प्रेम चोपड़ा को बनाया हीरो, टैक्सी बेचकर बनाई पहली फिल्म, पर 1 घटना ने हमेशा के लिए तोड़ दिया हौसला

Last Updated:April 19, 2026, 08:36 IST
नई दिल्ली. फिल्मी दुनिया में चमक-दमक जितनी दिखती है, उसके पीछे उतनी ही अनकही कहानियां भी छिपी होती हैं. इस चकाचौंध भरी फिल्मी दुनिया के कुछ सितारे ऐसे होते हैं जिनकी कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं होती हैं. खूंखार खलनायक प्रेम चोपड़ा को हीरो बनाने वाले इस फिल्ममेकर की कहानी भी कुछ ऐसी है. वो कहते हैं ना कि सपने देखने की कोई सीमा नहीं होती है. इस फिल्ममेकर ने भी अपनी हैसियत से बड़े सपने देखे और उन सपनों को सच भी कर दिखाया.
ये फिल्ममेकर सरदार सिंह सूरी हैं जिन्होंने अपने सपनों की खातिर सबकुछ दांव पर लगा दिया था, लेकिन पहली ही फिल्म के बाद कुछ ऐसा हुआ जिसने मेकर की हिम्मत हमेशा के लिए तोड़ दी. उनका दिल और हौसला ऐसा चकनाचूर हुआ कि उन्होंने फिल्मों की दुनिया से हमेशा के लिए दूरी बना ली.
रावलपिंडी से बंटवारे के बाद भारत आए सरदार सिंह सूरी ने अपनी जिंदगी की शुरुआत मुंबई की सड़कों पर टैक्सी चलाकर की. वो अपना और अपने परिवार का गुजारा करने के लिए दिन-रात टैक्सी चलाया करते थे, लेकिन उनकी आंखों में सिनेमा के सपने थे. वो पर्दे पर कुछ बड़ा कर दिखाने का ख्वाब लिए जी रहे थे.
सिनेमा में कुछ कर दिखाने का ख्वाब लिए सरदार सिंह सूरी दिन रात मेहनत करते थे. एक टैक्सी से शुरू हुआ उनका सफर तीन टैक्सी तक जा पहुंचा. धीरे-धीरे उन्होंने तीन टैक्सी खरीद डाली. मुंबई की सड़कों पर टैक्सी दौड़ाकर उनकी रोजी-रोटी अच्छी खासी चल रही थी, लेकिन उनकी दिल की धड़कनों में अजीब सी बेचैनी थी जो उन्हें सपनों की नगरी में अपने सपनों को सच करने की ओर ढकेल रही थी.
Add as Preferred Source on Google
फिल्ममेकर ने आखिरकार अपने दिल की आवाज सुनी और फिल्मों में कुछ कर दिखाने के लिए अपनी तीनों टैक्सी बेच डालीं. उन्होंने एक बार भी ये नहीं सोचा कि अगर फिल्मों में उनका करियर नहीं चला तो वो आखिर क्या करेंगे. सपनों की खातिर उन्होंने बिना कुछ सोचे-समझे अपनी तीनों टैक्सी बेच डालीं.
टैक्सी बेचकर उन पैसों से सरदार सिंह सूरी ने पंजाबी फिल्म ‘ए धरती पंजाब दी’ बनाई. इस फिल्म में उन्होंने प्रेम चोपड़ा को हीरो बनने का मौका दिया. इस फिल्म में फिल्ममेकर ने अपने जीवन भर की कमाई लगा दी थी.
जब ये पंजाबी फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो इसको जबरदस्त रिस्पांस मिला. हर तरफ इस फिल्म की चर्चा होने लगी थी. पंजाबी फिल्म ‘ए धरती पंजाब दी’ ने कुल 9 अवॉर्ड जीते थे, लेकिन मेकर की किस्मत ऐसी कि जिस फिल्म को बनाने के लिए उन्होंने अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया था, उसी के अवॉर्ड फंक्शन में जाने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे.
फिल्म को 9 अवॉर्ड मिले थे, लेकिन इसके अवॉर्ड फंक्शन में जाने के लिए प्रोड्यूसर की जेब में एक रुपया नहीं था. दरअसल, उन्होंने अपने एक पार्टनर के साथ फिल्म बनाई थी जिसने उनके साथ धोखाधड़ी की और फिल्म की कमाई का सारा हिस्सा रख लिया. सरदार सिंह पूरी को उनका हिस्सा नहीं मिल पाया जिसकी वजह से उनके पास अवॉर्ड फंक्शन में जाने तक के पैसे नहीं थे.
इस घटना ने फिल्ममेकर की हिम्मत तोड़ कर रख दी. उन्होंने फिल्मों की दुनिया से हमेशा के लिए दूरी बना ली और फिल्ममेकिंग छोड़ दी. पहली ही फिल्म के बाद वो फिल्मों की चकाचौंध भरी दुनिया से हमेशा के लिए दूर हो गए. प्रेम चोपड़ा आज भी सरदार सिंह सूरी को याद करते हैं और फिल्मों में लाने का श्रेय फिल्ममेकर को ही देते हैं.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :
April 19, 2026, 08:36 IST



