Imphal Violence News: इम्फाल में बवाल: धुएं के गुबार में डूबा सगोलबंद, टॉर्च मार्च पर पुलिस का एक्शन; जानें क्यों भड़की आग?

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इम्फाल में बवाल, सगोलबंद धुएं में डूबा; टॉर्च मार्च पर पुलिस एक्शन
Last Updated:April 19, 2026, 10:40 IST
Imphal Violence: मणिपुर की राजधानी इम्फाल के सगोलबंद में टॉर्च मार्च के बाद हालात अचानक बिगड़ गए. आंसू गैस और धुआं बमों से पूरा इलाका धुएं में डूब गया और पांच लोग घायल हो गए. दो बच्चों की मौत के बाद भड़के इस विरोध ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. कई युवाओं को हिरासत में लिया गया है और तनाव अब भी बना हुआ है.
इम्फाल के सगोलबंद में विरोध प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस और धुआं बमों का इस्तेमाल. (फोटो )
Imphal Violence News: मणिपुर में हिंसा कभी भी भड़क जाती है. एक बार फिर मणिपुर की राजधानी इम्फाल में हिंसा भड़की है. इम्फाल की सड़कों पर उठता धुआं सिर्फ आंसू गैस का नहीं था, बल्कि लोगों के गुस्से और डर का भी था. सगोलबंद इलाके में जो कुछ हुआ, उसने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर आम नागरिक कितने सुरक्षित हैं. दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूटना स्वाभाविक था, लेकिन हालात इस कदर बिगड़ गए कि पूरा इलाका युद्ध जैसा नजर आने लगा. टॉर्च मार्च से शुरू हुआ विरोध अचानक हिंसक मोड़ ले बैठा और फिर जो हुआ, उसने पूरे शहर को दहला दिया. धुएं के गुबार, भागते लोग और सायरनों की आवाज यह सब एक गहरी बेचैनी की कहानी कह रहे हैं.
शनिवार को इम्फाल वेस्ट के सगोलबंद में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस और धुआं बमों का इस्तेमाल किया. इस दौरान कम से कम पांच लोग घायल हुए और कई युवाओं को हिरासत में लिया गया. इलाके में देर शाम तक तनाव बना रहा.
टॉर्च मार्च से भड़का विरोध, धुएं में घिरा इलाका
यह विरोध दरअसल 7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले के मोइरांग त्रोंगलाओबी गांव में हुए हमले के बाद भड़का, जिसमें रॉकेट जैसे विस्फोटक से एक घर को निशाना बनाया गया था. इस हमले में एक पांच साल के बच्चे और उसकी पांच महीने की बहन की मौत हो गई थी, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हुई थीं. इसी घटना के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे और सरकार से जवाबदेही की मांग करने लगे.
शनिवार रात निकाले गए टॉर्च मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए. जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी. इसके बाद सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे, जिससे पूरे इलाके में धुआं फैल गया और अफरा-तफरी मच गई.
रविवार को भी हालात तनावपूर्ण बने रहे. सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की गई और कई युवाओं को हिरासत में लिया गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लगातार आंसू गैस छोड़े जाने से लोगों में घबराहट फैल गई और कई लोग सुरक्षित जगहों की ओर भागते नजर आए.
सगोलबंद में हिंसा की शुरुआत कैसे हुई?
यह विरोध त्रोंगलाओबी गांव में हुए हमले के बाद शुरू हुआ, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई थी. इसी घटना के खिलाफ लोगों ने टॉर्च मार्च निकाला, जो बाद में हिंसक हो गया.
सुरक्षा बलों ने क्या कार्रवाई की?
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस और धुआं बमों का इस्तेमाल किया. लगातार शेलिंग से पूरा इलाका धुएं में डूब गया और हालात बिगड़ गए.
कितने लोग घायल हुए और कितनों को हिरासत में लिया गया?
इस झड़प में कम से कम पांच लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा कई युवाओं को हिरासत में लिया गया है, हालांकि सटीक संख्या स्पष्ट नहीं है.
इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
त्रोंगलाओबी हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी कर रही है. इस मामले में यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी से जुड़े पांच संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है.
बढ़ता आक्रोश और सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं. लोगों का कहना है कि लगातार हो रही हिंसा के बावजूद पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे. प्रशासन अब हालात सामान्य करने की कोशिश में जुटा है, लेकिन लोगों के मन में डर और गुस्सा दोनों अभी भी कायम हैं.
About the AuthorSumit KumarSenior Sub Editor
सुमित कुमार हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें
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First Published :
April 19, 2026, 10:40 IST



