क्या है 90/10 रूल? निवेश का ऐसा फॉर्मूला जिससे वॉरेन बफे ने कमाई अरबों की दौलत

Last Updated:March 21, 2026, 22:39 IST
दुनिया के मशहूर निवेशक वॉरेन बफे (Warren Buffett) का 90/10 रूल निवेश का एक आसान फॉर्मूला है, जिसमें पोर्टफोलियो का 90% हिस्सा कम लागत वाले इंडेक्स फंड में और 10% हिस्सा सुरक्षित सरकारी बॉन्ड्स में रखा जाता है.
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90/10 रूल: वॉरेन बफे का वो फॉर्मूला जिससे कोई भी बन सकता है अमीर
नई दिल्ली. शेयर बाजार में निवेश की जब भी बात आती है, तो दुनिया के सबसे सफल निवेशक वॉरेन बफे का नाम सबसे पहले आता है. बहुत से लोग सोचते हैं कि बफे के पास कोई जादुई छड़ी है या वो बहुत जटिल गणित का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन असलियत इसके ठीक उलट है. बफे जिस फॉर्मूले की सबसे ज्यादा वकालत करते हैं, वह बेहद आसान है और इसे ’90/10 रूल’ कहा जाता है. आइए समझते हैं कि यह फॉर्मूला क्या है और यह आम निवेशकों के लिए कैसे गेम-चेंजर साबित हो सकता है.
क्या है 90/10 का गणित?90/10 रूल मूल रूप से पोर्टफोलियो एलोकेशन की एक रणनीति है. बफे ने अपनी वसीयत में अपनी पत्नी के लिए भी इसी फॉर्मूले की सलाह दी है. इस नियम के 2 मुख्य हिस्से हैं:
90% हिस्सा – इंडेक्स फंड: आपके निवेश योग्य पैसे का 90% हिस्सा बहुत कम लागत वाले S&P 500 इंडेक्स फंड (भारत के संदर्भ में निफ्टी 50 या सेंसेक्स इंडेक्स फंड) में जाना चाहिए. इंडेक्स फंड का मतलब है देश की टॉप 50 या 500 कंपनियों में पैसा लगाना.
10% हिस्सा – सरकारी बॉन्ड: शेष 10% पैसा कम रिस्क वाले सरकारी बॉन्ड या शॉर्ट-टर्म ट्रेजरी बिल में होना चाहिए.
यह फॉर्मूला काम क्यों करता है?वॉरेन बफे का मानना है कि एक आम निवेशक के लिए इंडिविजुअल शेयरों को चुनना और बाजार के उतार-चढ़ाव को ट्रैक करना बहुत मुश्किल काम है. 90/10 रूल के सफल होने के पीछे तीन बड़े कारण हैं:
कम लागत: एक्टिवली मैनेज्ड म्यूचुअल फंड्स की तुलना में इंडेक्स फंड्स की फीस बहुत कम होती है. लंबे समय में यह बचाई गई छोटी सी फीस करोड़ों का अंतर पैदा कर देती है.
बाजार की शक्ति: इंडेक्स फंड का मतलब है कि आप पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर दांव लगा रहे हैं. अगर देश की टॉप कंपनियां बढ़ेंगी, तो आपका पैसा भी बढ़ेगा.
सुरक्षा का कवच: जो 10% हिस्सा सरकारी बॉन्ड में होता है, वह बाजार की गिरावट के समय आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता देता है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कैश उपलब्ध कराता है.
आम आदमी के लिए सीखअक्सर लोग शॉर्टकट और ‘टिप्स’ के चक्कर में अपना पैसा गंवा देते हैं. वॉरेन बफे का 90/10 रूल सिखाता है कि अनुशासन और सादगी ही अमीरी का असली रास्ता है. आपको किसी एक्सपर्ट की जरूरत नहीं है; बस इंडेक्स फंड में निवेश करें और उसे लंबे समय तक छोड़ दें.
About the Authorविनय कुमार झा
प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 8 सालों से Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 4 सालों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. मीडिया में करीब डेढ़ दशक का अनुभव रखते हैं. बिजन…और पढ़ें
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Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
March 21, 2026, 22:39 IST



