जयपुर का अनोखा म्यूजियम! 20 हजार बेशकीमती पत्थरों का है खजाना, दुर्लभ रत्नों का संग्रह देख चौंक जाएंगे

जयपुर. पिंक सिटी जयपुर अपनी खास ज्वैलरी के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है, चाहे वह ज्वैलरी सोने-चांदी की हो या फिर आर्टिफिशियल, दोनों ही रूप में जयपुरी ज्वैलरी अपनी चमक बिखेर रही है. ऐसे ही जयपुरी ज्वैलरी के भव्य इतिहास और कीमती पत्थरों से सजा जयपुर का एक अनोखा महल है, जहां दुनियाभर के खास कीमती पत्थर सजे हैं, इसलिए इस महल का नाम ही खजाना महल है. खजाना महल जयपुर का एकमात्र ऐसा अनोखा संग्रहालय है, जहां ज्वैलरी में उपयोग होने वाले हजारों कीमती पत्थरों, बेशकीमती हीरे-जवाहरातों को संजोकर रखा गया है.
ये इतने खास हैं कि लोग इन्हें देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं और खजाना महल जयपुर का एक बेहतरीन टूरिस्ट स्पॉट बन चुका है. खजाना महल का यह अनोखा संग्रहालय जयपुर के जलमहल के पास स्थित है. यह महल की तरह बना हुआ है, जहां लोगों को वर्षों पुराने ज्वैलरी के इतिहास और दुनियाभर के कीमती पत्थरों की जानकारी के साथ उन्हें देखने का मौका मिलता है. यह संग्रहालय इतना भव्य है कि यहां रखे कीमती पत्थरों को उनके इतिहास के साथ समझने में ही महीनों का समय लग सकता है. खजाना महल संग्रहालय 3 एकड़ में बना है, जहां संग्रहालय के अलावा पर्यटकों को राजस्थानी कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिलती है.
100 साल पुराने सैकड़ों बेशकीमती पत्थरों से सजा है खजाना महल
लोकल 18 ने जयपुर के खजाना महल पहुंचकर यहां के कर्मचारियों से बातचीत की. उन्होंने बताया कि खजाना महल जयपुर का एकमात्र ऐसा संग्रहालय है, जहां दुनियाभर के कीमती पत्थरों का संग्रह देखने को मिलता है, जिनका उपयोग हजारों वर्षों से ज्वैलरी में किया जाता रहा है. यहां तक कि खजाना महल में रामसेतु के पवित्र पत्थर भी सुरक्षित रखे गए हैं. यहां आने वाले पर्यटकों को ज्वैलरी और कीमती पत्थरों के बेहतरीन औजार, ज्वैलरी पर लिखी गई किताबें और संग्रहालय में करीब 100 साल पुराने 400 प्रकार के पत्थर देखने को मिलते हैं.
खजाना महल के हर हिस्से में बनी है अलग-अलग गैलरियां
यहां 20 हजार से अधिक बेशकीमती पत्थर, आभूषण, डायनासोर की हड्डी, कोहिनूर हीरे का रेप्लिका, शार्क के दांत, हीरे, मोती, जेम स्टोन, टूटते तारे का पत्थर और ज्वालामुखी से निकले पत्थर देखने को मिलते हैं. खजाना महल के हर हिस्से में अलग-अलग गैलरियां बनी हुई हैं, जहां ज्वैलरी और कीमती पत्थरों को व्यवस्थित तरीके से सजाया गया है. यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं. महल के अंदर और बाहर सैकड़ों कैमरों और सुरक्षाकर्मियों की निगरानी रहती है. अंदर वीडियो और फोटो लेना मना है, लेकिन हर गैलरी को बारीकी से देखा जा सकता है.
खजाना महल को सबसे अधिक पसंद करते हैं पर्यटक
खजाना महल अब जयपुर आने वाले पर्यटकों के लिए एक खास टूरिस्ट स्पॉट बन चुका है. यहां पर्यटकों को कीमती वस्तुओं के साथ राजस्थानी संस्कृति और परंपराओं की झलक भी मिलती है. महल के बाहर सुंदर पार्क बना है, जहां लोग फोटोशूट करवाते हैं. प्रवेश से पहले राजस्थानी कलाकारों द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया जाता है और अंदर ज्वैलरी के इतिहास पर आधारित फिल्म भी दिखाई जाती है. यहां बच्चों के लिए भी खास आकर्षण मौजूद हैं. गर्मियों के मौसम में हर दिन हजारों पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं. खजाना महल देखने के लिए प्रति व्यक्ति 350 रुपये का टिकट निर्धारित है.



