सीकर में विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने किए बाबा श्याम के दर्शन, मांगा आशीर्वाद

Last Updated:October 11, 2026, 09:03 IST
Ravindra Singh Bhati Visit Khatu Shyam Ji: सीकर के विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी धाम में राजस्थान के विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने पहुंचकर बाबा श्याम के दर्शन किए और विधिवत पूजा की. श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया, प्रतीक चिह्न भेंट किया और दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया. मीडिया से बातचीत में भाटी ने कहा कि बाबा श्याम के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं जाता. विदेशों में भी बाबा के कीर्तन होते हैं. महाभारत काल के बर्बरीक ही आज कलयुग में हारे के सहारे बाबा श्याम के रूप में पूजे जाते हैं.
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सीकर: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी धाम में रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन करने पहुंचते हैं. बाबा श्याम के पावन दरबार में आम श्रद्धालुओं से लेकर देश के प्रसिद्ध जनप्रतिनिधियों और जानी-मानी हस्तियों की गहरी आस्था लगातार देखने को मिलती है. इसी क्रम में राजस्थान विधानसभा सदस्य रविन्द्र सिंह भाटी हाल ही में खाटूश्यामजी पहुंचे. उन्होंने बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाकर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए विशेष आशीर्वाद प्राप्त किया.
खाटूश्यामजी पहुंचने पर श्री श्याम मंदिर कमेटी की ओर से विधायक रविन्द्र सिंह भाटी का जोरदार अभिनंदन और स्वागत किया गया. मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने उन्हें बाबा श्याम के गर्भगृह में ले जाकर विधिवत विशेष पूजा-अर्चना करवाई. दर्शन और पूजन के पश्चात कमेटी की तरफ से रविन्द्र सिंह भाटी को बाबा श्याम का प्रतीक चिह्न भेंट किया गया और पारंपरिक श्याम दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. इस दौरान उनकी गहरी आस्था और भक्ति भाव देखते ही बन रहा था, और उन्होंने इस अवसर पर गर्भगृह के सामने केक भी काटा.
देश ही नहीं विदेशों में भी फैली है बाबा श्याम की महिमा और कीर्तनदर्शन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि बाबा श्याम की महिमा अत्यंत निराली और अद्वितीय है. इस पवित्र दरबार में जो भी भक्त सच्ची श्रद्धा के साथ आता है, वह कभी खाली हाथ वापस नहीं लौटता है. उन्होंने कहा कि वे भी अपनी मनोकामना और मन्नत लेकर बाबा के दरबार में पहुंचे हैं. उन्होंने यह भी साझा किया कि बाबा श्याम का आशीर्वाद केवल राजस्थान या भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में भी उनकी भक्ति का प्रसार हो चुका है. विदेशों में आयोजित होने वाले श्याम कीर्तन कार्यक्रमों में वे खुद कई बार हिस्सा ले चुके हैं.
कलयुग के अवतार और हारे का सहारा हैं बाबा श्याम की मान्यताखाटूश्यामजी का धार्मिक महत्व संपूर्ण देश में माना जाता है. देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु यहां आकर मन्नत मांगते हैं. हाल ही में राज्य मंत्री संजय शर्मा और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी यहां आकर बाबा के दर्शन किए थे. पौराणिक मान्यता के अनुसार, महाभारत काल में भीम के पौत्र बर्बरीक ने भगवान श्रीकृष्ण को अपना शीश दान कर दिया था. इस महान त्याग से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने बर्बरीक को वरदान दिया कि कलयुग में वे उनके नाम ‘श्याम’ से पूजे जाएंगे और हर हारे हुए व्यक्ति का संबल और सहारा बनेंगे. इसी कारण बाबा श्याम को ‘हारे का सहारा’ कहा जाता है, जो आज भी करोड़ों भक्तों की आस्था का मुख्य केंद्र है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Sikar,Sikar,Rajasthan
First Published :
October 11, 2026, 09:03 IST



