90% लोग Diet Coke और Coke Zero को समझते हैं एक जैसा, असली फर्क जानकर रह जाएंगे हैरान

Last Updated:April 26, 2026, 22:11 IST
Diet coke vs Coke zero: डाइट कोक और कोक जीरो को कई लोग एक ही ड्रिंक समझते हैं, क्योंकि दोनों शुगर-फ्री हैं. लेकिन स्वाद से लेकर फॉर्मूला तक, इन दोनों के बीच कई बड़े फर्क हैं जिन्हें जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे.
शुगर-फ्री कोल्ड ड्रिंक.
अगर आप बाजार में शुगर-फ्री कोल्ड ड्रिंक खरीदते हैं, तो आपने डाइट कोक और कोक ज़ीरो दोनों के नाम जरूर सुने होंगे. देखने में दोनों लगभग एक जैसे लगते हैं, क्योंकि दोनों में चीनी नहीं होती और कैलोरी भी बहुत कम या न के बराबर होती है. इसी वजह से कई लोग इन्हें एक ही समझ लेते हैं. लेकिन असल में इन दोनों ड्रिंक्स के स्वाद, फॉर्मूला, टारगेट ग्राहकों और इतिहास में बड़ा फर्क है. अगर आप सोचते हैं कि डाइट कोक और कोक जीरो सिर्फ पैकेजिंग में अलग हैं, तो यहां आप पूरी तरह गलत हैं, आइए जानते हैं कैसे…
डाइट कोक और कोक जीरो के बीच सबसे बड़ा फर्क इनके स्वाद में माना जाता है. कोक ज़ीरो को इस तरह तैयार किया गया है कि उसका स्वाद नॉर्मल कोला की तरह लगे यानी अगर कोई व्यक्ति ओरिजिनल कोक का स्वाद पसंद करता है लेकिन चीनी नहीं चाहता, तो वह कोक जीरो खरीद सकता है. दूसरी तरफ डाइट कोक का स्वाद हल्का और अलग ब्लेंड वाला होता है. इसका टेस्ट पारंपरिक कोक जैसा नहीं, बल्कि थोड़ा अलग और कम भारी महसूस होता है. यही कारण है कि कई लोग इन दोनों में से सिर्फ एक को पसंद करते हैं.
दोनों में चीनी नहीं, फिर भी अलग क्यों?दोनों ड्रिंक्स शुगर-फ्री और लो कैलोरी कैटेगरी में आती हैं, लेकिन इनमें इस्तेमाल होने वाले फ्लेवरिंग सिस्टम और स्वीटनर कॉम्बिनेशन अलग हो सकते हैं. यही वजह है कि बिना चीनी होने के बावजूद दोनों का स्वाद एक जैसा नहीं लगता. कंपनी ने इन्हें अलग-अलग पसंद रखने वाले ग्राहकों के लिए बनाया था, ताकि हर तरह के लोगों को विकल्प मिल सके.
कौन पहले आया था बाजार में?डाइट कोक को कोका-कोला ने 1983 में लॉन्च किया था. यह कंपनी का पहला शुगर-फ्री कोला ड्रिंक था. उस समय हेल्थ कॉन्शियस लोगों और कम कैलोरी इनटेक वालों के लिए बेस्ट था. बाद में 2000 के दशक में कंपनी ने कोक जीरो को मार्केट में इंट्रोड्यूस किया, जिसे उन लोगों के लिए बनाया गया जो बिना कैलोरी के भी ओरिजिनल कोक जैसा स्वाद चाहते थे. बाद में इसका नया रूप कोक जीरो शुगर नाम से सामने आया.
अलग ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाए गए प्रोडक्टडाइट कोक को शुरू में उन लोगों के लिए लोकप्रिय बनाया गया जो कैलोरी कम करना चाहते थे और हल्का स्वाद पसंद करते थे. वहीं कोक जीरो को ऐसे ग्राहकों के लिए डिजाइन किया गया जो शुगर नहीं चाहते, लेकिन टेस्ट में क्लासिक कोक जैसा अनुभव चाहते हैं. आसान भाषा में कहें तो डाइट कोक स्वाद में अलग पहचान रखती है, जबकि कोक जीरो पूराने कोक की तरह ही टेस्ट करता है. चूंकि, दोनों शुगर-फ्री ड्रिंक हैं, तो आपको फर्क साफ महसूस होगा. जो लोग डाइट कोक के आदी हैं, उन्हें कोक जीरो ज्यादा मीठा या भारी लग सकता है. वहीं ओरिजिनल कोक पसंद करने वालों को कोक जीरो ज्यादा बेहतर लग सकता है.
About the AuthorVividha SinghSub Editor
विविधा सिंह इस समय हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें
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First Published :
April 26, 2026, 22:11 IST



