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पुतिन की बढ़ी मुसीबत, राष्ट्रपति के खिलाफ उठ खड़ी हुईं रशियन बालाएं, इस बात का है गुस्सा

Last Updated:April 19, 2026, 08:09 IST

Russia Vladimir Putin News: रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ सोशल मीडिया पर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है. हाल के दिनों में कई लोकप्रिय इन्फ्लुएंसर्स और ब्लॉगर्स पुतिन सरकार की नीतियों, खासकर इंटरनेट पाबंदियों और आर्थिक हालात को लेकर खुलकर आलोचना कर रहे हैं. इस बीच, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट और वीडियो रूस में बदलती जनभावना के संकेत दे रहे हैं.

रूसी ब्यूटी इन्फ्लुएंसर विक्टोरिया बोन्या ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में सीधे पुतिन को संबोधित करते हुए लिखा, ‘व्लादिमीर व्लादिमीरोविच, लोग आपसे डरते हैं. ब्लॉगर आपसे डरते हैं, कलाकार आपसे डरते हैं, गवर्नर आपसे डरते हैं…और आप हमारे देश के राष्ट्रपति हैं.’

बोन्या ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए है, जिनमें दागेस्तान में बाढ़ के दौरान धीमी प्रतिक्रिया, साइबेरिया में पशु वध के कथित कुप्रबंधन और सोशल मीडिया पर बढ़ती पाबंदियां शामिल हैं. बोन्या ने कहा कि इन प्रतिबंधों के कारण लोग अपने परिजनों से भी ठीक से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं और ऐसा लगने लगा है कि देश अब ‘आजाद’ नहीं रहा.

बोन्या अब मोनाको में रहती हैं और अपनी कॉस्मेटिक्स लाइन चलाती हैं. उनके इस इंस्टाग्राम वीडियो पर 2.83 करोड़ व्यूज़ और 15 लाख लाइक्स करीब 80 लाख कमेंट्स आए है, जिनमें से कई उनकी बहादुरी की तारीफ़ कर रहे थे.

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एक अन्य चर्चित इन्फ्लुएंसर आइजा ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध रूस की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका दे सकते हैं. उन्होंने उच्च कर, बढ़ती असमानता और नेताओं की संपत्ति पर सवाल उठाए, हालांकि बाद में उन्होंने अपना वीडियो हटा दिया.

इसी तरह, रूस की ब्लॉगर लिजा मोका ने एक भावुक वीडियो में कहा कि मौजूदा हालात में जीना मुश्किल हो गया है. उन्होंने बताया कि दूरदराज इलाके में रहने के कारण उनके बच्चों की पढ़ाई और उनका काम पूरी तरह इंटरनेट पर निर्भर है, लेकिन सरकारी प्रतिबंधों ने यह भी मुश्किल बना दिया है. उनका वीडियो भी लाखों लोगों तक पहुंचा.

एक 19 वर्षीय युवक आर्ट्योम ने भी वीडियो जारी कर कहा कि सोशल नेटवर्क्स पर प्रतिबंध और विज्ञापनों में अंग्रेजी शब्दों पर रोक जैसे फैसले लोगों की स्वतंत्रता को सीमित कर रहे हैं. उसने सवाल उठाया कि ‘आखिर आजादी कहां है?’ यह वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ.

मीडिया में भी सरकार की नीतियों को लेकर आलोचना देखने को मिल रही है. रूसी अखबार नेजाविसिमाया गजेटा में प्रकाशित एक लेख में इंटरनेट शटडाउन की तुलना सोवियत नेता जोसेफ स्टालिन के दौर में विज्ञान पर लगाए गए प्रतिबंधों से की गई. विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ता विरोध रूस में बदलते माहौल की ओर इशारा करता है. राजनीतिक विश्लेषक तातियाना स्तानोवाया के अनुसार, हाल के इंटरनेट प्रतिबंध और टेलीग्राम पर कार्रवाई ‘एक निर्णायक मोड़’ साबित हो सकते हैं.

दरअसल, यूक्रेन के साथ जारी लंबे संघर्ष और देश के भीतर बढ़ती आर्थिक मुश्किलों के बीच सरकार द्वारा लागू की गई सख्त नीतियों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. हालिया सर्वेक्षणों में भी पुतिन के समर्थन में गिरावट के संकेत मिले हैं. ऐसे में, सोशल मीडिया पर उठती आवाजें न केवल असंतोष का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि रूस में आम नागरिकों और खासकर युवा वर्ग के बीच बदलाव की एक नई लहर उभर रही है.

First Published :

April 19, 2026, 08:09 IST

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