फालौदी और श्रीकाकुलम सड़क हादसों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अब गैरकानूनी ढाबों और खराब सड़कों पर गिरेगी गाज

रिपोर्ट- शंकर आनंद
सुप्रीम कोर्ट सुओ मोटो केस: सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के फालौदी और आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में हुए दो बड़े सड़क हादसों पर खुद से संज्ञान लिया है. ये मामले स्वतः संज्ञान (सूओ मोटो) के तहत दर्ज किए गए हैं. सुनवाई न्यायमूर्ति जे.के. महेश्वरी और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की बेंच कर रही है.फालौदी हादसे में 18 लोग मारे गए, जबकि श्रीकाकुलम में 19 लोगों की जान गई. दोनों दुर्घटनाएं हाईवे पर हुईं, जहां ट्रक और अन्य वाहन टकराए. कोर्ट ने इन हादसों को गंभीर लापरवाही बताया.
कोर्ट की मुख्य टिप्पणियां न्यायमूर्ति महेश्वरी ने कहा, “हाईवे के किनारे अनधिकृत ढाबे खुल गए हैं. ट्रक ड्राइवर वहां अपने वाहन खड़े कर देते हैं. तेज रफ्तार से आते अन्य वाहन इन खड़े ट्रकों को नहीं देख पाते और टक्कर हो जाती है. ऐसे ढाबों और पार्किंग को नियंत्रित करना जरूरी है.”
कोर्ट ने आगे कहा:सड़कों की हालत खराब है, फिर भी टोल वसूला जा रहा है.आम लोग बिना अनुमति के हाईवे किनारे ढाबे चला रहे हैं.भारी वाहन ढाबों के पास खड़े होने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं.
ये हादसे दिखाते हैं कि सड़क सुरक्षा में बड़ी कमियां हैं. खराब सड़कें, अनियंत्रित पार्किंग और गलत जगह ढाबे – ये सब मिलकर जान ले रहे हैं.
कोर्ट के आदेशसुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और सड़क परिवहन मंत्रालय को फटकार लगाई. दोनों को दो हफ्ते में रिपोर्ट देनी होगी. रिपोर्ट में बताना है:फालौदी और श्रीकाकुलम हाईवे पर कितने ढाबे गैर-कानूनी तरीके से चल रहे हैं.सड़कों की मौजूदा स्थिति क्या है.रखरखाव के समय ठेकेदारों ने कौन से नियम माने या नहीं माने.
कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसी दुर्घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए तुरंत कदम उठाने पड़ेंगे. अनधिकृत ढाबों को हटाना, पार्किंग व्यवस्था सुधारना और सड़कों का ठीक रखरखाव जरूरी है.
क्यों महत्वपूर्ण है ये मामला?भारत में हर साल हजारों सड़क हादसे होते हैं. ज्यादातर में लापरवाही जिम्मेदार होती है. सुप्रीम कोर्ट का ये कदम सरकार और अधिकारियों पर दबाव डालेगा. इससे हाईवे सुरक्षित होंगे, ढाबे नियंत्रित जगह पर चलेंगे और ट्रक पार्किंग के लिए अलग जगह बनेगी. आम जनता की जान बचाने के लिए ये बड़ा फैसला साबित हो सकता है.



