुछ अस्थियां कोरोना काल की भी हैं जो वर्षों से लॉकरों में बंद हैं. उम्मीद है कि कोई अपना आएगा, ताला खोलेगा, अस्थियां लेकर हरिद्वार जाएगा और अंतिम विदाई की यह अधूरी रस्म पूरी करेगा लेकिन इंतजार इतना लंबा हो चुका है कि कई लॉकरों पर धूल और जाले जम गए हैं. परिजनों के पास समय का अभाव हो या कोई दूसरी मजबूरी अंतिम संस्कार के बाद होने वाली यह आखिरी रस्म करीब 10 वर्षो से अधूरी है.

कोरोना काल की अस्थियां भी अब तक लॉकरों मेंकई लॉकर ऐसे भी हैं जिन्हें लंबे समय से खोला तक नहीं गया है. उन पर धूल और जाले जम चुके हैं. लॉकरों पर लगे ताले देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि परिजन लंबे समय से अस्थियां लेने या उनके विसर्जन के लिए श्मशान घाट नहीं पहुंचे हैं. इन अस्थियों में कुछ कोरोना काल के दौरान जान गंवाने वाले लोगों की भी हैं.

जगह कम पड़ी तो सामाजिक संगठन ने उठाया जिम्माश्मशान घाट में अस्थियां रखने के लिए जगह लगातार कम पड़ने लगी तो हेल्पिंग हेल्प ग्रुप बीकानेर के सहयोग से अस्थियों के विसर्जन की पहल की गई. वर्ष 2025 में 25 अस्थियों का हरिद्वार ले जाकर विधिवत विसर्जन करवाया गया. इससे पहले कोरोना काल के दौरान भी करीब 75 अस्थियों का विसर्जन करवाया गया था. इस पहल के जरिए उन मृतकों की अंतिम इच्छा और धार्मिक परंपरा को पूरा करने का प्रयास किया गया है जिनके परिजन किसी कारणवश अस्थियों को हरिद्वार नहीं ले जा पाए.

श्राद्ध पक्ष में अपनों का इंतजार कर रही सैकड़ो अस्थियांश्मशान घाट समिति के सयोंजक भैरूसिंह फुलवरिया लोकल18 से बातचीत करते हुए बताते है कि श्राद्ध पक्ष चल रहा है और ऐसे समय में श्मशान घाट के लॉकरों में रखी ये अस्थियां अपने लोगों का इंतजार और भी शिद्दत से कर रही हैं. मान्यता है कि श्राद्ध पक्ष में पूर्वजों का स्मरण और उनके लिए किए जाने वाले कर्मकांड का विशेष महत्व होता है ऐसे में वर्षों से लॉकरों में बंद ये अस्थियां मानो उस आखिरी संस्कार की राह देख रही हैं जो उन्हें अपनों के हाथों हरिद्वार तक पहुंचाएगा.

About the AuthorJagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

और पढ़ेंLocation :

Barmer,Rajasthan

First Published :

October 04, 2026, 16:30 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj