सरकारी नौकरी में ‘सेटिंग’ का दावा या सिर्फ प्रचार? पूर्व सरपंच के वायरल मैसेज ने खड़े किए सवाल

Last Updated:October 19, 2026, 12:28 IST
Former Sarpanch Vinod Prajapati Viral Message: झुंझुनूं के मलसीसर में पूर्व सरपंच विनोद प्रजापति के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल मैसेज चर्चा में हैं. इनमें SBI, पटवारी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में चयन की गारंटी देने के साथ सरकारी विभागों और नगरपालिकाओं में संविदा पर नौकरी दिलाने के दावे किए गए हैं. पटवारी भर्ती में संपर्क करने वाले अभ्यर्थियों के चयन का दावा और ‘सही कीमत’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल ने सवाल खड़े किए हैं. वहीं, विनोद प्रजापति का कहना है कि वे पहले बच्चों को पढ़ाई के टिप्स देते थे और सोशल मीडिया पर केवल प्रचार किया था. फिलहाल वायरल मैसेज में किए गए दावों की पुष्टि नहीं हुई है.झुंझुनूं के मलसीसर में पूर्व सरपंच विनोद प्रजापति के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल मैसेज चर्चा में हैं
झुंझुनूं: पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त कानून और कड़ी निगरानी के दावों के बीच झुंझुनूं के मलसीसर से सरकारी नौकरी में कथित सेटिंग का मामला सामने आया है. मलसीसर की हलचल नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में पूर्व सरपंच विनोद प्रजापति के नाम से सरकारी नौकरियों में चयन की गारंटी देने वाले मैसेज वायरल होने की बात सामने आई है. इन मैसेजों में एसबीआई, पटवारी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती से लेकर विभिन्न सरकारी विभागों में संविदा पर नौकरी दिलाने तक के दावे किए गए.
वायरल मैसेजों में सबसे ज्यादा चर्चा पटवारी भर्ती के परिणाम को लेकर किए गए दावे की हो रही है. मैसेज में कथित तौर पर कहा गया कि जिन अभ्यर्थियों ने उनसे संपर्क किया था, उन सभी का चयन हो गया. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती को लेकर भी संपर्क करने वाले अभ्यर्थियों के चयन की उम्मीद जताई गई. वहीं, एसबीआई भर्ती के संबंध में ‘गारंटी से सेलेक्शन’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अभ्यर्थियों को संपर्क करने का मैसेज दिया गया.
संविदा पर नौकरी दिलाने के मैसेज ने बढ़ाए सवाल
मामले में सबसे गंभीर सवाल उन मैसेज को लेकर उठ रहे हैं, जिनमें जयपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर और अलवर सहित अलग-अलग शहरों के सरकारी विभागों और नगरपालिकाओं में संविदा पर नौकरी दिलाने की बात कही गई. रिपोर्ट में सामने आए मैसेज में ‘मलाईदार महकमे’ और ‘सही कीमत’ जैसे शब्दों का उल्लेख होने की बात भी कही जा रही है. ऐसे शब्दों और चयन की गारंटी के दावों ने सरकारी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए हैं. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन मैसेजों के पीछे कोई वास्तविक लेन-देन हुआ था या नहीं.
पूर्व सरपंच ने दी सफाई
वायरल मैसेजों को लेकर पूर्व सरपंच विनोद प्रजापति ने अपनी सफाई में कहा कि पहले वे बच्चों को परीक्षाओं की तैयारी करवाते थे और उन्हें पढ़ाई के टिप्स देते थे. अब बाहर रहने के कारण उनके पास समय नहीं है. उन्होंने सोशल मीडिया पर केवल प्रचार किया था. बताया जा रहा है कि नगर निकाय चुनावों की घोषणा के बाद व्हाट्सएप ग्रुप से इस तरह के मैसेज गायब हो गए. फिलहाल इस मामले में किसी आधिकारिक जांच या कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है.
नोट:- न्यूज18 इन वायरल मैसेजों और उनमें किए गए दावों की पुष्टि नहीं करता है.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Jhunjhunu,Rajasthan
First Published :
October 19, 2026, 12:28 IST



