Rajasthan

50 साल से शहर का हिस्सा, फिर भी विकास से दूर, अलवर की जनता ने बताया कैसा हो अगला महापौर

अलवर: राजस्थान के अलवर नगर निगम में चुनाव का बिगुल बज चुका है और अब शहर की सरकार चुनने की तैयारी तेज हो गई है. पार्षद से लेकर महापौर तक, हर पद के लिए राजनीतिक दल और संभावित उम्मीदवार अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं. लेकिन सबसे बड़ा सवाल है आखिर अलवर शहर की जनता कैसा महापौर चाहती है? इसी को जानने के लिए local 18 की टीम नगर निगम अलवर के वार्ड नंबर एक के गांव बल्ला बोड़ा में पहुंची, जहां पर ग्रामीणों से जाना की इस बार अलवर नगर निगम का महापौर कैसा होना चाहिए. वर्षों पुरानी अलवर नगर परिषद को 65 वार्डों के साथ अब नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद पहली बार अलवर में महिला मेयर शहर की सरकार को चलाएगी. अलवर नगर निगम में महापौर पद इस बार महिला अनारक्षित किया गया है, जिसको लेकर अलवर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि इस बार अलवर की महापौर द्वारा किस तरह के विकास कार्य करवाए जाएंगे.

गांव बल्ला बोड़ा के याकूब खान ने बताया कि नगर निगम में महापौर और पार्षद ऐसा हो जो वार्ड और शहर का विकास करें. उन्होंने बताया कि ऐसा मेयर चाहिए जो वार्ड में पक्की नालियां, साफ-सफाई का ध्यान और पीने के पानी की व्यवस्था सहित विभिन्न मूलभूत जन समस्याओं का हल करे. वार्ड नंबर 1 के गांव बल्ला बोड़ा को 50 साल से अधिक समय से अलवर शहर का हिस्सा होने के बावजूद आज भी अपेक्षित विकास का इंतजार है. ग्रामीणों का कहना है कि नगर परिषद क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद गांव में मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों की कमी बनी हुई है.

ऐसा महाापौर चाहिए जो लोगों की समस्या को सुने

स्थानीय धर्म सिंह यादव ने बताया कि अलवर नगर निगम का महापौर ऐसा होना चाहिए जो शहर के लोगों की जन समस्याओं को सुने और जल्द से जल्द हल करें. वहीं जफर खान ने बताया कि अलवर शहर के वार्ड एक में पानी, रोड लाइट, सड़क, और गंदगी की सबसे बड़ी समस्या है. 50 साल अधिक समय से शहर में शामिल होने के बाद भी अलवर शहर के वार्ड में मूलभूत समस्याओं से ग्रामीण वंचित हैं. शहर वासियों का कहना है कि इस बार ऐसा महापौर बने जो शहर में अच्छी साफ सफाई, बेहतर सड़कें, बिजली और पानी की व्यवस्था लोगों के लिए कर सके. अलवर शहर के लोगों ने कहा कि बारिश में अलवर शहर की सड़कों पर जलभराव की स्थिति हो जाती है, ऐसे में इस बार ऐसा महापौर बने जो अलवर शहर की ड्रेनेज सिस्टम को सुधारे और अलवर शहर को साफ- सुथरा बनाने के लिए काम करें.

अलवर शहर में सबसे ज्यादा समस्या साफ-सफाई और पानी की है

नसीब खान ने बताया अलवर शहर के आसपास कई वार्ड ऐसे हैं, जहां पर सड़के टूटी हुई है. नाली बनी नहीं है, जगह-जगह जलभराव रहता है. जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी होती है. अलवर शहर में सबसे ज्यादा समस्या साफ-सफाई सहित पानी की  है. यशवंत कुमार गुप्ता ने बताया कि शहर के वार्ड नंबर 1 में सड़कों पर अक्सर कीचड़ जमा रहता है. उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 55 वर्ष है और जब से वह यहां रह रहे हैं, तब से अलवर शहर में बिजली, पानी और साफ-सफाई जैसी मूलभूत समस्याओं को देखते आ रहे हैं.

266405 मतदाता अपने मताधिकार का करेंगे प्रयोग

उनका कहना है कि वर्षों बीतने के बावजूद इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है. ऐसे में पहली बार अलवर नगर निगम में महापौर के चुनाव है, इसलिए किसी भी पार्टी की जो भी महापौर हो वह शहर का विकास कराएं ताकि लोगों को फायदा मिले. बता दें कि अलवर नगर निगम चुनाव में इस बार कुल 266405 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इनमें से पुरुष मतदाता 1,36,654 महिला मतदाता 1,29,723 और ट्रांसजेंडर 18 मतदाता शामिल है. जिसमें कुल 65 वार्ड हैं, जिसमें 241 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे. 9 सितंबर को अलवर नगर निगम में पार्षद के लिए वोटिंग होंगी. वहीं 21 सितंबर को महापौर पार्षदों के द्वारा चुने जाएंगे.

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