Entertainment

सलमान खान की फिल्म के कंपोज किए 11 गाने, सभी रहे सुपर-डुपर हिट, लता मंगेशकर-आशा भोसले संग दिए कई चार्टबस्टर

नई दिल्ली.  हिंदी सिनेमा में कुछ संगीतकार ऐसे रहे हैं, जिन्होंने सिर्फ गाने नहीं बनाए, बल्कि कई पीढ़ियों की यादों को सुरों में पिरो दिया. उनकी धुन कभी प्यार का इजहार बनीं, कभी शादी के जश्न का हिस्सा और कभी परिवार के साथ बैठकर गुनगुनाने की वजह. ऐसे ही दिग्गज संगीतकार रामलक्ष्मण थे. उनका असली नाम विजय काशीनाथ पाटिल था. 16 सितंबर 1942 को नागपुर में जन्मे विजय पाटिल ने अपनी प्रतिभा से संगीत की दुनिया में ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसे आज भी याद किया जाता है. उन्होंने अपने गानों और धुन से 80 और 90 के दशक के सिनेमा को परिभाषित किया.

रामलक्ष्मण नाम के पीछे एक दिलचस्प कहानी छिपी है. यह दरअसल संगीतकार जोड़ी का नाम था, जिसमें विजय पाटिल के साथ सुरेंद्र का नाम जुड़ा था. विजय को बचपन से ही संगीत से गहरा लगाव था. उन्होंने संगीत की बाकायदा ट्रेनिंग ली और पियानो, अकॉर्डियन और ड्रम्स जैसे वाद्ययंत्रों पर अपनी पकड़ बनाई. यही हुनर आगे चलकर उनकी पहचान बना.

दादा ने दिया था पहला ब्रेक

मराठी सिनेमा में विजय काशीनाथ पाटिल को पहला बड़ा मौका उनके दादा कोंडके ने दिया था. दादा कोंडके ने विजय की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें मराठी फिल्मों में संगीत देने का अवसर दिया. इसके बाद विजय ने हिंदी सिनेमा का रुख किया. 1977 में ‘एजेंट विनोद’ से हिंदी फिल्मों में उनकी एंट्री हुई. हालांकि, रामलक्ष्मण की जोड़ी ज्यादा लंबे समय तक साथ नहीं चल सकी. सुरेंद्र के निधन के बाद विजय पाटिल ने अकेले ही रामलक्ष्मण नाम को आगे बढ़ाया.

सलमान खान-भाग्यश्री की ‘मैंने प्यार किया’ से चमकी किस्मत

साल 1989 में आई सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ रामलक्ष्मण के करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई. सलमान खान और भाग्यश्री की इस प्रेम कहानी ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाई, तो इसके गानों ने लोगों के दिलों पर राज किया. फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई और इसके गाने सभी गाने चार्टबस्टर. रामलक्ष्मण ने सलमान खान और भाग्यश्री की फिल्म में कुल 11 गाने दिए थे और ‘दिल दीवाना’, ‘कबूतर जा जा जा’, ‘आजा शाम होने आई’ और ‘मेरे हाथों में नौ नौ चूड़ियां हैं’ जैसे सभी 11 गाने आज भी लोगों की जुबां पर चढ़े हुए हैं.

फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ के संगीत में रोमांस, मासूमियत और भारतीय सुरों की मिठास का ऐसा मेल था, जिसने रामलक्ष्मण को घर-घर में पहचान दिला दी. यह सिर्फ एक हिट फिल्म का संगीत नहीं था, बल्कि उनके करियर को नई ऊंचाई देने वाला अध्याय था.

सलमान खान की फिल्मों से हिट हुआ गाना

‘मैंने प्यार किया’ के बाद रामलक्ष्मण ने राजश्री प्रोडक्शन के साथ अपनी खास पहचान बनाई. साल 1994 में आई ‘हम आपके हैं कौन…!’ के गाने तो जैसे हर भारतीय परिवार की धड़कन बन गए. ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’, ‘माई नी माई’, ‘जूते दो पैसे लो’ और ‘वाह वाह राम जी’ जैसे गानों ने शादी-ब्याह और पारिवारिक फंक्शन्स में अपनी खास जगह बना ली.

आशा भोसले-लता मंगेशकर संग हिट थी जोड़ी

इसके बाद 1999 में ‘हम साथ-साथ हैं’ ने भी उनकी संगीत प्रतिभा का लोहा मनवाया. फिल्म के गीतों में परिवार, रिश्तों और भारतीय परंपराओं की झलक थी, जो दर्शकों को खूब पसंद आई. रामलक्ष्मण ने अपने लंबे करियर में हिंदी, मराठी और भोजपुरी सिनेमा की कई फिल्मों में संगीत दिया. ‘100 डेज’, ‘पत्थर के फूल’, ‘पुलिस पब्लिक’ और ‘मुस्कुराहट’ जैसी फिल्मों में भी उनके संगीत की छाप देखने को मिली. उन्होंने लता मंगेशकर, आशा भोसले, किशोर कुमार, उदित नारायण, अलका याग्निक और कुमार सानू जैसे दिग्गज गायकों के साथ काम किया था.

150 गानों में दिया था म्यूजिक

विजय पाटिल उर्फ रामलक्ष्मण ने हिंदी, भोजपुरी और मराठी की करीब 150 से ज्यादा फिल्मों में म्यूजिक दिया. लाइमलाइट से ज्यादा संगीतकार को अपने संगीत पर भरोसा था. वह कम बोलते थे, लेकिन उनकी धुन बहुत कुछ कहती थीं. 22 मई 2021 को 79 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया. उनके जाने से हिंदी फिल्म संगीत की दुनिया में एक ऐसा खालीपन आया, जिसे भरना आसान नहीं.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj