सीरवी समाज अफीम प्रतिबंध पाली

Last Updated:April 19, 2026, 09:20 IST
Seervi Samaj Opium Ban Pali News: पाली के बूसी गांव में सीरवी समाज ने मृत्युभोज में अफीम परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. आईमाता वडेर महोत्सव के दौरान लिए गए इस निर्णय के तहत नियम तोड़ने वाले पर 51,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. समाज ने इसे ‘काले जहर’ के खिलाफ बड़ी जंग करार दिया है, ताकि परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ और नशे की लत को खत्म किया जा सके. यह फैसला नशा मुक्ति और सामाजिक सुधार की दिशा में एक बड़ी मिसाल बनकर उभरा है.
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Seervi Samaj Opium Ban Pali News: राजस्थान की मारवाड़ भूमि जहाँ अपनी गौरवशाली परंपराओं के लिए जानी जाती है, वहीं अब यह क्षेत्र सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जंग के लिए भी सुर्खियों में है. पाली जिले के बूसी गाँव में सीरवी समाज ने वर्षों से चली आ रही एक घातक परंपरा को जड़ से खत्म करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. समाज ने मृत्युभोज जैसे दुखद अवसरों पर अफीम (जिसे ‘काला जहर’ कहा जाता है) परोसने के चलन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है. यह निर्णय न केवल नशा मुक्ति की दिशा में एक साहसिक कदम है, बल्कि उन गरीब परिवारों के लिए भी बड़ी राहत है जो सामाजिक दबाव में अफीम जैसी महंगी वस्तु पर लाखों रुपये खर्च करने को मजबूर थे.
इस क्रांतिकारी निर्णय की पटकथा सोमेसर क्षेत्र के बूसी गांव में आईमाता वडेर की नवम वर्षगांठ के दौरान लिखी गई. इस धार्मिक महोत्सव में जहाँ एक ओर मंदिर शिखर पर ध्वजा चढ़ाने और भजन-कीर्तन का भक्तिमय आयोजन चल रहा था, वहीं दूसरी ओर समाज की दशा बदलने के लिए एक विशेष बैठक आयोजित की गई. आईमाता कमेटी के अध्यक्ष हीरालाल सोलंकी के सानिध्य में हुई इस बैठक में समाज के पंचों ने बढ़ते नशे और फिजूलखर्ची पर गहरी चिंता जताई. सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास किया गया कि अब से मृत्युभोज में अफीम का वितरण अपराध माना जाएगा.
जुर्माने का सख्त प्रावधानसमाज ने इस नियम को महज एक सलाह तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे कड़ाई से लागू करने के लिए भारी जुर्माने का प्रावधान किया है. बैठक में तय किया गया कि यदि समाज का कोई भी व्यक्ति इस नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है या छिपकर अफीम परोसता है, तो उस पर 51,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा. पंचों का मानना है कि बिना कड़े नियमों के समाज से नशे जैसी जड़ें जमा चुकी बुराई को उखाड़ना संभव नहीं है. समाज के इस सख्त रुख की अब पूरे जिले में सराहना हो रही है.
नई पीढ़ी के भविष्य के लिए संकल्पकार्यक्रम के समापन पर हीरालाल सोलंकी, धनराज चौधरी और मोहन चौधरी सहित कई प्रबुद्धजनों ने समाज के युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया. उपस्थित सभी समाज बंधुओं ने माताजी को साक्षी मानकर संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहेंगे, बल्कि अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि सीरवी समाज का यह फैसला अन्य समाजों के लिए भी एक प्रेरक मिसाल साबित होगा, जिससे मारवाड़ में एक स्वस्थ और व्यसन मुक्त समाज की नींव रखी जा सकेगी.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें
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Location :
Pali,Pali,Rajasthan
First Published :
April 19, 2026, 09:20 IST



