Rajasthan

400 साल पुराना बीकानेर का ये गणेश मंदिर, धोती पहनने की है अनोखी परंपरा, मांगी मुराद होती है पूरी

Last Updated:September 13, 2026, 14:40 IST

बीकानेर में वैसे तो गणेश जी के कई मंदिर हैं, लेकिन नत्थूसर गेट के बाहर बसा यह मंदिर अपनी एक अलग ही छाप छोड़ता है.  करीब 400 साल पुराने इस मंदिर की सबसे अनोखी पहचान यहां भगवान गणेश को धोती पहनाने की अनूठी परंपरा है. यही वजह है कि भक्त प्यार से अपने विघ्नहर्ता को ‘धोती वाले गणेश जी’ कहकर पुकारते हैं. 400 सालों से चली आ रही परंपरा के मुताबिक, यहां बप्पा की मूर्ति का बहुत खास श्रृंगार किया जाता है. उन्हें धोती धारण कराई जाती है. सदियों पुराना यह मंदिर आज भी अपने पारंपरिक स्वरूप में कायम है.400 साल पुराना गणेश मंदिर, हर मुराद होती पूरी, धोती पहनाने की अनोखी परंपराZoom

बीकानेर शहर के प्राचीन गणेश मंदिरो में शुमार बड़ा गणेश मंदिर की पहचान धोती वाले गणेश जी के रूप में भी है. यहां भगवान गणेश को धोती पहनाने की एक अनूठी परंपरा है. इसके चलते श्रद्धालु प्यार से धोती वाले गणेश जी कहते हैं. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है. यह कारण है की इस मंदिर में लोगो सालो से नियमित रूप से आते है.

वैसे तो शहर में गणेश जी के कई मंदिर है. लेकिन नत्थूसर गेट के बाहर स्थित बड़ा गणेश मंदिर इनमे अलग पहचान रखता है. करीब 400 साल पहले इस मंदिर का निर्माण हुआ था. तब से ही यह शहर के लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र है. भगवान गणेश की मूर्ति का खास श्रृंगार होता है. उन्हें धोती धारण कराने की परंपरा इस मंदिर को एक अलग पहचान देती है. यही वजह है कि भक्त इन्हें धोती वाले गणेश जी के नाम से पुकारते हैं.

‘हर मनोकामना होती है पूरी’

श्रद्धालुओं की मान्यता है कि गणेश जी के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई सभी मनोकामना पूरी होती है. इस लिए सालों से श्रद्धालु यहां भगवान गणेश के दर्शन कर अपना काम शुरू करते है. इस मंदिर में हर बुधवार व गणेश चतुर्थी पर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगती हैं. विशेष धार्मिक मौकों पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और श्रृंगार किया जाता है. मंदिर में मनोकामनाऐं पूरी होने को संयोग कहें या भगवान गणेश का आशीर्वाद है. लेकिन ऐसी कई कहानियां इस मंदिर की आस्था को और मजबूत करती हैं.

आज भी चल रही धोती पहनाने की प्रथा

यही कारण है कि शुभ काम शुरू करने से पहले भी कई लोग यहां माथा टेकने पहुंचते हैं. मान्यता है कि विघ्नहर्ता गणेश का आशीर्वाद मिले तो काम में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं. बड़ा गणेश मंदिर आज भी अपनी अपने पुराने स्वरूप में है. लेकिन इस मंदिर से जुड़ी श्रद्धालुओ की आस्था और प्रतिमा को पहनाई जाने वाली धोती के कारण यह मंदिर अपना विशेष स्थान रखता है.

About the Authorसज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor

Sajan Kumar is a journalist with professional experience in digital news, web journalism, SEO content, copy editing and social media storytelling. He has been working in journalism since 2020 and has worked wit…

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Bikaner,Rajasthan

First Published :

September 13, 2026, 14:40 IST

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