‘हमारा परकोटा, हमारी विरासत’, जयपुर में हजारों लोगों की रैली, ऐतिहासिक पहचान बचाने को सड़कों पर उतरे लोग

Last Updated:August 23, 2026, 20:22 IST
Jan Aakrosh Rally Jaipur: जयपुर के ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र में शहर की विरासत के संरक्षण और क्षेत्र से हो रहे पलायन के मुद्दे को लेकर जन आक्रोश रैली निकाली गई. रैली की अगुवाई 2100 महिलाओं ने की, जबकि आयोजकों ने हजारों लोगों के शामिल होने का दावा किया. सैकड़ों दुपहिया और चौपहिया वाहनों के साथ निकली रैली के चलते कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ. ट्रैफिक पुलिस ने व्यवस्था संभालने के लिए कई मार्गों पर रूट डायवर्ट किए.
ख़बरें फटाफट
जयपुर के परकोटे में जन आक्रोश, 2100 महिलाओं ने संभाली कमान
जयपुर: राजधानी जयपुर के परकोटा क्षेत्र से बहुसंख्यक वर्ग के बड़े पैमाने पर हो रहे पलायन को रोकने और शहर की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की मांग को लेकर शहर की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ है. ‘युवा शक्ति मंच राजस्थान’ के आह्वान पर आयोजित इस विशाल भगवा आक्रोश रैली में हजारों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया. इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान पूरा शहर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष और भगवा रंग से सराबोर नजर आया.
यह आक्रोश रैली दिल्ली रोड स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल खोले के हनुमान जी मंदिर से आरंभ हुई. रैली के मार्ग में सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए थे, लेकिन उससे भी अधिक मजबूत आम जनता का उत्साह दिखाई दे रहा था. रैली की विशेषता यह रही कि इसके सबसे आगे भगवा वस्त्र धारण किए हुए 21,00 नहीं बल्कि 2100 महिलाएं हाथों में ध्वज थामे आगे चल रही थीं, जो महिला शक्ति और धर्म के प्रति उनकी निष्ठा का प्रतीक था. इन महिलाओं के ठीक पीछे विशाल जनसमूह का ऐसा हुजूम उमड़ा कि सड़कों पर जिधर नजर जाए, उधर भगवा सैलाब ही नजर आ रहा था. रैली के साथ सैकड़ों की संख्या में दोपहिया और चौपहिया वाहन भी शामिल थे, जिन पर सवार युवा लगातार नारे लगा रहे थे.
रामलीला मैदान तक गूंजे ‘जय श्रीराम’ के नारेखोले के हनुमान जी मंदिर से शुरू हुई यह रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई एमआई रोड स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान में पहुंचकर समाप्त हुई. पूरे रास्तेभर स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने रैली में शामिल लोगों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया. मार्ग में हर तरफ भगवा ध्वज लहराते रहे और ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा. रामलीला मैदान में पहुंचकर यह आक्रोश रैली एक विशाल जनसभा में तब्दील हो गई, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से पधारे संत-महात्माओं ने अपने ओजस्वी वचनों से उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया और जयपुर के मूल स्वरूप को बनाए रखने पर जोर दिया.
सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की उठी पुरजोर मांगयुवा शक्ति मंच राजस्थान के प्रदेश संयोजक सुनील सिंह शेखावत ने रैली के दौरान मीडिया और जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जयपुर की सांस्कृतिक विरासत और पहचान केवल एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि परकोटे के भीतर से बहुसंख्यक समाज का हो रहा पलायन एक गंभीर चिंता का विषय है, जिसे रोकना समय की सबसे बड़ी मांग है. इस धरोहर को सुरक्षित रखना और इसके मूल जनसांख्यिकीय स्वरूप को बचाए रखना हम सबकी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है.
प्रशासन और समाज के लिए एक बड़ा संदेशयह भगवा आक्रोश रैली सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि जयपुर के मूल सामाजिक ताने-बाने को बचाने के लिए समाज की सामूहिक चिंता की थी. रैली के माध्यम से सरकार और प्रशासन तक यह संदेश पहुंचाया गया कि परकोटे के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक वैभव को धूमिल होने से बचाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए. इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि अपनी संस्कृति और पहचान की रक्षा के लिए राजधानी का जनमानस एकजुट होकर सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
और पढ़ेंLocation :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 23, 2026, 20:22 IST



