अजिंक्य रहाणे से लेकर उस्मान ख्वाजा तक… साल 2026 में इन 7 क्रिकेटर्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास

नई दिल्ली. वर्तमान साल इंटरनेशलन क्रिकेट के इतिहास में एक बड़े बदलाव और कई युगों के अंत के रूप में दर्ज हो चुका है. जहां कुछ दिग्गजों ने अपने लंबे और शानदार करियर को शीर्ष पर रहते हुए अलविदा कहा, वहीं कुछ खिलाड़ियों ने फॉर्म, फिटनेस और युवा प्रतिभाओं के उभरने के बीच शांति से संन्यास लेना बेहतर समझा. पिछले कुछ वर्षों में विश्व कप के बाद होने वाले एकमुश्त संन्यास से अलग, 2026 के ये संन्यास काफी व्यक्तिगत, भावुक और हर खिलाड़ी की अलग कहानी बयां करने वाले रहे.
इस साल की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा (Usman Khawaja) के संन्यास से हुई. जनवरी 2026 में पांचवें एशेज टेस्ट के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने वाले ख्वाजा का करियर एक अद्भुत चक्र की तरह पूरा हुआ. उन्होंने जिस मैदान से 2010-11 में अपने टेस्ट सफर की शुरुआत की थी, वहीं अपनी अंतिम पारी भी खेली. अपने 88 टेस्ट मैचों के करियर में ख्वाजा ने 42.95 की बेहतरीन औसत से 6,229 रन बनाए, जिसमें 16 शानदार शतक शामिल रहे. क्रीज पर घंटों डटे रहने और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की उनकी कला ने उन्हें दुनिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल किया. हालांकि उनका मुख्य ध्यान लाल गेंद की क्रिकेट पर रहा, लेकिन उन्होंने 40 एकदिवसीय मैचों में भी 42 की औसत से 1,554 रन (2 शतक) बनाए और 9 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 241 रन जोड़े.
इन 7 क्रिकेटर्स ने साल 2026 में इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा.
ऑस्ट्रेलिया के व्हाइट बॉल विशेषज्ञ केन रिचर्डसन का संन्यासख्वाजा के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज केन रिचर्डसन ने भी जनवरी 2026 में 17 साल लंबे पेशेवर क्रिकेट के बाद संन्यास की घोषणा कर दी. 2013 में श्रीलंका के खिलाफ पदार्पण करने वाले रिचर्डसन ने खुद को सफेद गेंद के खेल का एक भरोसेमंद गेंदबाज साबित किया. अपने 25 वनडे और 36 टी-20 मैचों के करियर में उन्होंने कुल 84 अंतरराष्ट्रीय विकेट झटके. डेथ ओवरों में उनकी सटीक यॉर्कर और विविधताओं ने ऑस्ट्रेलिया को कई मौकों पर जीत दिलाई.
चैंपियंस ट्रॉफी विजेता कप्तान सरफराज अहमद का अलविदामार्च के महीने में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद (Sarfaraz Ahmed) ने 19 साल लंबे करियर पर विराम लगा दिया. 15 मार्च को पीसीबी की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए संन्यास का ऐलान करने वाले सरफराज की कप्तानी में पाकिस्तान ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं. उन्होंने 54 टेस्ट, 117 वनडे और 61 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में कुल 6,164 रन बनाए, जिसमें 6 शतक और 35 अर्धशतक शामिल रहे. 50 वनडे, 37 टी-20 और 13 टेस्ट मैचों में पाकिस्तान की कमान संभालने वाले सरफराज की सबसे बड़ी उपलब्धि 2017 की आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीत रही, जहां उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने फाइनल में भारत को हराया था. इसके अलावा उन्होंने अपनी टीम को टी-20 रैंकिंग में शीर्ष पायदान पर भी पहुंचाया.
दक्षिण अफ्रीकी मध्यक्रम का मजबूत आधार रासी वान डर डुसेनअप्रैल आते-आते दक्षिण अफ्रीका के मध्यक्रम के मजबूत स्तंभ रासी वान डर डुसेन ने भी 2 अप्रैल को संन्यास ले लिया. 29 वर्ष की देर से उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले डुसेन ने अपनी निरंतरता से सबको प्रभावित किया. उन्होंने 71 वनडे मैचों में 6 शतकों और 17 अर्धशतकों की मदद से 2,657 रन बनाए. इसके अलावा उन्होंने 57 टी-20 मैचों में 1,406 रन और 18 टेस्ट मैचों में 905 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी को हमेशा मजबूती दी.
न्यूजीलैंड के दिग्गज केन विलियमसन का ऐतिहासिक सफर समाप्तजून का महीना न्यूजीलैंड और इंग्लैंड, दोनों देशों के प्रशंसकों के लिए बेहद भावुक रहा. लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ पहला टेस्ट खेलने के बाद न्यूजीलैंड के महान खिलाड़ी केन विलियमसन (Kane Williamson) ने अपने 16 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम दिया. 378 अंतरराष्ट्रीय मैचों में न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व करने वाले 35 वर्षीय विलियमसन 19,000 से अधिक रनों के साथ अपने देश के सबसे सफल बल्लेबाज बने. उनके नाम 48 शतक और 6 दोहरा शतक दर्ज हैं. 2019 विश्व कप में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ रहने वाले विलियमसन को उनके खेल और शांत स्वभाव के लिए चार बार सर रिचर्ड हैडली मेडल और आईसीसी स्पिरिट ऑफ क्रिकेट अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया.
इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स का चौंकाने वाला फैसलाइसी महीने की 29 तारीख को इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स (Ben Stokes) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर पूरे खेल जगत को चौंका दिया. स्टोक्स, जिन्होंने अपनी आक्रामक कप्तानी और ‘बैज़बॉल’ शैली से इंग्लैंड के टेस्ट क्रिकेट की तस्वीर बदल दी थी, उनका इतनी जल्दी और फिट रहते हुए संन्यास लेना हर किसी के लिए अप्रत्याशित था.
भारतीय टेस्ट टीम के भरोसेमंद स्तंभ अजिंक्य रहाणे का संन्यासजुलाई 2026 के अंत में भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को भी एक बड़ा झटका लगा जब 30 जुलाई को अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने खेल के सभी प्रारूपों से संन्यास का ऐलान कर दिया. भारतीय मध्यक्रम की रीढ़ रहे रहाणे ने 195 अंतरराष्ट्रीय मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया. विशेषकर विदेशी सरजमीं और कठिन परिस्थितियों में उनकी बल्लेबाजी भारतीय टीम के लिए संजीवनी साबित होती थी. टेस्ट क्रिकेट में 5,000 से अधिक रन और 12 शतक बनाने वाले रहाणे का योगदान हमेशा भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम पन्नों में याद रखा जाएगा.



