56 साल बाद दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैच में पारी से हारा ऑस्ट्रेलिया, तेम्बा बावुमा की टीम ने रचा इतिहास

Last Updated:October 22, 2026, 23:39 IST
Australia defeats after 56 years in south Africa: डरबन टेस्ट में मिली हार के बाद दक्षिण अफ्रीका ने गकेबरहा में खेले गए दूसरे टेस्ट में जोरदार वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को एक पारी और 31 रनों से करारी शिकस्त दी. दक्षिण अफ्रीकी धरती पर 56 वर्षों बाद कंगारुओं को पारी से हार झेलनी पड़ी है. कप्तान तेम्बा बावुमा की ऐतिहासिक 179 रनों की पारी और निचले क्रम के 315 रनों के योगदान की बदौलत मेजबान टीम ने 425 रन बनाए. जवाब में पहली पारी में 99 रन पर ढेर होकर ऑस्ट्रेलिया को फॉलो-ऑन झेलना पड़ा.
दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया (SA vs AUS) के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला क्रिकेट इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है. डरबन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में हार का सामना करने के बाद मेजबान दक्षिण अफ्रीका ने गकेबरहा के सेंट जॉर्ज पार्क में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में जोरदार वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को एक पारी और 31 रनों से करारी शिकस्त दी. इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही दक्षिण अफ्रीका ने पांच मैचों की इस रोमांचक सीरीज में शानदार अंदाज में बराबरी हासिल कर ली है.
यह मुकाबला केवल एक मैच जीतना भर नहीं था, बल्कि यह रिकॉर्ड्स और ऐतिहासिक उलटफेरों से भरा एक ऐसा ड्रामा था, जिसे देखने वाले लंबे समय तक याद रखेंगे. ऑस्ट्रेलियाई टीम को दक्षिण अफ्रीकी धरती पर 56 वर्षों के बाद किसी पारी में हार का सामना करना पड़ा है. इससे पहले साल 1970 में जोहान्सबर्ग टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया को पारी और 129 रनों से करारी शिकस्त मिली थी. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के बाद दक्षिण अफ्रीका द्वारा ऑस्ट्रेलिया को पारी के अंतर से हराने का यह केवल दूसरा मौका है. इससे पहले साल 2016 के होबार्ट टेस्ट में भी दक्षिण अफ्रीका ने ऐसा ही कारनामा किया था.
मैच की शुरुआत में ऐसा बिल्कुल भी नहीं लग रहा था कि मुकाबला इस तरह का मोड़ लेगा. खेल के पहले चरण में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण ने कहर बरपाते हुए दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष क्रम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था. महज 110 के स्कोर पर मेजबान टीम के 6 महत्वपूर्ण बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे और टीम बेहद संकट में नजर आ रही थी. उस समय कंगारू टीम मैच पर पूरी तरह शिकंजा कसती हुई दिखाई दे रही थी और दक्षिण अफ्रीका की स्थिति बेहद दयनीय थी.
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लेकिन इसके बाद कप्तान तेम्बा बावुमा ने एक ऐसी कप्तानी पारी खेली, जिसने मैच का रुख ही पलट दिया. उन्होंने सूझबूझ और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए एक शानदार और यादगार शतक जड़ा. बावुमा ने 179 रनों की मैराथन पारी खेलकर टीम को संकट से निकाला और स्कोर को 425 रनों के विशाल सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया. छठा विकेट गिरने के बाद निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर उन्होंने 315 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की, जो टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सबसे बेहतरीन निचले क्रम के कमबैक में से एक बन गई.
इस शतकीय पारी के साथ ही तेम्बा बावुमा ने कई व्यक्तिगत रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए. 36 वर्ष और 154 दिन की उम्र में वे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक लगाने वाले सबसे उम्रदराज कप्तान बन गए. उन्होंने भारत के रोहित शर्मा के इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. इसके अलावा वे सेंट जॉर्ज पार्क के मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाले दक्षिण अफ्रीका के पहले कप्तान भी बन गए हैं. उनका यह स्कोर इस मैदान पर किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है, जो साल 2001 में हर्शेम गिब्स द्वारा बनाए गए 196 रनों के बाद आता है.
विशाल स्कोर के दबाव तले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह तास के पत्तों की तरह बिखर गया. पहली पारी में मेहमान टीम का सूपड़ा साफ हो गया और पूरी टीम मात्र 99 रनों पर ही ढेर हो गई. दक्षिण अफ्रीका की तरफ से घातक गेंदबाजी करते हुए मार्को यान्सेन ने कातिलाना गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और 5 विकेट झटके. दक्षिण अफ्रीकी सरजमीं पर ऑस्ट्रेलिया का यह तीसरा सबसे कम टेस्ट स्कोर है. इससे पहले साल 2011 में केप टाउन में उनका 47 रनों का स्कोर और साल 1950 में डरबन में 75 रनों का स्कोर ही इससे बदतर रहा था.
पहली पारी के आधार पर 326 रनों का भारी-भरकम पिछड़ जाने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को फॉलो-ऑन खेलने के लिए मजबूर कर दिया. यह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए एक पीढ़ीगत गिरावट और शर्मनाक क्षण था. यह इस सदी में केवल तीसरा मौका था और पिछले 38 वर्षों में यह महज तीसरी बार था जब किसी ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम को दोबारा बल्लेबाजी के लिए उतरना पड़ा. कंगारू टीम पर हार का खतरा मंडराने लगा था और वे इस बड़ी चुनौती से उबरने में पूरी तरह असमर्थ दिख रहे थे.
हालांकि, दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने थोड़ा संघर्ष जरूर दिखाया और पिच पर टिकने की कोशिश की, लेकिन पहली पारी का विशाल अंतर उनके लिए एक पहाड़ जैसा साबित हुआ. दूसरी तरफ से कगिसो रबाडा ने अपनी तेज गेंदबाजी का जादू बिखेरते हुए 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और कंगारू बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी. अंततः पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी पारी में 296 रनों पर सिमट गई. ट्रैविस हेड ने जुझारू शतकीय पारी खेलकर टीम को बचाने का असफल प्रयास किया, लेकिन वह हार के अंतर को टाल नहीं सके.
इस प्रकार यह मुकाबला दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट के लिए स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाने वाला दिन बन गया. एक तरफ जहां शुरुआती झटकों के बाद टीम ने अविश्वसनीय वापसी की, वहीं दूसरी तरफ कप्तान तेम्बा बावुमा की ऐतिहासिक पारी हमेशा याद रखी जाएगी. गेंदबाजी में मार्को यान्सेन और कगिसो रबाडा का जलवा पूरी श्रृंखला के लिहाज से एक बड़ा संदेश दे गया है. सीरीज अब बेहद रोमांचक मोड़ पर आ चुकी है और दोनों टीमें आगामी मुकाबलों के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
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October 22, 2026, 23:39 IST



