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इतिहास का सबसे छोटा केसरिया ध्वज! नक्काशी कर देगा हैरान, देखेंगे तो यकीन नहीं होगा

Last Updated:November 29, 2025, 18:54 IST

इकबाल सक्का ने 1 सेंटीमीटर का चांदी का केसरिया ध्वज, राम मंदिर मॉडल और 1 मिलीमीटर का सूरज बनाकर राम मंदिर ट्रस्ट को भेंट करने की तैयारी की है, जो मायक्रो आर्ट का अद्भुत उदाहरण है.

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उदयपुर. दुनिया भर में अपने मायक्रो आर्ट के अनोखे कारनामों के लिए पहचाने जाने वाले 121 वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर इकबाल सक्का ने एक बार फिर अपनी अद्भुत कला से सभी को चौंका दिया है. अयोध्या राम मंदिर में हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा फहराए गए 700 टन और 44 फीट लंबे केसरिया ध्वज की खुशी के बीच सक्का ने चांदी से मात्र 1 सेंटीमीटर का केसरिया ध्वज तैयार किया है, जिसे वे राम मंदिर ट्रस्ट को भेंट करेंगे. इसके लिए उन्होंने ट्रस्ट को दिल्ली स्थित कार्यालय में पत्र भी भेजा है. यह ध्वज आकार में भले छोटा है, लेकिन इसकी बारीकी इसे अत्यंत विशेष बनाती है.

सक्का के इस ध्वज की सबसे खास बात यह है कि इसे सूक्ष्म कला के उच्चतम स्तर पर तैयार किया गया है. ध्वज पर बने प्रतीक सिर्फ लेंस की सहायता से ही स्पष्ट दिखाई देते हैं. 1 सेंटीमीटर के इस ध्वज पर उन्होंने न केवल ‘ॐ’ का चिन्ह उकेरा है बल्कि सूरज और कोविदार पेड़ का डिज़ाइन भी तैयार किया है, जिनका रामायण काल में विशेष महत्व माना जाता है. पूरा ध्वज केसरिया रंग में रंगा गया है और इसकी महीन नक्काशी इतनी सूक्ष्म है कि बिना मैग्नीफायर इसे देख पाना संभव नहीं है.

माइक्रो आर्ट की अनोखी मिसालइकबाल सक्का ने केवल ध्वज ही नहीं बनाया, बल्कि उसके साथ 1 सेंटीमीटर का राम मंदिर मॉडल भी तैयार किया है. इस मॉडल के कलश पर भी उन्होंने बेहद नन्हा केसरिया ध्वज बनाया है जो हवा में लहराता हुआ प्रतीत होता है. मंदिर पर केसरिया, सफेद और हरे रंग से की गई सजावट इसे और भी आकर्षक बनाती है. इसके साथ ही सक्का ने 1 मिलीमीटर का सूरज भी तैयार किया है, जो मायक्रो आर्ट में उनकी दक्षता को और अधिक सशक्त रूप से सिद्ध करता है. इतनी छोटी कलाकृति तैयार करना न केवल धैर्य बल्कि अत्याधुनिक कौशल की भी मांग करता है.

देश के प्रति श्रद्धा का प्रतीकसक्का का कहना है कि यह कलाकृति उनकी आस्था और देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनकी श्रद्धा का प्रतीक है. इससे पहले भी वे कई अनोखी कलाकृतियाँ राम मंदिर को भेंट कर चुके हैं. कुछ समय पहले उन्होंने सोने की चरण पादुका और सोने की एक ईंट भी बनाई थी, जिनके रिकॉर्ड बने और जिनकी पूरे देश में चर्चा हुई थी. हर बार उनकी कलाकृतियाँ न केवल आश्चर्यजनक होती हैं बल्कि कला जगत में नई दिशा भी देती हैं.

भेंट करने की तैयारी पूरीउदयपुर के इस कलाकार ने बताया कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पूरे देश के लिए एक उत्सव का अवसर है. इसलिए उन्होंने सोचा कि इस विशेष खुशी को अपनी कला के माध्यम से अनोखे रूप में व्यक्त किया जाए. सक्का ने कहा कि जैसे ही राम मंदिर ट्रस्ट की अनुमति मिलती है, वे स्वयं अयोध्या जाकर यह 1 सेंटीमीटर का केसरिया ध्वज, मंदिर मॉडल और सूरज की कलाकृति भेंट करेंगे. उनका मानना है कि यह न केवल उनकी कला का समर्पण है बल्कि राष्ट्र और धर्म के प्रति उनकी भावनाओं का सम्मान भी है.

About the AuthorAnand Pandey

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें

Location :

Udaipur,Rajasthan

First Published :

November 29, 2025, 18:54 IST

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