सेना के जवानों संग दौड़े 1500 से ज्यादा लोग, युवाओं ने दिया फिटनेस और अनुशासन का संदेश

Last Updated:September 27, 2026, 10:35 IST
Kota Gandiv Marathon 1.0: कोटा के उम्मेद सिंह स्टेडियम में गांडिव डिवीजन के स्वर्ण जयंती समारोह पर ‘कोटा गांडिव मैराथन-1.0’ का आयोजन हुआ. इसमें 1500 से ज्यादा धावकों ने सैन्य जवानों और पूर्व सैनिकों के साथ दौड़ लगाई. इस शानदार मैराथन का मुख्य उद्देश्य फिटनेस, स्वस्थ जीवनशैली और अनुशासन का संदेश देना था. युवाओं और स्थानीय रनिंग कम्युनिटी ने भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. आयोजन ने शारीरिक दक्षता के साथ सेना और आम नागरिकों के बीच मजबूत संबंधों की बेहतरीन तस्वीर पेश की.
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Kota News: उम्मेद सिंह स्टेडियम से दौड़े 1500+ धावक, सेना के जवानों संग दिखी फिटनेस और एकजुटता की तस्वीर
Kota: राजस्थान के कोटा शहर में रविवार को फिटनेस, अनुशासन और सैन्य-नागरिक एकजुटता का एक अद्भुत नजारा देखने को मिला. भारतीय सेना के गांडिव डिवीजन के स्वर्ण जयंती समारोह के विशेष अवसर पर ‘कोटा गांडिव मैराथन-1.0’ का भव्य आयोजन किया गया. इस ऐतिहासिक मैराथन में सेना के जवानों के साथ-साथ शहर के आम नागरिकों ने भी पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया. उम्मेद सिंह स्टेडियम से शुरू हुई इस दौड़ ने पूरे शहर में ऊर्जा का संचार कर दिया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और सेना तथा नागरिकों के बीच के संबंधों को प्रगाढ़ बनाना था. यह आयोजन शहरवासियों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ.
मैराथन में 1500 से अधिक धावकों ने भाग लेकर इसे एक सफल आयोजन बना दिया. अलसुबह से ही कोटा के उम्मेद सिंह स्टेडियम में लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी थी. युवाओं, महिलाओं, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के लोगों ने इस दौड़ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इस मैराथन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें भारतीय सेना के सेवारत सैन्यकर्मियों के साथ-साथ पूर्व सैनिकों (एक्स-सर्विसमेन) और स्थानीय रनिंग कम्युनिटी के सदस्यों ने भी एक साथ कदमताल की. अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए इन सभी धावकों ने एक साथ दौड़कर यह साबित कर दिया कि जब बात देश और फिटनेस की हो, तो सभी एक समान हैं.
स्वर्ण जयंती समारोह का विशेष महत्वगांडिव डिवीजन भारतीय सेना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गौरवशाली अंग है. इसकी स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह स्वर्ण जयंती समारोह मनाया जा रहा है. इसी कड़ी में आयोजित यह कोटा गांडिव मैराथन केवल एक दौड़ तक सीमित नहीं थी. इस दौड़ के जरिए अनुशासन, धैर्य और दृढ़ संकल्प का एक मजबूत संदेश दिया गया. सेना के अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के आयोजन न केवल शारीरिक क्षमता को परखते हैं, बल्कि मानसिक मजबूती को भी बढ़ावा देते हैं. धावकों के पसीने और उनके चेहरों पर दिख रहे उत्साह ने इस बात की पुष्टि की कि फिटनेस किसी एक दिन का काम नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाली जीवनशैली है.
सेना और नागरिकों के बीच मजबूत संबंधआयोजन के दौरान युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रही. सेना के अधिकारियों और पुलिस प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार के संयुक्त आयोजनों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अनुशासित और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है. जब आम नागरिक सेना के जवानों को अपने बीच दौड़ते हुए देखते हैं, तो उनके भीतर भी देशप्रेम और फिटनेस का जज्बा पैदा होता है. मैराथन ने सेना और आम नागरिकों के बीच मजबूत होते संबंधों की एक खूबसूरत तस्वीर पेश की. पुलिस अधिकारियों और वहां मौजूद युवा प्रतिभागियों ने भी इस शानदार आयोजन की जमकर सराहना की.
फिटनेस के साथ एकजुटता का अनूठा संदेशकुल मिलाकर कोटा गांडिव मैराथन-1.0 ने सामाजिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण में फिटनेस के महत्व को सफलतापूर्वक रेखांकित किया है. 1500 से ज्यादा धावकों की ऊर्जा, सेना का अनुशासन और शहरवासियों का उत्साह, इन सभी ने मिलकर इस आयोजन को कोटा के इतिहास में एक यादगार पन्ना बना दिया है. सेना और स्थानीय प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले समय में भी इस तरह के आयोजनों की निरंतरता बनी रहेगी, जिससे युवा पीढ़ी सही दिशा में आगे बढ़ सके और एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Kota,Kota,Rajasthan
First Published :
September 27, 2026, 10:35 IST



