सचिन पायलट के गढ़ में कांग्रेस का कब्जा बरकरार, 32 वार्ड जीतकर बनाया बहुमत

Last Updated:September 14, 2026, 19:13 IST
Tonk Nikay Result: टोंक नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा है. 60 वार्ड वाली नगर परिषद में वार्ड नंबर 2 पर चुनाव नहीं होने के कारण 59 वार्डों के नतीजे घोषित किए गए. कांग्रेस ने 32 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया, जबकि भाजपा को 19 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 8 वार्डों में जीत मिली. बोर्ड बनाने के लिए 31 पार्षदों का समर्थन जरूरी था, ऐसे में कांग्रेस को किसी बाहरी समर्थन की जरूरत नहीं है. टोंक को सचिन पायलट के राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्र के तौर पर देखा जाता है. जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया और सभापति बनाने का दावा किया.
ख़बरें फटाफट
सचिन पायलच के गढ़ टोंक में नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा है
टोंक. राजस्थान नगर निकाय चुनाव के नतीजों में टोंक नगर परिषद से कांग्रेस के लिए बड़ी खबर सामने आई है. सचिन पायलट के गढ़ टोंक में कांग्रेस ने नगर परिषद पर अपना कब्जा बरकरार रखते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है. 60 वार्ड वाली टोंक नगर परिषद में इस बार 59 वार्डों में चुनाव हुआ था, जिनके नतीजे सोमवार को घोषित किए गए. कांग्रेस ने 32 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि भाजपा 19 वार्डों पर सिमट गई. वहीं 8 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की.
टोंक नगर परिषद में बोर्ड बनाने के लिए 31 पार्षदों का समर्थन जरूरी है. कांग्रेस ने 32 वार्ड जीतकर बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है. ऐसे में अब नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बनना लगभग तय माना जा रहा है. चुनाव नतीजे सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष के आवास पर आतिशबाजी कर जीत का जश्न मनाया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का सभापति बनाने का दावा भी किया. दूसरी तरफ भाजपा के 19 पार्षद जीतकर आए हैं, जबकि 8 निर्दलीय पार्षद भी चुनाव जीतने में सफल रहे.
वार्ड नंबर 2 में नहीं हुआ चुनावटोंक नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं, लेकिन वार्ड नंबर 2 में परिसीमन के विरोध के चलते चुनाव नहीं हो सका. स्थानीय स्तर पर चुनाव बहिष्कार के कारण यहां मतदान नहीं हुआ. इसी वजह से इस बार 59 वार्डों के ही नतीजे घोषित किए गए. कांग्रेस ने चुनाव नतीजों को राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जनता के रुख से जोड़ते हुए इसे सरकार की नाकामी बताया है. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि टोंक की जनता ने कांग्रेस के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया है.
पायलट के गढ़ में कांग्रेस की बड़ी जीत
टोंक को लंबे समय से सचिन पायलट के राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्र के तौर पर देखा जाता है. पायलट राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हैं. ऐसे में टोंक नगर परिषद का यह परिणाम स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के लिए अहम माना जा रहा है. कांग्रेस समर्थकों ने इस जीत को सचिन पायलट के चेहरे और उनके प्रभाव से भी जोड़कर देखा है. हालांकि चुनाव परिणाम को केवल किसी एक नेता के प्रभाव का नतीजा मानने के बजाय स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवारों के प्रदर्शन की भी इसमें भूमिका रही है.
अब बोर्ड गठन की तैयारी32 पार्षदों के साथ कांग्रेस को नगर परिषद में बोर्ड बनाने के लिए किसी बाहरी समर्थन की जरूरत नहीं है. 8 निर्दलीय पार्षदों की मौजूदगी के बावजूद कांग्रेस के पास अपने दम पर बहुमत है. ऐसे में अब पार्टी के सामने सभापति के नाम पर सहमति बनाने और बोर्ड गठन की प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती होगी. टोंक नगर परिषद के नतीजों ने जिले की स्थानीय राजनीति में कांग्रेस की स्थिति मजबूत की है. वहीं भाजपा के लिए 19 वार्डों का परिणाम यह संकेत देता है कि पार्टी को नगर परिषद में विपक्ष की भूमिका निभानी होगी.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
September 14, 2026, 19:13 IST



