गार्डनिंग टिप्स: घर पर आसान देसी तरीके से लगाए आवाले का पौधा , सर्दी में जोरदार तरीके से देंगे फल

Last Updated:December 16, 2025, 13:43 IST
गार्डनिंग टिप्स : सर्दी की शुरुआत के साथ ही गार्डनिंग का क्रेज़ बढ़ने लगा है. भीलवाड़ा में घर पर आंवला उगाने का चलन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. कम जगह, कम देखभाल और औषधीय गुणों से भरपूर आंवला न सिर्फ सेहत का खजाना है, बल्कि घर बैठे अतिरिक्त कमाई का भी बेहतरीन जरिया बन रहा है.
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भीलवाड़ा : आमतौर पर सर्दी स्टार्ट होते ही गार्डन खिलने लगते हैं क्योंकि यह टाइम गार्डडिंग करने वालों के लिए अच्छा माना जाता है. गार्डनिंग के शौकीनों के लिए आंवले का पौधा घर पर लगाना एक बेहतरीन और लाभकारी ऑप्शन है. देसी तरीकों से लगाया गया आंवले का पौधा न सिर्फ कम देखभाल में बढ़ता है. बल्कि सर्दी के मौसम में भरपूर फल भी देता है. आंवला औषधीय गुणों से भरपूर होता है और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. सही मिट्टी, धूप और पानी का संतुलन रखकर इसे गमले या घर के आंगन में आसानी से उगाया जा सकता है. थोड़ी सी मेहनत और टाइम टाइम देखभाल से यह पौधा कई वर्षों तक अच्छी पैदावार देता है. इसके साथ-साथ इसे बाजार में अच्छी कीमत पर बेच भी सकते हैं
भीलवाड़ा में आंवले की खेती करने वाले श्याम लाल ने बताया कि घर पर आंवले का पौधा लगाने के लिए ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती. इसे घर के आंगन, छत, बालकनी या बड़े गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है. इसके लिए उपजाऊ दोमट मिट्टी, जिसमें पानी निकासी की उचित व्यवस्था हो, आंवले के लिए सबसे बेहतर मानी जाती है. मिट्टी में गोबर की सड़ी खाद या वर्मी कम्पोस्ट मिलाने से पौधे की बढ़वार अच्छी होती है. बीज की बजाय नर्सरी से तैयार पौधा लगाना ज्यादा आसान और सफल तरीका माना जाता है, जिससे जल्दी फल मिलने की संभावना रहती है.
6 घंटे धूप, सही पानी… आंवले का पौधा देगा भरपूर फलआंवले के पौधे को पर्याप्त धूप की जरूरत होती है. रोजाना कम से कम 6 से 7 घंटे धूप मिलने से पौधा स्वस्थ रहता है और फलन अच्छा होता है. पानी संतुलित मात्रा में देना जरूरी है, क्योंकि ज्यादा पानी से जड़ें सड़ सकती हैं. गर्मियों में सप्ताह में दो से तीन बार और सर्दियों में जरूरत के अनुसार ही सिंचाई करनी चाहिए. समय-समय पर सूखी और कमजोर टहनियों की कटाई करने से पौधा मजबूत बनता है और नई शाखाएं निकलती हैं, जिससे फल की संख्या भी बढ़ती है. सर्दी का मौसम आंवले के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है.
देसी आंवला: स्वाद भी बेहतर, सेहत के लिए भी फायदेमंदइसी दौरान पौधे में फूल आते हैं और बाद में हरे-पीले रंग के आंवले लगने शुरू हो जाते हैं. देसी तरीकों से उगाया गया आंवला स्वाद में बेहतर होने के साथ-साथ ज्यादा पौष्टिक भी होता है. आंवले में विटामिन-C, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं. यही कारण हैं कि लोग अब बाजार के बजाय घर का उगाया हुआ आंवला ज्यादा पसंद कर रहे हैं.
घर में उगा आंवला बने कमाई का साधन, सेहत का खजानाआर्थिक दृष्टि से भी आंवले का पौधा काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. घर की जरूरत से ज्यादा फल होने पर इन्हें स्थानीय बाजार में अच्छी कीमत पर बेचा जा सकता है. इसके अलावा आंवले से मुरब्बा, चूर्ण, कैंडी, जूस और च्यवनप्राश जैसे उत्पाद तैयार कर अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकती है. इस तरह आंवले का पौधा न केवल सेहत का खजाना है, बल्कि घर बैठे कमाई का भी एक अच्छा साधन बन सकता है. थोड़ी सी मेहनत और नियमित देखभाल से यह पौधा कई वर्षों तक भरपूर पैदावार देता रहता है.
About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal
A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें
Location :
Bhilwara,Rajasthan
First Published :
December 16, 2025, 13:43 IST
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गार्डनिंग टिप्स: घर पर देसी तरीके से लगाएं आंवला, सर्दी में देगा भरपूर फल



