“रक्त रगों में बहे, सड़कों पर नहीं” – कोटा में सड़क सुरक्षा संग रक्तदान, आरटीओ-डीटीओ ने दिया मजबूत संदेश

कोटा : राज्य सरकार के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत जिले में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इस अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करना है. इसी क्रम में गुरुवार को परिवहन विभाग परिसर, कोटा में रक्तदान शिविर एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रादेशिक परिवहन अधिकारी मनीष कुमार शर्मा ने कहा कि “रक्त रगों में बहे, सड़कों पर नहीं” उन्होंने कहा कि सड़क पर बहने वाला खून किसी परिवार का सहारा छीन लेता है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह यातायात नियमों का पालन करे. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान एक माह तक विभिन्न माध्यमों से लोगों को समझाइश दी जाएगी और ट्रैफिक व सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा. शर्मा ने कहा कि मानव सेवा ऐसी होनी चाहिए जिसे लोग ताउम्र याद रखें और रक्तदान इसी सेवा का सर्वोत्तम उदाहरण है.
आरटीओ-डीटीओ ने किया रक्तदान, दिया संदेशआरटीओ मनीष कुमार शर्मा ने स्वयं रक्तदान कर उपस्थित लोगों को प्रेरित किया. उनके साथ डीटीओ सुरेंद्र सिंह राजपुरोहित ने भी रक्तदान किया और आमजन को रक्तदान के लिए आगे आने का संदेश दिया. डीटीओ राजपुरोहित ने कहा कि रक्तदान महादान है और एक यूनिट रक्त कई जिंदगियों को बचा सकता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और दुर्घटना होने पर घायल की मदद करने से पीछे न हटें.
घायल की मदद करें, कानून करेगा सुरक्षाकार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर यह भी संदेश दिया गया कि यदि किसी व्यक्ति का सड़क दुर्घटना में एक्सीडेंट हो जाए तो नागरिक होने के नाते उसकी सहायता करना हमारा नैतिक और सामाजिक दायित्व है. घायल को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए. अधिकारियों ने कहा कि कानून भी ऐसे मददगार नागरिकों, जिन्हें राहवीर कहा जाता है, की सुरक्षा करता है.
कोटा में सड़क सुरक्षा संग रक्तदान शिविरकोटा सड़क सुरक्षा समिति के उप सचिव भुवनेश गुप्ता ने बताया कि यह रक्तदान शिविर परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस, लायंस क्लब कोटा टेक्नो, जेसीआई कोटा स्टार तथा कोटा सड़क सुरक्षा समिति के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया. शिविर में परिवहन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, यातायात सलाहकारों सहित बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया और रक्तदान कर समाज सेवा का संदेश दिया.
25 यूनिट रक्त संग्रह, स्वास्थ्य जांच भी हुईरक्तदान शिविर में लगभग 25 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया. इसके साथ ही सौ से अधिक लोगों की हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर और वजन की जांच भी की गई, जिससे लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया गया. आयोजन में स्वास्थ्य सुरक्षा और सड़क सुरक्षा दोनों पहलुओं को एक साथ जोड़ा गया. कार्यक्रम में अतिथि के रूप में अशोक मीणा, पुलिस उपाधीक्षक ट्रैफिक, डीटीओ सुरेंद्र सिंह राजपुरोहित, डीटीओ शिवजी लाल, आरटीओ इंस्पेक्टर देवेंद्र जोशी, गिरधारी लाल मीणा, अवधेश कुमार डांगी तथा कोटा सड़क सुरक्षा समिति से तनु जोशी सहित कई अधिकारी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
राहवीर बनें युवा, बच सकती हैं जिंदगियांसंयोजक भुवनेश गुप्ता ने कहा कि रक्तदान से सामाजिक संस्कार विकसित होते हैं और आमजन में मदद करने की प्रवृत्ति जागृत होती है। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग यदि सड़क पर हो रही दुर्घटनाओं में आगे आकर राहवीर की भूमिका निभाए, तो कई बहुमूल्य जानें बचाई जा सकती हैं. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम न केवल सड़क सुरक्षा के महत्व को समझाने वाला रहा, बल्कि मानव सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और सुरक्षित यातायात संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ.



