National

Goa Nightclub Fire Latest News | Goa Nightclub Fire Latest Updates- गोवा अग्निकांड में 4 गिरफ्तार, भीड़, आग के लिए खतरनाक बिल्डिंग और भागने का खराब रास्ता, लापरवाही की कीमत 25 जानें

Goa Nightclub Fire News Update: गोवा के अर्पोरा इलाके में मौजूद फेमस नाइटक्लब Birch by Romeo Lane में शनिवार देर रात लगी भीषण आग ने 25 लोगों की जान ले ली. यह हादसा सिर्फ एक आग नहीं थी, बल्कि लापरवाही, टूटे नियम और खतरे से भरे ढांचे की वह कीमत थी जो निर्दोष लोगों को अपनी जिंदगी देकर चुकानी पड़ी. आधी रात के बाद जब क्लब म्यूजिक और भीड़ के शोर से भरा हुआ था, तभी अचानक सिलेंडर ब्लास्ट की आवाज ने सबको हिलाकर रख दिया. कुछ ही मिनटों में धुआं इतना फैल गया कि सांस लेना तक मुश्किल हो गया.

इस भयावह हादसे के बाद अब पुलिस ने क्लब के चार मैनेजरों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि क्लब न सिर्फ भीड़ से भरा था, बल्कि बिल्डिंग के अंदर इस्तेमाल हुआ फ्लेमेबल मटीरियल, तंग एंट्री-एग्जिट रूट और खराब वेंटिलेशन ने स्थिति को और खतरनाक बना दिया. लोग बाहर निकलना चाहते थे, लेकिन रास्ता ही इतना सीमित था कि कई लोग बेसमेंट में ही फंस गए. मौत की वजह ज्यादातर लोगों में सफोकेशन ही पाई गई है.

क्या है पूरा मामला?

यह हादसा रविवार तड़के करीब 12:04 बजे हुआ जब नाइटक्लब अपने पीक भीड़ के समय में था. पुलिस के मुताबिक, आग एक सिलेंडर धमाके के बाद फैली और कुछ ही क्षणों में पूरे क्लब को चपेट में ले लिया. मरने वालों में 14 स्टाफ मेंबर थे. जबकि बाकी पर्यटक बताए जा रहे हैं. घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया और रातभर फायर ब्रिगेड व पुलिस राहत और बचाव कार्य में जुटी रही.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत दोनों ने घटना पर दुख जताया है. PMO ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि की घोषणा की है.

परफॉर्मर ऊंचे प्लेटफॉर्म पर आग के बीच डांस करते थे और ये डांस एरिया भी बहुत बड़ा था.

CM सावंत का कड़ा एक्शन मालिक के खिलाफ FIR

गोवा नाइट क्लब त्रासदी पर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने पुष्टि की कि मामले में अब तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और साथ ही घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आज ही कुछ संबंधित अधिकारियों के निलंबन आदेश जारी किए जाएंगे. इस बीच डीजीपी आलोक कुमार ने क्लब के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की. मुख्यमंत्री सावंत ने 100% गिरफ्तारी का आश्वासन देते हुए स्पष्ट किया कि FIR में नामित हर व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा. यहां तक कि अगर किसी सरकारी अधिकारी का नाम भी आता है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. क्लब के मालिक गौरव लूथरा और सौरव लूथरा दिल्ली के निवासी बताए जा रहे हैं.

लापरवाही कैसे बनी मौत का सबसे बड़ा कारण?

शुरुआती जांच के मुताबिक, यह हादसा सिर्फ एक आग नहीं बल्कि कई स्तर की लापरवाही का नतीजा था.
क्लब में ओवरक्राउडिंग थी, वीकेंड की भीड़ उम्मीद से कहीं ज्यादा थी.
क्लब के अंदर फ्लेमेबल मटीरियल का इस्तेमाल हुआ था, जिससे आग तेजी से फैली.
बिल्डिंग में सीमित एग्जिट रूट थे, जिससे लोग बाहर निकल ही नहीं पाए.
सबसे बड़ा खतरा: कई लोग बेसमेंट एरिया में फंस गए जहां वेंटिलेशन बेहद खराब था.
आग ऊपर के फ्लोर से नीचे फैलती चली गई और धुएं ने लोगों का दम घोट दिया.

जांच टीम का कहना है कि अगर एस्केप रूट चौड़ा होता और वेंटिलेशन सिस्टम बेहतर होता, तो मौतों का आंकड़ा इतना भयावह न होता.

लोग क्यों फंसे? धुआं बना मौत की वजह

फायर डिपार्टमेंट ने बताया कि आग फैलने की असली वजह थी धुआं. अधिकतर लोगों की मौत जलने से नहीं बल्कि सफ़ोकेशन से हुई. क्लब का बेसमेंट हिस्सा पूरी तरह धुएं से भर गया था और एग्ज़िट तक पहुंचना लगभग नामुमकिन हो गया.

गोवा पुलिस ने कहा कि कई लोग बाहर निकलने के लिए दौड़े. लेकिन रास्ता इतना संकरा था कि भगदड़ की स्थिति बन गई. जो लोग क्लब के स्टाफ एरिया में थे, वे बाहर तक पहुंच ही नहीं पाए.

गिरफ्तारियां और राजनीतिक विवाद

घटना के बाद अंजुना पुलिस ने क्लब के चार मैनेजरों को गिरफ्तार कर लिया. यह मैनेजर अलग-अलग विभागों में काम करते थे. पुलिस अब जांच कर रही है कि फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, ओवरक्राउड परमिशन और इमरजेंसी एग्जिट को लेकर किन अधिकारियों ने अनुमति दी थी. दूसरी ओर, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के इस्तीफे की मांग की है. पार्टी का आरोप है कि सरकार की लापरवाही और ढीले नियम इस हादसे के लिए जिम्मेदार हैं.

‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाम के नाइट क्लब में अचानक आग लग गई, जिसमें कम से कम 25 लोगों की जान चली गई.

आगे क्या? सेफ्टी ऑडिट और बड़ी कार्रवाई की तैयारी

गोवा BJP विधायक माइकल लोबो ने कहा है कि इसी तरह के क्लबों और रेस्टो-बार में फायर सेफ्टी ऑडिट शुरू किया जाएगा. प्रशासन ने साफ किया है कि बिना सुरक्षा सर्टिफिकेशन वाले सभी क्लबों पर तुरंत कार्रवाई होगी. जांच के आधार पर अब कई बड़े नाइटक्लबों पर भी शिकंजा कस सकता है, क्योंकि घटना ने गोवा की नाइटलाइफ से जुड़े सुरक्षा मानकों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj