Rajasthan
यहां भगवान नहीं, एक वफादार कुत्ते की होती है पूजा; जानें क्यों ‘कूतरा बावजी’ के सामने नतमस्तक होते हैं लोग? – हिंदी

यहाँ भगवान नहीं… कुत्ते की होती है पूजा! शिकार से शुरू हुई कहानी
Dog Temple Jalore: जालौर के तिलोरा गांव में ‘कूतरा बावजी’ का मंदिर वफादारी की अनोखी मिसाल है. सालों पहले बाकरपुरा के ठाकुर खंगाल सिंह की जान आदमखोर सूअर से बचाने के चक्कर में एक बहादुर कुत्ते ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे. बाद में ठाकुर परिवार पर संकट आए तो साधु की सलाह पर इस मंदिर का निर्माण कराया गया. आज पूरा गांव इस वफादार जीव को देवता मानकर पूजता है. यह मंदिर सिखाता है कि पशु और इंसान के बीच वफादारी का रिश्ता अमर होता है.
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